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पूर्व भाजपा सांसद चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा गायब, केस दर्ज

पिछले साल उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज बलात्कार और अपहरण के मामले वापस लेने का फैसला किया था.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद. (फोटो साभार: फेसबुक)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद. (फोटो साभार: फेसबुक)

लखनऊः उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के स्वामी सुखदेवानंद लॉ कॉलेज की एक छात्रा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके बाद से छात्रा गायब है. छात्रा के पिता की शिकायत पर भाजपा नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के स्वामी सुखदेवानंद लॉ कॉलेज की छात्रा का 23 अगस्त को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह संत समाज के एक बड़े नेता पर कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने और उसकी हत्या करवाने की कोशिश करने आरोप लगा रही हैं.

वीडियो में छात्रा ने कहा, ‘मैं शाहजहांपुर के लॉ कॉलेज की छात्रा हूं. संत समाज का एक बहुत बड़ा नेता, जो बहुत लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर चुका है और मुझे भी जान से मारने की धमकी देता है. मेरा मोदी और योगी जी से आग्रह है कि मेरी मदद करें. उसने मेरे परिवार तक को मारने की धमकी दी है, मुझे ही पता है कि इस समय मैं कैसे रह रही हूं. मोदी जी मेरी मदद कीजिए. वह संन्यासी पुलिस और डीएम तक को जेब में रखता है, इस बात की धमकी देता है कि कोई मेरा कुछ नहीं कर सकता. मेरे पास उसके खिलाफ सारे सबूत हैं. मेरा अनुरोध है कि आप मुझे इंसाफ दिलाइए.’

हालांकि छात्रा ने वीडियो में किसी का नाम नहीं लिया है लेकिन छात्रा के पिता ने पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में कहा है कि वह चिन्यमानंद की ओर इशारा कर रही थीं.

छात्रा के पिता ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनकी बेटी का यौन शोषण किया गया. इसके बाद भाजपा के पूर्व सांसद के खिलाफ आईपीसी की धारा 364 और 506 के तहत एफआईआर दर्ज की गई.

बरेली जोन के एडीजी अविनाश चंद्र ने कहा कि एफआईआर में यौन शोषण के आरोप नहीं लगाए गए हैं क्योंकि अभी उसकी पुष्टि नहीं हुई है.

उन्होंने वीडियो को संदेहास्पद बताते हुए कहा कि दो से तीन दिन पहले उन्हें एक सीसीटीवी फुटेज मिली थी, जिसमें वह छात्रा किसी युवक के साथ दिल्ली के किसी होटल में जाती दिख रही है.

चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मुवक्किल को वॉट्सएप पर फिरौती की धमकी मिली थी, जिसके बाद रविवार को एफआईआर दर्ज की गई.

एडीजी ने कहा कि जिस नंबर से मैसेज भेजा गया था, वह उसी युवक का था, जिसके साथ लड़की को होटल में जाते देखा गया था.

एक अज्ञात शख्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें कहा गया है कि चिन्मयानंद को 22 अगस्त को वॉट्सएप मैसेज किया गया था, जिसमें पांच करोड़ रुपये की फिरौती की मांगी गई थी.

गौरतलब है कि गायब हुई छात्रा शाहजहांपुर के उसी कॉलेज की छात्रा है, जिसके चेयरमैन और प्रबंधन समिति के अध्यक्ष चिन्मयानंद हैं.

छात्रा के पिता ने बताया कि उन्हें इस पूरी घटना की जानकारी शनिवार को उस समय लगी, जब उनकी बेटी ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया.

पिता ने कहा, ‘उसी दिन मेरे संबंधियों ने मुझे उस वीडियो के बारे में बताया. उनकी मां उनके हॉस्टल गईं लेकिन वह वहां नहीं मिली और उनके दोनों सेलफोन भी बंद थे. रविवार को मैं पुलिस स्टेशन गया और चिन्मयानंद और अन्य के खिलाफ मेरी बेटी को अगवा करने की शिकायत दर्ज कराई.’

गौरतलब है कि पिछले साल उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज बलात्कार और अपहरण के मामले वापस लेने का फैसला किया था.

हरिद्वार में चिन्मयानंद के आश्रम में कई वर्षों तक रही एक लड़की की शिकायत के आधार पर 30 नवंबर 2011 को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी.

एक पत्र में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि चिन्मयानंद ने उसका बलात्कार किया और उसकी इच्छा के बिना उसे आश्रम में रखा गया.

हालांकि, इसके खिलाफ चिन्मयानंद हाई कोर्ट गए थे और अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. यह मामला तभी से लंबित है.