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बोरिस जॉनसन होंगे ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री

बोरिस जॉनसन ने अपने ही दल कंज़र्वेटिव पार्टी के जेरेमी हंट को हराया. ब्रेक्जिट को लेकर यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौते को संसद से पास न करा पाने की वजह से टेरेसा मे ने इस साल जून में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

बोरिस जॉनसन. (फोटो साभार: ट्विटर)

बोरिस जॉनसन. (फोटो साभार: ट्विटर)

नई दिल्ली: विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री चुन लिए गए हैं. सत्ताधारी कंजर्वेटिव पार्टी के नेता के लिए हुए चुनाव में जॉनसन ने अपने प्रतिद्वंदी जेरेमी हंट को भारी मतों से हरा दिया. वे निवर्तमान प्रधानमंत्री टेरेसा मे की जगह लेंगे.

इस साल जून में टेरेसा मे ने ब्रेक्जिट को लेकर यूरोपीय संघ के साथ समझौते को संसद से पास न करा पाने की वजह से इस्तीफ़ा दे दिया था.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, 2016 में हुए ब्रेक्जिट जनमतसंग्रह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जॉनसन ने कन्जर्वेटिव पार्टी के 92,153 सदस्यों का मत हासिल किया जबकि उनके प्रतिद्वंदी हंट को 46,656 सदस्यों का मत हासिल हुआ. प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए कुल 1.6 लाख मतदाताओं ने भाग लिया था.

प्रधानमंत्री बनने के साथ ही जॉनसन के कंधों पर अगले तीन महीनों में ब्रेक्जिट को किसी नतीजे पर पहुंचाने की जिम्मेदारी आ गई है.

नतीजों की घोषणा के बाद अपने पहले संबोधन में जॉनसन ने कहा कि एक प्रधानमंत्री के रूप में वे ब्रेक्जिट सफल करेंगे, पूरे देश को एकजुट करेंगे और विपक्षी लेबर पार्टी को हराएंगे.

उन्होंने कहा, ‘मैं शक करने वाले उन सभी लोगों से कहना चाहता हूं, हमलोग इस देश को ऊर्जांवित करने जा रहे हैं. हमलोग ब्रेक्ज़िट को संभव कर के दिखाएंगे. वो एक प्रधानमंत्री के रूप में देश के भीतर कर दिखाने की भावना जगाएंगे.’

हाउस ऑफ कॉमंस (निम्न सदन) के आखिरी प्रश्नकाल में शामिल होने के बाद बुधवार को टेरेसा मे क्वीन एलिजाबेथ की मौजूदगी में औपचारिक रूप से अपना पद छोड़ देंगी.

इसके बाद बुधवार दोपहर को जॉनसन के प्रधानमंत्री बनने का औपचारिक शपथ ग्रहण समारोह होगा. इसके बाद वे डाउनिंग स्ट्रीट लौटकर जनता को संबोधित करेंगे.

बता दें कि, इटॉन और ऑक्सफोर्ड से पढ़ाई करने वाले 55 वर्षीय पूर्व पत्रकार बोरिस जॉनसन की शादी भारतीय मूल की मरीना व्हिलर से हुई है.

इस जीत के बाद जॉनसन के ऊपर जो दो सबसे बड़ी जिम्मेदारियां होंगी वे यूरोपीय संघ से ब्रिटेन को बाहर निकालकर ब्रेक्जिट सफल कर दिखाने और देश में पैदा होने वाली सांविधानिक संकट से निपटने की होगी. इसका कारण है कि ब्रिटिश सांसदों ने यह तय कर लिया है कि वे हर उस सरकार को गिरा देंगे जो कि बिना सौदा किए हुए यूरोपीय संघ को छोड़ने का प्रयास करेगी.

साल 2016 में हुए जनमतसंग्रह में यूरोपीय संघ को छोड़ने के ब्रिटेन के फैसले के बाद जॉनसन की जीत ने कट्टर ब्रेक्जिट समर्थकों के हाथ में सत्ता आ गई है.

जॉनसन की इस जीत पर टेरेसा मे ने उन्हें बधाई दी है. उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि हमलोग अब मिलकर ब्रेक्ज़िट के लिए काम करेंगे. मेरी तरफ से आपको पूरा समर्थन मिलेगा.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोरिस जॉनसन को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बनाए जाने पर बधाई दी है और उन्होंने कहा कि वो महान नेता साबित होंगे.