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इंदौर: स्मार्ट सिटी परियोजना के ख़िलाफ़ लगे ‘हमारी भूल, कमल का फूल’ के पोस्टर

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के व्यापारियों ने प्रदर्शन कर कहा कि स्मार्ट शहर के नाम पर पारंपरिक बाज़ारों को क्यों उजाड़ा जा रहा है. पुराने इंदौर शहर की पहचान को मिटने नहीं दिया जाएगा.

Indore

इंदौर: केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी परियोजना के विरोध में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के पारंपरिक कपड़ा बाजार के कारोबारियों ने बीते मंगलवार को अपनी दुकानों के बाहर ‘हमारी भूल, कमल का फूल’ के पोस्टर लगाए.

परियोजना के तहत इस बाजार की सड़क चौड़ी करने के लिए भाजपा शासित इंदौर नगर निगम कई बाधक निर्माणों को तोड़ने की तैयारी कर रहा है.

सीतलामाता कपड़ा बाजार व्यापारी संघ के सचिव पप्पू सिकची ने बताया, ‘हम शहर की महापौर व क्षेत्रीय भाजपा विधायक मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़ से लेकर नगर निगम के आला अफसरों तक से निवेदन कर चुके हैं कि स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर हमारे पारंपरिक बाजार में तोड़फोड़ न की जाए, लेकिन हमारी कहीं सुनवाई नहीं हुई है.’

उन्होंने कहा, ‘विरोध प्रदर्शन के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं है. इसलिए हमारे बाजार की करीब 100 दुकानों पर ‘हमारी भूल, कमल का फूल’ के पोस्टर लगाए गए हैं.’

सिकची ने कहा, ‘अगर सड़क चौड़ी करने के नाम पर सीतलामाता बाजार की दुकानों को तोड़ा गया, तो करीब 400 दुकानदार बर्बाद हो जाएंगे. अगर स्मार्ट सिटी बनाई ही जानी है, तो इसे शहर के बाहर विकसित किया जाए. स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर शहर के पारंपरिक बाजारों को क्यों उजाड़ा जा रहा है?’

इंदौर नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत जयरामपुर कॉलोनी से गोराकुंड इलाके के बीच सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर 60 फुट की जानी है और सीतलामाता बाजार इसी मार्ग में आता है.

अधिकारियों ने कहा कि हफ्ते भर में इस मार्ग के बाधक निर्माणों को हटाए जाने की योजना है, ताकि सड़क को चौड़ा किया जा सके.

मालूम हो कि इंदौर के व्यापारी लगातार इस योजना का विरोध कर रहे हैं. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने कहा कि नगर निगम की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि पुराने इंदौर की पहचान को मिटने नहीं दिया जाएगा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)