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आर्थिक हालात सुधारने के लिए केंद्र ने जारी किए उपाय, सीएसआर उल्लंघन अब आपराधिक मामला नहीं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोन की अर्जियों पर ऑनलाइन नजर रखने, होम लोन एवं कार लोन की शर्तें आसान करने, कैपिटल गेन पर सरचार्ज वापस लेने, लोन सेटलमेंट की शर्तें आसान करने, लघु उद्योगों को 30 दिन में जीएसटी रिफंड करने जैसे कई प्रमुख घोषणाएं कीं.

New Delhi: Finance Minister Nirmala Sitharaman addresses a press conference after presenting the Union Budget 2019-20, in New Delhi, Friday, July 5, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI7_5_2019_000138B)

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (फाइल फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश के आर्थिक हालत को सुधारने के लिए कुछ नए उपायों की घोषणा की. इस दौरान सीतारमण ने कहा कि हमारी विकास दर दूसरे देशों से बेहतर है. इस समय अमेरिका, जर्मनी जैसे देशों के विकास दर में भी गिरावट देखने को मिल रही है.

सीतारमण ने कॉरपोरेट सोशल जवाबदेही (सीएसआर) उल्लंघन को आपराधिक श्रेणी से बाहर करने, लोन की अर्जियों पर ऑनलाइन नजर रखने, होम लोन एवं कार लोन की शर्तें आसान करने, कैपिटल गेन पर सरचार्ज वापस लेने, लोन सेटलमेंट की शर्तें आसान करने, लघु उद्योगों को 30 दिन में जीएसटी रिफंड करने जैसे कई प्रमुख घोषणाएं की.

इससे पहले सीएसआर उल्लंघन को आपराधिक श्रेणी में रखा गया था. हालांकि अब इस तरह के मामले को सिविल मैटर की तरह देखा जाएगा.

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि रेपो रेट से ब्याज की दरें जोड़ी जाएंगी. इसके अलावा डीमैट खातों में भी आधार की केवाईसी चलेगी. उन्होंने कहा कि अब बैंक होम लोन और कार लोन कम दर पर देंगे.

करदाताओं के उत्पीड़न को समाप्त करने के उद्देश्य से, वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि सभी कर नोटिस एक केंद्रीकृत प्रणाली से जारी किए जाएंगे. इसके अलावा निर्मला सीतारमण ने कहा कि एमएसएमई एक्ट में उद्योग की एक की परिभाषा होगी.

वित्त मंत्री ने इस दौरान सरकारी बैंकों को 70 हजार करोड़ रुपये देने का ऐलान किया. हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को भी 30 हजार करोड़ रुपये देने का ऐलान किया गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि अब से 60 दिनों के अंदर जीएसटी का रीफंड मिलेगा और लघु उद्योंगों को 30 दिन में जीएसटी का रीफंड मिलेगा.