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पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस सेवा निलंबित की, कहा- करतारपुर कॉरिडोर का काम जारी रहेगा

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा है कि भारत अगर कश्मीर पर अपने कदमों पर पुनर्विचार को राज़ी हो तो पाकिस्तान भारत के खिलाफ अपने निर्णयों की समीक्षा को तैयार है.

New Delhi: In this Jan 15, 2004, file photo, is seen Samjhauta Express train coming from Lahore, crossing Indo-Pakistan border after a gap of two years, on its way to Attari Station. Pakistan stopped Samjhauta Express on their side at Wagah border on Thursday, Aug 08, 2019, citing security concerns. (PTI Photo)(PTI8_8_2019_000093B)

समझौता एक्सप्रेस. (फोटो: पीटीआई)

इस्लामाबाद: भारत के साथ राजनयिक संबंध घटाने के एक दिन बाद पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद अहमद ने भारत के साथ समझौता एक्सप्रेस ट्रेन सेवा निलंबित किए जाने की गुरुवार को घोषणा की.

हालांकि पाकिस्तान की ओर से कहा गया है कि करतारपुर कॉरिडोर पर काम जारी रहेगा.

पाकिस्तान के रेल मंत्री राशिद ने इस्लामाबाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हमने समझौता एक्सप्रेस ट्रेन सेवा को निलंबित करने का निर्णय किया है. जबतक मैं रेल मंत्री रहूंगा, समझौता एक्सप्रेस ट्रेन सेवा नहीं चलेगी.’

मंत्री ने कहा कि समझौता के उन डिब्बों का इस्तेमाल ईद के मौके पर यात्रियों की आवाजाही के लिए किया जाएगा.

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के बाद इस साल की शुरुआत में समझौता एक्सप्रेस ट्रेन सेवा निलंबित कर दी गई थी. हालांकि, बाद में इस सेवा को दोबारा बहाल कर दिया गया.

रेल मंत्री ने चेताया, ‘आगामी तीन-चार महीने बहुत महत्वपूर्ण हैं. युद्ध हो सकता है, लेकिन हम युद्ध नहीं चाहते हैं. अगर हम पर युद्ध थोपा गया तो यह अंतिम युद्ध होगा.’

भारत की यात्रा करने के लिए यात्री लाहौर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार रहे थे. उसी बीच मंत्री ने ट्रेन सेवा निलंबित किए जाने का ऐलान किया. समझौता एक्सप्रेस में छह शयनयान डिब्बे और एक एसी-3 टियर का डिब्बा है.

शिमला समझौते के तहत इस ट्रेन सेवा की शुरुआत 22 जुलाई 1976 को की गई थी. भारत की तरफ से यह ट्रेन दिल्ली से अटारी के बीच जबकि पाकिस्तान की ओर से यह लाहौर से वाघा के बीच चलती है.

भारत सरकार के अनुच्छेद 370 के प्रावधान घटाने और जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले से नाराज़ पाकिस्तान ने इससे एक दिन पहले बुधवार को भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को निष्कासित कर दिया था और भारत के साथ राजनयिक संबंध घटाने का ऐलान किया था.

पाकिस्तान ने द्विपक्षीय व्यापार रोक लगाने के साथ ही भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को निलंबित करने का भी ऐलान किया था.

यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया जिसकी अध्यक्षता पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने की थी. इस बैठक में प्रमुख नेता और शीर्ष सैन्य अधिकारी मौजूद थे.

मालूम हो कि बीते पांच अगस्त को भारत ने संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को वापस लेते हुए जम्मू कश्मीर को मिले विशेष दर्जा समाप्त कर दिया और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों- जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था.

इसी वजह से पाकिस्तान की ओर से इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं. पाकिस्तान ने भारत द्वारा जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के फैसले को एकतरफा और अवैध कदम बताया है.

करतारपुर कॉरिडोर का काम जारी रहेगा: पाकिस्तान

पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा कि भारत के साथ राजनयिक संबंध घटाने के बावजूद वह करतारपुर कॉरिडोर पूरा करने को लेकर प्रतिबद्ध है.

यह कॉरिडोर पाकिस्तान के करतारपुर स्थित दरबार साहिब को भारत में गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से जोड़ेगा. सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने 1522 में करतारपुर साहिब गुरुद्वारा की स्थापना की थी. इस कॉरिडोर के बनने पर भारतीय सिख श्रद्धालु बिना वीजा के करतारपुर साहिब का दर्शन कर सकेंगे. उन्हें इसके लिए सिर्फ परमिट हासिल करने की जरूरत होगी.

विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा, ‘करतारपुर पहल जारी रहेगी.’ विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि करतारपुर कॉरिडोर का काम जारी रहेगा और हाल की घटनाओं का इस पर असर नहीं पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सभी धर्मों का सम्मान करता है और सिख श्रद्धालुओं की मदद के लिए करतारपुर परियोजना जारी रहेगी. नवंबर 2018 में भारत और पाकिस्तान के बीच करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को जोड़ने के लिए कॉरिडोर बनाने पर सहमति बनी थी.

रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोर का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है. पाकिस्तान ने जीरो लाइन से गुरुद्वारा साहिब तक मुख्य सड़क, पुल और इमारतों के निर्माण का काम पूरा कर लिया है.

फैसल ने मीडिया में आई उन खबरों को भी खारिज कर दिया, जिनमें जमात-उद-दावा (जेयूडी) प्रमुख हाफिज सईद को रिहा करने का दावा किया गया था. उन्होंने कहा कि इस बारे में मीडिया रिपोर्ट फर्जी हैं.

भारत कश्मीर संबंधी फैसले पर पुनर्विचार करे तो कार्रवाई की समीक्षा को तैयार है: पाकिस्तान

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत अगर कश्मीर पर अपने कदमों पर पुनर्विचार को राजी हो तो पाकिस्तान भारत के खिलाफ अपने निर्णयों की समीक्षा को तैयार है.

कुरैशी की यह टिप्पणी पाकिस्तान द्वारा भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित किए जाने के एक दिन बाद आई है.

कुरैशी ने कहा, ‘क्या वे अपने निर्णयों की समीक्षा को तैयार हैं? अगर वे करें तो हम भी अपने निर्णयों की समीक्षा कर सकते हैं. समीक्षा दोनों ओर से होगी. यही शिमला समझौता कहता है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)