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बिहार में बाढ़ से 106 और असम में 68 लोगों की मौत

बिहार के 12 ज़िलों में आई बाढ़ से 80 लाख 85 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है, जबकि असम के 19 जिले के 28.01 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं.

Muzaffarpur: Flood-affected villagers use a boat to take a patient to hospital from their inundated village, at Mithan Sharay in Muzaffarpur, Tuesday, July 23, 2019. (PTI Photo) (PTI7_23_2019_000233B)

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मिठन सराय में नाव से सुरक्षित स्थान की ओर जाते लोग. (फोटो: पीटीआई)

पटना/गुवाहाटी: बारिश और बाढ़ की वजह से बिहार और असम को राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही हैं. बिहार में बाढ़ और बारिश जनित हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 106 हो गई है, जबकि असम में यह आंकड़ा 68 पहुंच गया है.

बिहार के 12 ज़िलों में आई बाढ़ से 80 लाख 85 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है.

आपदा प्रबंधन विभाग से बुधवार को प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिहार के 12 जिलों- शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, सुपौल, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया एवं कटिहार में अब तक 106 लोगों की मौत हुई है जबकि 80 लाख 85 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हुई.

बिहार में बाढ़ से मरने वाले 106 लोगों में सीतामढ़ी के 27, मधुबनी के 25, अररिया के 12, शिवहर एवं दरभंगा के 10-10, पूर्णिया के 9, किशनगंज के 5, सुपौल के 3, पूर्वी चंपारण एवं मुजफ्फरपुर के 2-2 और सहरसा के एक व्यक्ति शामिल हैं.

बाढ़ प्रभावित इन 12 जिलों में कुल 54 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं जिसमें 29,400 लोगों ने शरण ले रखी है और उनके भोजन की व्यवस्था के लिए 812 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही है.

बाढ़ प्रभावित इलाके में राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कुल 26 टीमें तैनात की गई हैं तथा 125 मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है.

केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिहार की नदियां बूढी गंडक, बागमती, अधवारा समूह, कमला बलान, कोसी, महानंदा और परमान नदी विभिन्न स्थानों पर बुधवार सुबह खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी.

भारत मौसम विभाग के अनुसार बिहार की सभी नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में बुधवार की सुबह तक साधारण बारिश की संभावना जतायी गयी है.

बिहार में आकाशीय बिजली गिरने से नौ लोगों की मौत

औरंगाबाद/भागलपुर: बिहार के औरंगाबाद और भागलपुर जिले में मंगलवार को आकाशीय बिजली की चपेट में आकर नौ लोगों की मौत हो गई. औरंगाबाद जिला के गोह प्रखंड में मंगलवार शाम हो रही बारिश के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आकर एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई.

गोह थानाध्यक्ष वनकटेश्वर ओझा ने बताया, ‘शवों को थाना लाया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.’ औरंगाबाद जिला के रफीगंज और कासमा थाना क्षेत्र में भी मंगलवार को तीन लोगों की आकाशीय की चपेट में आने से मौत हो गई.

इसी वजह से भागलपुर जिला के सनोखर अमडंडा थाना क्षेत्रों में मंगलवार को एक युवक और एक महिला की मौत हो गई.

सनोखर थाना प्रभारी रंजीत कुमार ने बताया कि मृतक का नाम फैती यादव (20) है. अमडंडा थाना प्रभारी अरबिंद कुमार ने बताया, ‘श्रीमतपुर बेलसर गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आकर राजेंद्र मंडल की 39 वर्षीय पत्नी वंदना देवी की मौत हो गई.’

असम में बाढ़ से मरने वाले जानवरों की संख्या 204 हुई

असम में बाढ़ के कारण मंगलवार को दो और व्यक्तियों की मौत के साथ मरने वालों की संख्या 68 तक पहुंचने के बीच बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है और 19 जिलों में 28.01 लाख लोग उससे प्रभावित हुए हैं.

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार गोलाघाट जिले के काजीरंगा नेशनल पार्क में 13 जुलाई से मरने वाले जानवरों की संख्या बढ़कर 204 हो गई है जिनमें 15 गैंडे हैं.

प्राधिकरण ने कहा कि वैसे विश्वनाथ और कारबी आंगलोंग जिलों में पानी घटा है लेकिन लखीमपुर और बक्सा में फिर बाढ़ का प्रकोप शुरू हो गया है.

प्राधिकरण के बुलेटिन के अनुसार मोरीगांव और गोलाघाट जिलों में सोमवार से दो व्यक्तियों की जान चली गई. बाढ़ प्रभावित जिलों की संख्या सोमवार के 18 से बढ़कर मंगलवार को 19 हो गई.

बाढ़ प्रभावित जिलों में अब भी 2523 गांव और 1.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लगी फसल पानी में डूबी हुई हैं. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने में लगे हैं.

कुल 1.04 लाख विस्थापित लोग अब भी 782 राहत शिविरों और राहत वितरण केंद्रों में हैं. हालांकि काजीरंगा नेशनल पार्क में पानी घटने लगा है.

बिहार में 1816 ग्रामीण रास्ते हुए क्षतिग्रस्त, हेलिकॉप्टर से फूड पैकेट गिरा रही सेना

बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में 1816 ग्रामीण रास्ते क्षतिग्रस्त हुए हैं. इस बीच सेना ने हेलिकॉप्टर से प्रभावित इलाकों में खाद्य सामग्री के पैकेट गिराना शुरू कर दिया है.

बिहार विधानसभा में 14 हजार 330 करोड़ 6 लाख 57 हजार रुपये के बिहार विनियोग विधेयक 2019 को पुनर्स्थापित करने के बाद उप-मुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में बताया, ‘परसों बाढ़ प्रभावित इलाकों के सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने यह महसूस किया कि भीतर के इलाकों में जो बाढ़ पीड़ित फंसे हुए हैं और जहां यातायात की सुविधा के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण सरकारी अधिकारियों के लिए जाना कठिन हो गया है, इसे देखते हुए उनके निर्देश पर भारतीय सेना के एक हेलिकॉप्टर द्वारा दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान और सीतामढी के चोरौत में तीन खेप फूड पैकेट गिराया गया है.’

उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया है कि बाढ़ प्रभावित ऐसे इलाकों में सेना के दो हेलिकॉप्टर द्वारा बुधवार को फूड पैकेट गिराया जाएगा.

उप-मुख्यमंत्री के जवाब के बीच में राजद के वरिष्ठ सदस्य अब्दुल बारी सिद्दीकी के इस मांग कि प्रदेश में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा माना जाए और केंद्र सरकार बाढ़ के कारण हुई क्षति का भार वहन करे, इस पर सुशील ने कहा कि केंद्र सरकार में राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है बल्कि केंद्र द्वारा मदद की जाती है.

इससे पूर्व, बिहार के ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार ने कहा कि बाढ़ से अब तक 12 जिले प्रभावित हुए हैं और बाढ़ के कारण 1816 ग्रामीण पथ और 32 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं.

उन्होंने बताया कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त पथों के पुनर्स्थापन के लिए 2017 में 393.09 करोड़ रुपये और पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 101.62 करोड़ रुपए खर्च किए गए.

ग्रामीण कार्य मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए. सदन ने बिहार विनियोग (संख्या) विधेयक, 2019 तथा ग्रामीण कार्य विभाग की अनुदान मांग को ध्वनि मत से पारित कर दिया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)