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कर्नाटक: तीन बागी विधायक अयोग्य घोषित, येदियुरप्पा आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे

कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष येदियुरप्पा ने शुक्रवार को राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद कहा कि वह आज शाम छह बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. वहीं विधानसभा अध्यक्ष ने दल-बदल विरोधी कानून के तहत तीन बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया.

Bengaluru: BJP's B. S. Yeddyurappa gestures after he was sworn-in as Karnataka Chief Minister by Governor Vajubhai Vala (R) at a ceremony in Bengaluru on Thursday. (PTI Photo/Shailendra Bhojak)(PTI5_17_2018_000068B)

कर्नाटक भाजपा प्रमुख बीएस येदियुरप्पा. (फाइल फोटो: पीटीआई).

नई दिल्लीः कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा आज शाम छह बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया है. वहीं विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने तीन बागी विधायकों को विधानसभा के मौजूदा कार्यकाल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बीएस येदियुरप्पा शुक्रवार शाम छह बजे कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. येदियुरप्पा ने राज्यपाल वजुभाई वाला से आग्रह किया था कि वह उन्हें आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने दे.

येदियुरप्पा ने शुक्रवार सुबह 10 बजे राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात की थी और सरकार बनाने का दावा पेश किया था. येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद बताया कि वह आज शाम छह बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

राज्यपाल से मुलाकात कर येदियुरप्पा ने 105 विधायकों के समर्थन वाला पत्र सौंपा और बताया कि उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया है.

इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश ने तीन विधायकों को अयोग्य घोषित किया, जिन तीन बागी विधायकों को अयोग्य घोषित किया गया है, उनमें से एक निर्दलीय विधायक आर शंकर हैं. इसके साथ ही कांग्रेस के दो बागी विधायकों रमेश जरकीहोली और महेश कुमातल्ली को भी अयोग्य घोषित किए गए हैं.

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि वे इस्तीफा देने वाले बाकी के 14 विधायकों के खिलाफ उन्हें अयोग्य ठहराने के लिए दर्ज शिकायतों पर भी विचार कर रहे हैं और इस बारे में जल्दी ही फैसला करेंगे.

कुमार ने कहा कि दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य करार दिए गए सदस्य ना तो चुनाव लड़ सकते हैं, ना ही सदन का कार्यकाल खत्म होने तक विधानसभा के लिए निर्वाचित हो सकते हैं.

गौरतलब है कि 23 जुलाई को विधानसभा में हुए शक्ति परीक्षण में कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आ गई थी. कुमारस्वामी द्वारा पेश विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 99 और विरोध में 105 मत पड़े थे. इस तरह कुमारस्वामी सरकार विश्वासमत हार गई थी.