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पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली का निधन

लंबे समय से बीमार चल रहे पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली बीते 9 अगस्त से दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती थे. उनका शनिवार दोपहर 12:07 बजे निधन हो गया.

New Delhi: Union Finance & Corporate Affairs Minister Arun Jaitley addresses the valedictory session of ASEAN- India Business and Investment Meet and Expo in New Delhi on Tuesday. PTI Photo by Kamal Singh (PTI1_23_2018_000210B)

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली का शनिवार को 12:07 बजे निधन हो गया. 66 वर्षीय जेटली को पिछले हफ्ते घबराहट और बेचैनी की शिकायत के कारण दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था. उन्हें अस्पताल के कॉर्डियो-न्यूरो सेंटर में निगरानी में रखा गया था.

एम्स की प्रवक्ता आरती विज ने मीडिया के लिए जारी प्रेस रिलीज में बताया है कि जेटली ने शनिवार को दोपहर 12 बजकर सात मिनट पर अंतिम सांस ली.

बता दें कि, अरुण जेटली को 9 अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था. उन्हें एम्स में कई दिनों तक जीवन रक्षा प्रणाली पर रखा गया था.

इससे पहले, इस साल मई में भी जेटली को इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया था. इसके बाद स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए भाजपा नेता ने लोकसभा चुनाव लड़ने से मना कर दिया था.

मोदी सरकार के सत्ता में वापस आने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए सरकार में कोई जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था.

गौरतलब है कि मई 2018 में जेटली का अमेरिका में किडनी प्रत्यारोपण हुआ था. इसके बाद जेटली के बाएं पैर में सॉफ्ट टिशू कैंसर हो गया था, जिसके इलाज के लिए वह इसी साल अमेरिका भी गए थे.

अरुण जेटली दिल्ली एवं ज़िला क्रिकेट संघ डीडीसीए के अध्यक्ष भी रहे थे.

अस्पताल में अरुण जेटली को देखने पहुंचने वालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला शामिल थे.

इसके साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेता एल के आडवाणी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और भाजपा सांसद मेनका गांधी ने सोमवार को अस्पताल जाकर जेटली का हालचाल जाना था.

इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश दौरे पर अभी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हैं जबकि हैदराबाद दौरे पर गए गृह मंत्री अमित शाह अपना दौरा रद्द कर वापस दिल्ली लौट रहे हैं.

अरुण जेटली ने एक छात्र नेता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी.  मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्रालय संभालने वाले जेटली स्वास्थ्य कारणों से मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में शामिल नहीं हुए थे.

देश के बड़े वकीलों में माने जाने वाले जेटली अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भी केंद्रीय मंत्री रहे थे. 80 के दशक में ही जेटली ने सुप्रीम कोर्ट और देश के कई हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण केस लड़े थे.

1990 में उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ वकील का दर्जा मिला था. वीपी. सिंह की सरकार में उन्हें अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल का पद मिला था.

रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर कहा, ‘मैं अरुण जेटली के निधन से दुखी हूं. वह शानदार वकील थे और राष्ट्र के निर्माण में उनका बड़ा योगदान था.’

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अरुण जेटली के निधन पर शोक जताया है. उन्होंने कहा, ‘अरुण जेटली और मेरे बीच काफी घनिष्ट संबंध थे. वह एक तेज तर्रार नेता थे. आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा करने में सबसे आगे खड़े लोगों  में शामिल थे. साथ ही वह हमारे पार्टी में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले चेहरे में से एक थे.’

प्रधानमंत्री ने जेटली की पत्नी संगीता और उनके बेटे रोहन से बात की और उनसे संवेदनाएं जताईं.

वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘मेरे दोस्त और सहयोगी अरुण जेटली के निधन से गहरा दुख पहुंचा है. वे पेशे से एक कुशल वकील और जुनून से कुशल राजनीतिज्ञ थे.’

गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘अरुण जेटली जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूँ, जेटली जी का जाना मेरे लिये एक व्यक्तिगत क्षति है. उनके रूप में मैंने न सिर्फ संगठन का एक वरिष्ठ नेता खोया है बल्कि परिवार का एक ऐसा अभिन्न सदस्य भी खोया है जिनका साथ और मार्गदर्शन मुझे वर्षों तक प्राप्त होता रहा.’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा, ‘अरुण जेटली जी का जाना देश और समाज की ऐसी अपूरणीय क्षति है जिसकी रिक्तता का एहसास हम लंबे समय तक करते रहेंगे. ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को वे अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें.’

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर कहा, ‘हमारे दो बड़े नेताओं का एक के बाद हमे छोड़ जाना सभी के लिए वज्राघात जैसा है. अरुण जी की दिवंगत आत्मा को शांति मिले यही प्रार्थना.’

वहीं, कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट कर कहा, ‘अरुण जेटली के निधन की खबर सुनकर हम बेहद दुखी हैं. हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं. दुख की इस घड़ी में हम उनके परिवार के लिए प्रार्थना करते हैं.’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ नेता श्री अरुण जेटली का असमय निधन देश के लिए बड़ी क्षति है. एक दिग्गज वकील और अपने सुशासन के लिए जाने जाने वाले वरिष्ठ राजनेता को देश याद करेगा. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं.’