राजनीति

मोदी की एमए डिग्री में बताया गया पेपर उस दौर में नहीं था: पूर्व प्रोफेसर

गुजरात विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर जयंती पटेल ने एक फेसबुक पोस्ट में दावा किया है कि नरेंद्र मोदी की डिग्री में जिस पेपर का उल्लेख किया गया है, उस समय एमए के दूसरे साल में ऐसा कोई पेपर नहीं था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: Narendramodi.in)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: Narendramodi.in)

गुजरात विश्वविद्यालय के एक पूर्व प्रोफेसर जयंती पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री के बारे में एक फेसबुक पोस्ट लिखकर परोक्ष रूप से उनकी डिग्री पर सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने लिखा था कि गुजरात विश्वविद्यालय के कुलपति ने जिन विषयों का नाम लिया था, वे उस समय एमए पार्ट-2 में नहीं थे. हालांकि पटेल ने बाद में इस कथित फेसबुक पोस्ट को डिलीट कर दिया.

पिछले साल प्रधानमंत्री की डिग्री पर सवाल उठने के बाद गुजरात विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा प्रधानमंत्री के एमए के विषयों के नाम बताए गए थे. इसी पर प्रकाशित एक रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए जयंती पटेल ने यह पोस्ट लिखा था.

आउटलुक की ख़बर के अनुसार जयंती पटेल ने लिखा था, ‘इन पेपरों के नाम में कुछ सही नहीं  है. जहां तक मेरी जानकारी है उस समय एमए के दूसरे साल में इन नामों का कोई पेपर नहीं हुआ करता था. मैं वहीं राजनीति विज्ञान विभाग में था. मैंने वहां 1969 से जून 1993 तक पढ़ाया है.’

इस पोस्ट में उन्होंने यह भी लिखा कि उनकी क्लास में मोदी की अटेंडेंस कम थी, जिसकी वजह से उन्होंने उन्हें (मोदी को) अपनी क्लास में आने की इजाज़त नहीं दी थी पर शायद सभी ने ऐसा नहीं किया था, पर मोदी को सलाह दी गई थी कि वे ग़ैर-संस्थागत छात्र के रूप में पढ़ सकते हैं.

Outlook

आउटलुक में प्रकाशित रिपोर्ट

पिछले साल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी की डिग्री पर सवाल खड़ा करते हुए सूचना विभाग से उनकी मार्कशीट की मांग की थी, जिसके बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कांफ्रेंस कर केजरीवाल के आरोपों का खंडन करते हुए, मोदी की मार्कशीट की कॉपी पेश की थी.

इंडियन एक्सप्रेस की पिछले साल प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार यह कहा गया था कि मोदी राजनीति विज्ञान में एमए हैं और वे फर्स्ट क्लास अंकों से पास हुए थे. गुजरात विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति एमएन पटेल ने कहा था कि मोदी ने राजनीति विज्ञान में ग़ैर-संस्थागत छात्र के बतौर एमए में 63.3 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. पहले वर्ष में उन्होंने 800 में से कुल 499 अंक हासिल किए थे. जबकि दूसरे वर्ष में 400 में से 262 अंक उन्हें मिले थे.’

डिग्री की मार्कशीट मांगने पर एमएन पटेल ने तब इसे देने से मना करते हुए कहा था, ‘हम किसी भी छात्र की डिग्री या मार्कशीट किसी भी मीडिया या तीसरे व्यक्ति को नहीं दे सकते. विश्वविद्यालय 30 वर्ष पुराना कोई भी दस्तावेज़ देने के लिए बाध्य नहीं है. मुझे सूचना विभाग या पीएमओ से किसी भी तरह का निर्देश नहीं मिला है और अगर वहां से कोई भी निर्देश दिया जाएगा, तभी मार्कशीट मीडिया से साझा किया जाएगा.’

गुजरात विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर नरेंद्र मोदी का नाम

गुजरात विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर एलुमनी लिस्ट में नरेंद्र मोदी का नाम

पटेल ने यह भी कहा कि उन्होंने मोदी की डिग्री की जानकारी पीएमओ को वॉट्सऐप पर भेजी थी, लेकिन सिर्फ जानकारी मार्कशीट नहीं. उन्होंने यह भी कहा, ‘हमारे रिकॉर्ड के अनुसार मोदी अपना स्नातकोत्तर प्रमाण पत्र ले चुके हैं और उनका नाम हमारी वेबसाइट पर भी मौजूद है.’

स्क्रॉल की ख़बर के अनुसार, गुजरात यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ महेश पटेल ने जयंती पटेल के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि 30 साल पहले ये पेपर उस कोर्स का हिस्सा थे.

ज्ञात हो कि नरेंद्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान हलफनामे में बताया था कि उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए और गुजरात विश्वविद्यालय से एमए किया है.