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मध्य प्रदेशः ग्रामीणों ने गो-तस्करी के आरोप में गोवंश ले जा रहे 25 लोगों को पकड़ा, पीटा

मामला खंडवा ज़िले का है, जहां रविवार को ग्रामीणों की भीड़ ने आठ ट्रकों में गोवंश ले जा रहे लोगों पकड़कर उनके हाथ रस्सी से बांधे, खदेड़ते हुए थाने तक लेकर गए और गोमाता की जय के नारे लगवाए.

(फोटो: पीटीआई)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

खंडवाः मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में रविवार को ग्रामीणों ने गो-तस्करी के आरोप में 25 लोगों को पकड़कर उन्हें रस्सी से बांधा और थाने तक ले जाते हुए उनसे गोमाता की जय के नारे लगवाए.

रस्सी से उन सभी के हाथ बांधकर उन्हें करीब दो किलोमीटर तक लाठी-डंडों से खदेड़कर खालवा पुलिस थाने ले गए. बाद में इन सभी कथित गो-तस्करों को उन्होंने पुलिस के हवाले कर दिया.

यह घटना खंडवा जिले से करीब 60 किलोमीटर दूर सांवलीखेड़ा गांव की है. इस मामले में पुलिस ने गोवंश की कथित तौर पर तस्करी करने वालों और उन्हें पकड़ने वाले ग्रामीणों, दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

ग्रामीणों के अनुसार ये लोग ट्रकों में गोवंश की तस्करी कर रहे थे. इन लोगों द्वारा इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर डाला गया.

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कथित गो तस्करों के हाथ को एक बड़ी रस्सी से बांधा गया और कान पकड़वाकर उन्हें मुर्गा भी बनाया गया. इनके इर्द-गिर्द चल रहे ग्रामीण उन्हें सड़क पर खदेड़ते हुए ले जाते दिखाई दे रहे हैं. इनमें से कुछ के हाथ में डंडे भी नजर आ रहे हैं.

इनके पीछे गोवंश से लदे वे ट्रक भी थाने ले जाए जाते दिख रहे हैं, जिनमें गोवंश की कथित तस्करी की बात कही जा रही थी. कथित गोरक्षकों ने आरोपियों से उठक-बैठक लगवाकर उनसे गोमाता की जय भी बुलवाया.

इसके बाद इन ग्रामीणों ने इन सभी कथित गो तस्करों, गोवंश और ट्रकों को पुलिस के हवाले कर दिया.

खालवा पुलिस थाना प्रभारी हरिशंकर रावत ने कहा, ‘गोवंश परिवहन में पकड़े गए सभी 25 आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम एवं गोवंश प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और विस्तृत जांच जारी है.’

उन्होंने बताया कि 21 गोवंश जब्त किए गए हैं. इन्हें पास के ही गांव खार की गौशाला में भेज दिया गया है.

रावत ने बताया कि करीब 100 ग्रामीणों ने इन कथित तस्करों को खंडवा जिले के सांवलीखेड़ा गांव में आज सुबह उस वक्त पकड़ा, जब ये आठ ट्रकों में भरकर गोवंश को ले जा रहे थे. ग्रामीणों ने उनके साथ कथित दुर्व्यवहार किया.

रावत ने कहा कि सभी आरोपी हरदा जिले से गोवंश को ट्रकों में लादकर खालवा होते हुए जंगल के रास्ते कथित तौर पर वध के लिए पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र ले जा रहे थे.

खंडवा जिले के पुलिस अधीक्षक शिव दयाल सिंह ने कहा, ‘हमने उन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, जो बिना अनुमति के गायों को ले जा रहे थे. वहीं, हमने किसानों सहित उन गांव वालों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, जिन्होंने गोवंश परिवहन करने वालों को पकड़ने के बाद पुलिस को जानकारी नहीं दी और उनके साथ गलत बर्ताव किया.’

एनडीटीवी के अनुसार सिंह ने यह भी बताया कि आरोपियों का दावा है कि वे मवेशियों के मालिक हैं और उन्हें महाराष्ट्र से सटे पशु मेले में ले जा रहे थे, लेकिन किसी के पास भी अपने दावों को साबित करने के लिए वैध दस्तावेज नहीं थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)