राजनीति

संयुक्त राष्ट्र को लिखे पाकिस्तान के पत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का भी नाम

पाकिस्तान ने सात पन्नों के इस पत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कश्मीरी लड़कियों के साथ विवाह से जुड़े कथित बयान का ज़िक्र किया है. पाकिस्तान के पत्र में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी नाम था, जिसके बाद भाजपा ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था.

मनोहरलाल खट्टर (फोटो: पीटीआई)

मनोहरलाल खट्टर (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्लीः जम्मू कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर संयुक्त राष्ट्र को लिखे गए पत्र में पाकिस्तान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का ही नहीं बल्कि हरियाणा के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता मनोहर लाल खट्टर का भी जिक्र किया है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन माज़री ने सात पन्नों के इस पत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री के 10 अगस्त के उस बयान का जिक्र किया है, जिसमें खट्टर ने कहा था कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने से कश्मीर से लड़कियों को शादी के लिए लाया जा सकता है. हालांकि खट्टर ने बाद में इसे मजाक बताते हुए सफाई दी थी.

संयुक्त राष्ट्र के 18 संबंधित विशेष अधिकारियों को लिखे पत्र में माजरी ने उनसे कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के कथित उल्लंघन को बंद करवाने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है.

भारत द्वारा जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने के लिए अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने पर पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी और दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था.

माजरी ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वह भारत से अनुरोध करे कि वह कश्मीर में संचार पाबंदियां खत्म करे, अपने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों को पूरा करे और अपने सुरक्षाबलों का आचरण संयुक्त राष्ट्र नियमों के अनुकूल सुनिश्चित करे.

मालूम हो कि इससे पहले जम्मू कश्मीर में लगी पाबंदियों के संबंध में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा था. उन्होंने कश्मीर के हालातों को लेकर टिप्पणी की थी, जिसके बाद से वे भाजपा के निशाने पर आ गए थे.

राहुल गांधी ने कहा था, ‘कुछ रिपोर्टें सामने आई हैं जो बताती हैं जम्मू कश्मीर में कुछ चीजें बहुत गलत हो रही हैं. ये बहुत जरूरी है कि भारत के प्रधानमंत्री और सरकार जम्मू कश्मीर और लद्दाख को लेकर पारदर्शिता बरतें.’

राहुल गांधी के इसी बयान को पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र को लिखे अपने पत्र में शामिल किया था, जिसके बाद बुधवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई.

भाजपा ने कहा कि राहुल पाकिस्तान के हाथों में खेल रहे हैं और उनके बयान को पड़ोसी देश संयुक्त राष्ट्र में भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है और वे मन से नहीं बल्कि परिस्थितियों के कारण और जन दबाव में अपने बयान से पलटे हैं.

कांग्रेस और राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है जबकि भाजपा ने इसे यू-टर्न बताया.

भाजपा ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस नेता एवं उनकी पार्टी को कश्मीर में हिंसा का आरोप लगाने के शर्मसार करने वाले गैर जिम्मेदाराना बयान के लिये देश से माफी मांगनी चाहिए, जिसका पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र जैसे मंच पर इस्तेमाल कर रहा है.

भाजपा नेता और सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘राहुल गांधी ने कश्मीर पर जो बयान दिया है उसका इस्तेमाल पाकिस्तान ने यूएन को दी गई अपनी अर्जी में किया है. ऐसा करके उन्होंने देश की छवि को गलत तरीके से पेश किया है.’

उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी ने कश्मीर में मौतों और हिंसा होने का जिक्र किया है. इसी को दलील बनाकर पाकिस्तान इस्तेमाल कर रहा है.’

भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को देशभर में आलोचना के बाद अपने बयान वापस लेने पड़े.

जावड़ेकर ने कहा, ‘घाटी में हिंसा और मौतों को लेकर राहुल गांधी के बयानों का पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया, जिसमें पाकिस्तान ने कहा था कि कश्मीर में हिंसा की वारदातें कांग्रेस नेता राहुल गांधी जैसे मुख्यधारा के नेता ने भी स्वीकार की है.’

पाकिस्तान की याचिका में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कश्मीरी लड़कियों के विवाह से जुड़े कथित बयान का जिक्र के बारे में पूछे जाने पर जावड़ेकर ने कहा कि वे पाकिस्तान के बेसिर-पैर के दावे पर जवाब नहीं देते.

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर पाकिस्तान का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा था कि यह भारत का दुर्भाग्य है कि यहां एक ऐसा नेता भी है जो दुश्मन देश को ज्यादा भाता है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)