नॉर्थ ईस्ट

बिहार में बाढ़ से 67 और असम में 28 लोगों की मौत

बिहार के 12 ज़िलों में आई बाढ़ से 46 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित. असम में 57 लाख से अधिक लोग बाढ़ की वजह से विस्थापित हुए. मेघालय में 1.3 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित, मिज़ोरम में पांच हज़ार से ज़्यादा लोग शिविरों में रहने को मजबूर.

Kamrup: People shift belongings from their submerged house at a flood-affected area, at Hatishila in Kamrup, Tuesday, July 16, 2019. (PTI Photo) (PTI7_16_2019_000096B)

असम के कामरूप ज़िले के बाढ़ प्रभावित हटिशिला से सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर जाते लोग. (फोटो: पीटीआई)

पटना/गुवाहाटी: बिहार के 12 जिलों में आई बाढ़ से अब तक 67 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 46 लाख 83 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.

वहीं असम में बाढ़ और वर्षा जनित हादसों की वजह से अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है.

आपदा प्रबंधन विभाग से बीते बुधवार को प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बिहार के 12 जिलों- शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, सुपौल, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया एवं कटिहार- में अब तक 67 लोगों की मौत हुई है जबकि 46 लाख 83 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है.

बिहार में बाढ़ से हुई 67 मौतों में सीतामढ़ी में 17, अररिया में 12, मधुबनी में 11, शिवहर में 9, पूर्णिया में 7, दरभंगा में 5, किशनगंज में 4 और सुपौल में 2 लोगों की मौत हुई है.

बाढ़ प्रभावित 12 जिलों में कुल 137 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं जहां 1,14,721 लोग शरण लिए हुए हैं. उनके भोजन की व्यवस्था के लिए 1,116 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही है.

राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कुल 26 टीमें लगाई गई हैं और 125 मोटरबोटों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

इस बीच, बिहार विधान परिषद परिसर में बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए राजद की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राज्य में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह किया.

भाकपा (माले) ने प्रदेश की नीतीश कुमार सरकार पर युद्ध स्तर पर राहत और पुनर्वास करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके परिणामस्वरूप प्रभावित क्षेत्रों में या तो लोग मर रहे हैं अथवा असुरक्षित जीवन जीने के लिए मजबूर हैं.

केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बिहार की कई नदियां गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, अधवारा समूह, कमला बलान, कोसी, महानंदा और परमान नदी विभिन्न स्थानों पर बुधवार सुबह खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं.

एक अधिकारी ने बताया कि नेपाल में पिछले दो दिन में बारिश की कमी होने से अब यहां संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोकने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

पड़ोसी देश नेपाल में भी बाढ़ का कहर जारी है. नेपाल के गृह मंत्रालय की सूचना के अनुसार, देश में बाढ़ और भूस्खलन की वजह से अब तक 90 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 29 लोग लापता है.

असम में बाढ़ से 27 लोगों की मौत

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 28 तक पहुंच गई.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक 17 जून तक असम के 29 ज़िलों के 4,626 गांवों के तकरीबन 57,51,938 लोग बाढ़ से प्रभावित थे. राज्य में 427 राहत शिविर बनाए गए हैं और अब 28 लोगों की मौत बाढ़ की वजह से हो गई है.

प्राधिकरण के अनुसार, मोरीगांव में चार, सोनितपुर और उदालगिरी में दो-दो जबकि कामरूप (महानगर) और नौगांव जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई है.

प्राधिकरण ने बताया कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में एक गैंडे की मौत हो गई जबकि ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां गुवाहाटी समेत कई इलाकों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने वेस्ट गारो हिल्स जिला और खासी हिल्स क्षेत्र के कुछ हिस्सों में आई बाढ़ से निपटने के लिए केंद्र सरकार से सहायता मांगी है. बाढ़ की वजह से राज्य में 1.3 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.

मिजोरम में 5,000 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं और पिछले सात दिन में हुई भारी बारिश की वजह से बनी बाढ़ की स्थिति के बाद 4,000 लोगों को खाली कराया जा रहा है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)