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झारखंड: तीन साल की बच्ची से बलात्कार, गला काटा, प्लास्टिक बैग में मिला शव

मामला झारखंड के जमशेदपुर का है. 26 जुलाई को टाटानगर स्टेशन से बच्ची का अपहरण किया गया था. बच्ची के गायब होने के पांचवें दिन मंगलवार रात 9 बजे रामधीन बगान से उसकी सिर कटी नग्न लाश बरामद की गई. बच्ची का सिर अभी नहीं मिला है.

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झारखंड: टाटानगर रेलवे स्टेशन के एक प्लेटफार्म से तीन वर्षीय बच्ची को अगवा करने के बाद दो लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसका सिर काट दिया. पुलिस ने बुधवार को घटना के बारे में बताया.

पुलिस ने बच्ची के गायब होने के पांचवें दिन मंगलवार रात 9 बजे रामधीन बगान से उसकी सिर कटी नग्न लाश बरामद की गई.

पुलिस ने बताया कि इस मामले में दो मुख्य आरोपियों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अधीक्षक (रेलवे) एहतेशाम वकारिब ने बताया कि बच्ची के सिर का पता लगाने के लिए श्वान दस्ते की सहायता ली गई.

प्रभात खबर के अनुसार, 26 जुलाई को टाटानगर स्टेशन से बच्ची का अपहरण किया गया था. मां के बयान पर अज्ञात के खिलाफ टाटा रेल थाना में मामला दर्ज कराया गया था.

रेल पुलिस ने स्टेशन में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक दिन पूर्व सोमवार रात रामाधीन बगान के रिंकू साहू, फिर काशीडीह रोड नंबर एक के कैलाश कुमार को गिरफ्तार किया. रेल पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम भेज दिया.

दोनों आरोपी अलग-अलग कहानी बताकर पुलिस को गुमराह कर रहे थे. लेकिन सख्ती करने पर रिंकू साहू और उसका साथी कैलाश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. रिंकू की निशानदेही पर रेल पुलिस ने शव बरामद किया. पुलिस सिर की बरामदगी की कोशिश कर रही है.

लाश मिलने के बाद रामाधीन बगान बस्ती के सैकड़ों लोग जुट गए. वहां रेल पुलिस मुख्य अभियुक्त रिंकू साहू को लेकर पहुंची थी. बच्ची की लाश देखकर लोग उग्र हो गये और पुलिस की गाड़ी में बैठे रिंकू को उतारकर मारना चाहा. लोगों ने पुलिस की गाड़ी को घेर रखा था. इस बीच रेल पुलिस अभियुक्त को लेकर वहां से निकल गई.

अमर उजाला के अनुसार, तीन साल की बच्ची बीते हफ्ते रेलवे स्टेशन पर अपनी मां के साथ सो रही थी, जब उसे रिंकू ने उठा लिया था. उसे सीसीटीवी फुटेज में सो रही लड़की को गोद में लेकर आराम से जाते हुए देखा जा सकता है. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की और उसकी पहचान की.

पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) नूर मुस्तफा अंसारी ने बताया, ‘रिंकू को नौ अप्रैल 2015 को जेम्को-आजाद बस्ती इलाके में एक सात वर्षीय बच्चे की हत्या करने के मकसद से अपहरण करने के लिए दो साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. उसे मार्च 2018 में दो साल की जेल की सजा सुनाई गई। वह कुछ हफ्ते पहले ही जेल से बाहर आया था.’

हिंदुस्तान के अनुसार, दोनों आरोपियों रिंकू साहू और कैलाश कुमार को बुधवार को चक्रधरपुर रेलवे दंडाधिकारी दिलीप राजेश्वर तिर्की की कोर्ट में पेश किया गया.

मजिस्ट्रेट कोर्ट में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने बच्ची का स्टेशन से अपहरण करने के बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और बच्ची की गला काटकर हत्या कर दी. कोर्ट ने दोनों को घाघीडीह सेंट्रल जेल भेज दिया.

दोनों ही आरोपी अच्छे परिवार से आते हैं. रिंकू की मां गिरीडीह मुख्यालय में पुलिसकर्मी हैं जबकि कैलाश के पिता संतराम सीआरपीएफ के जवान हैं. इन दिनों पुलवामा में तैनात हैं.

रेल पुलिस ने बताया कि पूछताछ में रिंकू साहू ने स्वीकार किया है कि वह आदतन बच्चा चोर है. उसने वर्ष 2008 में काशीडीह के गोविंद साहू के छह वर्षीय बच्चे को चुराकर कैलाश के हाथ पांच हजार रुपये में बेच दिया था.

जेम्को आजाद बस्ती से साहिल के अपहरण का केस उस पर दर्ज है. इससे स्टेशन से 2018 में प्रवीण नामक गुलगुलिया की दो बेटियों को चुराने का संदेह भी पुलिस रिंकू पर कर रही है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)