भारत

आंध्र प्रदेश: 2014-19 के बीच 1,513 किसानों ने की आत्महत्या, सिर्फ 319 परिवारों को मुआवजा मिला

मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे आंकड़ों की पुष्टि करें और सभी हकदार पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजा दिया जाए.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी. (फोटो साभार: फेसबुक)

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी. (फोटो साभार: फेसबुक)

अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को बताया कि राज्य में 2014 से 2019 के दौरान 1,513 किसानों ने आत्महत्या की, जबकि 391 परिवारों को ही अनुग्रह राशि (मुआवजा) दिया गया.

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए राज्य मुख्यालयों से जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को संबोधित किया.

उन्होंने कहा, ‘राज्य में जिला अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े के अनुसार 2014-19 के दौरान 1,513 किसानों ने आत्महत्या की लेकिन सिर्फ 391 मामलों में ही अनुग्रह राशि दी गयी.’

उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे इन आंकड़ों की पुष्टि करें और इसके हकदार सभी पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजा दिया जाए.

जगन ने कलेक्टरों को कहा, ‘स्थानीय विधायक के साथ उन परिवारों के पास जाएं और उनमें आत्मविश्वास जगाएं. हर परिवार को राज्य सरकार की ओर से सात लाख रुपये की अनुग्रह राशि का भुगतान करें. हम लोग यह सुनिश्चित करने के लिए एक कानून लेकर आएंगे ताकि अनुग्रह राशि गलत हाथों में नहीं जाये.’

जगन ने कहा कि उनकी सरकार ‘जनता की सरकार है और वह मानवीय दृष्टिकोण रखती’ है और प्रशासन के व्यवहार से यह बात झलकनी चाहिए.
मुख्यमंत्री ने हर स्तर पर भ्रष्टाचार खत्म करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

रेड्डी ने कलेक्टरों से कहा, ‘मैं अपने स्तर पर भष्टाचार खत्म करने की शुरुआत करता हूं. आप अपने स्तर पर कीजिए. मंडल स्तर के अधिकारियों को बुलाइए, उन्हें समझाइए और फिर भ्रष्टाचार खत्म करने का काम कीजिए.’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अगले दो-तीन महीनों में उनसे एक सकारात्मक रिपोर्ट मिलनी चाहिए. जगन मोहन रेड्डी ने कहा, ‘इंटेलिजेंस विंग को मुझे रिपोर्ट करना चाहिए कि रिश्वत देने की आवश्यकता के बिना चीजें हो रही हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)