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सीताराम येचुरी को श्रीनगर हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और भाकपा नेता डी. राजा अस्वस्थ विधायक युसूफ़ तरीगामी से मुलाकात करने जा रहे थे. इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद को भी श्रीनगर हवाई अड्डे पर रोक दिया गया था.

सीताराम येचुरी (फोटो: पीटीआई)

सीताराम येचुरी (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी को शुक्रवार दोपहर श्रीनगर हवाईअड्डे पर हिरासत में ले लिया गया है.

इससे पहले येचुरी ने पार्टी के लेटरहेड पर जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को लिखे एक पत्र को ट्वीट किया था. इस पत्र में उन्होंने मलिक को बताया कि वे और भाकपा नेता डी. राजा, माकपा नेता युसूफ तरीगामी से मुलाकात करने के लिए सुबह 9:55 बजे की इंडिगो फ्लाइट से श्रीनगर आ रहे हैं.

येचुरी ने लिखा था कि भंग हो चुकी जम्मू कश्मीर विधानसभा के विधायत तरीगामी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है.

अफवाहों के बीच दोपहर में उनकी पार्टी ने इस बात की पुष्टि की कि श्रीनगर पहुंचने के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया. उन्होंने हिरासत में लिए जाने की इस कार्रवाई को गैरकानूनी बताया.

हालांकि, समाचार एजेंसी एएनआई ने कहा कि येचुरी को केवल रोका गया.

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने से पहले बीते 4 अगस्त से ही राज्य में संचार सेवाओं पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है.

गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद को भी श्रीनगर हवाईअड्डे पर रोक दिया गया था. श्रीनगर के लिए उड़ान भरने से पहले आजाद ने कश्मीरियों के साथ सड़कों पर खाना खाने की तस्वीर प्रकाशित करवाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की सख्त आलोचना की थी.

डोभाल की तस्वीर के बारे में पूछे जाने पर आजाद ने कहा था, पैसे देकर आप किसीको भी साथ ले सकते हो.

क्षेत्र के अधिकारियों ने खुद बताया है कि 5 अगस्त से पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला सहित 500 से अधिक स्थानीय नेताओं को हिरासत में लिया जा चुका है.

इनमें से अधिकतर को श्रीनगर में स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कंवेशन सेंटर के अस्थायी हिरासत केंद्र और बारामुला और गुरेज सहित ऐसे अन्य केंद्रों में रखा गया है. अब्दुल्ला और मुफ्ती को हरी निवास और गुपकर रोड में स्थित अस्थायी हिरासत केंद्रों में रखा गया है.

श्रीनगर लोकसभा सांसद और नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने भी आरोप लगाया था कि उन्हें नजरबंद करके रखा गया था. इससे पहले, गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में दावा किया था कि वे फारूक अब्दुल्ला को नजरबंद नहीं किया गया है.