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दाभोलकर-पानसरे हत्या में इस्तेमाल हथियार की खोज में सीबीआई लेगी विदेशी एजेंसी की मदद

सीबीआई के वकील ने अदालत को बताया कि आशंका है कि हत्यारों ने हत्या के बाद हथियार ठाणे की खाड़ी में फेंक दिया, इसकी तलाश के लिए विदेशी एजेंसी की मदद ली जा रही है.

गोविंद पानसरे और नरेंद्र दाभोलकर. (फोटो: पीटीआई)

गोविंद पानसरे और नरेंद्र दाभोलकर. (फोटो: पीटीआई)

मुंबई: सीबीआई ने बीते शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर और सीपीआई नेता गोविंद पानसरे की हत्या में इस्तेमाल हथियार का पता लगाने के लिए वह विदेशी एजेंसी की मदद ले रही है.

सीबीआई के वकील एवं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने जस्टिस एससी धर्माधिकारी और जस्टिस जीएस पटेल की पीठ को बताया कि एजेंसी के विशेषज्ञ रविवार को भारत पहुंचेंगे. जांच पूरी करने में 30 दिन का समय लगेगा.

सिंह ने अदालत को बताया कि आशंका है कि हत्यारों ने हत्या के बाद हथियार ठाणे की खाड़ी में फेंक दिया.

पीठ दाभोलकर और दिवंगत वामपंथी नेता गोविंद पानसरे के परिजनों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दोनों मामलों की जांच अदालत की निगरानी में कराने की मांग की गई थी.

पानसरे हत्याकांड की जांच कर रही महाराष्ट्र सरकार के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अदालत को बताया कि उसके अधिकारी कोल्हापुर में हो रही तेज बारिश और बाढ़ के कारण अदालत नहीं पहुंच पाए. इसके मद्देनजर अदालत ने सुनवाई 16 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी.

गौरतलब है कि पुणे में दाभोलकर की 20 अगस्त 2013 की सुबह उस समय बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वह मॉर्निंग वॉक से घर लौट रहे थे.

दाभोलकर हत्याकांड में वकील संजीव पुनलेकर आरोपी है. उस पर शरद कालस्कर की मदद करने का आरोप हैं, जिस पर दाभोलकर को गोली मारने का आरोप है.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पुनलेकर को पिछले महीने 30,000 रुपये के मुचलके पर पुणे सत्र न्यायालय ने जमानत दे दी थी.

वहीं गोविंद पानसरे को 16 फरवरी 2015 को कोल्हापुर में उस समय गोली मारी गई थी, जब वह पत्नी के साथ मॉर्निंग वॉक पर गए थे. इसके चार दिन के बाद अस्पताल में पानसरे की मौत हो गई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)