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पूर्व केंद्रीय मंत्री ​चिन्मयानंद पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली छात्रा राजस्थान में मिली

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ही छात्रा को शीर्ष अदालत में पेश करने का उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है. छात्रा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद पर उत्पीड़न और कई लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाया है.

स्वामी चिन्मयानंद. (फोटो साभार: फेसबुक)

स्वामी चिन्मयानंद. (फोटो साभार: फेसबुक)

लखनऊ/नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की छात्रा राजस्थान में मिली है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने यह जानकारी दी है. सुप्रीम कोर्ट ने छात्रा को शुक्रवार को ही शीर्ष अदालत में पेश करने का आदेश उत्तर प्रदेश सरकार को दिया है.

इस मामले में आरोपी स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया गया है. चिन्मयानंद शाहजहांपुर स्थित उस महाविद्यालय की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं, जहां वर्तमान में छात्रा कानून की पढ़ाई कर रही है.

जस्टिस आर. भानुमति और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने राज्य सरकार के अधिवक्ता से कहा कि वह सूचित करें कि इस छात्रा को कब तक न्यायालय में पेश किया जा सकता है.

उत्तर प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने न्यायालय को सूचित किया कि कानून की यह छात्रा शुक्रवार को राजस्थान में मिली है और उसे उसके माता-पिता से मिलाने के लिए शाहजहांपुर ले जाया जा रहा है.

अधिवक्ता ने कहा कि यदि न्यायालय प्राधिकारियों से उसे आज ही पेश करने के लिए कहेगा तो उसे ढाई घंटे में यहां लाया जा सकता है.

अधिवक्ता का यह कथन सुनने के बाद पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इस छात्रा को आज ही न्यायालय में पेश किया जाए.

पीठ ने कहा कि वह अपने चेंबर में इस छात्रा से बातचीत करना चाहती है और इसके बाद पीठ उचित आदेश देगी.

मालूम हो कि वकीलों के एक समूह ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई को पत्र लिख कर इस मामले का संज्ञान लेने का अनुरोध किया था जिसके बाद शीर्ष अदालत ने इसका स्वत: संज्ञान लिया था.

छात्रा के मिलने की जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने बताया, ‘हमारी टीमें पिछले चार पांच दिनों से कई जगहों पर फैली हुई थीं. छात्रा राजस्थान में मिली है. उसे शाहजहांपुर लाया जा रहा है.’

उन्होंने कहा कि लड़की ने अपहरण का आरोप लगाया था.

प्रकरण से जुड़े और सवालों पर डीजीपी ने ब्योरा बाद में साझा करने की बात कही. उन्होंने कहा, ‘पूरी चीजें बाद में बताऊंगा.’

इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल पर कहा कि शाहजहांपुर प्रकरण की लड़की राजस्थान में अपने मित्र के साथ मिली है. आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

उल्लेखनीय है कि शाहजहांपुर स्थित स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय से एलएलएम कर रही छात्रा ने 24 जून को सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था. इस वीडियो में उसने पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाया था एवं उनसे खुद को तथा अपने परिवार को जान का खतरा बताया था.

इसके बाद चिन्मयानंद के खिलाफ अपहरण और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था. चिन्मयानंद महाविद्यालय की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं.

बरेली जोन के अपर पुलिस महानिदेशक अविनाश चंद्र ने बुधवार को बताया था कि चिन्मयानंद पर जिस लड़की के अपहरण का आरोप है, उसकी आखिरी लोकेशन 23 अगस्त को दिल्ली के द्वारका इलाके में स्थित एक होटल में मिली थी. पुलिस दल के वहां पहुंचने से पहले ही लड़की वहां से जा चुकी थी. वहां सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ एक लड़का भी दिखाई दिया था.

लड़की के पिता के मुताबिक, 23 अगस्त को वीडियो अपलोड किए जाने के बाद पता लगाने पर लड़की के हॉस्टल के कमरे में ताला लगा पाया गया था. उसके बाद 24 अगस्त को दिल्ली के एक अनजान मोबाइल नंबर से उनकी बेटी का फोन आया. उसने बताया कि वह ठीक है.

पिता के अनुसार, उसके बाद उसने कॉल खत्म कर दी. जब उसकी मां ने खुद उस नंबर पर फोन किया तो दिल्ली के एक होटल के कर्मचारी ने उठाया और बताया कि सफेद कार से आई एक लड़की ने मोबाइल का रिचार्ज खत्म होने की बात कहकर उसके फोन से बात की थी.

शहर कोतवाल प्रवेश सिंह ने गुरुवार को बताया था कि स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय परिसर में बने छात्रावास में लड़की कमरा नंबर 105 में रहती थी, जिसे बुधवार देर शाम सील कर दिया गया ताकि सुबूतों के साथ छेड़छाड़ न की जा सके. साथ ही किसी भी बाहरी व्यक्ति के छात्रावास में जाने पर रोक लगा दी गई थी.

शाहजहांपुर से लापता छात्रा के परिजनों से गुरुवार को उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम ने बात की थी. बाथम ने परिजनों को विश्वास दिलाया कि उनके साथ न्याय होगा और मामले की निष्पक्ष जांच होगी.

आयोग द्वारा जारी बयान के मुताबिक, बाथम ने पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर और एडीजी, जोन बरेली से बात कर उनसे मामले की विस्तृत जानकारी ली.

बुधवार को आयोग ने शाहजहांपुर जिला प्रशासन से छात्रा के बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी.

बाथम ने संवादादाताओं को बताया था, ‘हमने मामले का संज्ञान लिया है और इस संबंध में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर से रिपोर्ट मांगी है. हम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और हम उम्मीद करेंगे छात्रा सुरक्षित घर वापस आए.’

पुलिस अधीक्षक नगर दिनेश त्रिपाठी ने गुरुवार को बताया था कि अपहृत की तलाश के लिए पोस्टर जारी किए गए हैं.

छवि खराब करने की कोशिश: स्वामी चिन्मयानंद

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 72 वर्षीय स्वामी चिन्मयानंद ने दावा किया है कि उनकी छवि खराब करने के लिए षड्यंत्र किया जा रहा है. उन्होंने इस मामले की तुलना उत्तर प्रदेश के उन्नाव से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से की, जिन पर बलात्कार और हत्या का केस दर्ज है और हाल ही में उन्हें भाजपा ने पार्टी से निष्काषित कर दिया था.

उनका कहना है कि छात्रा और उसका परिवार इस षड्यंत्र का हिस्सा है. हरिद्वार स्थित अपने आश्रम में मीडिया से बातचीत में उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए आरोप लगाया कि उनके खिलाफ हो रही साजिश में चार युवक शामिल हैं. ये लोग उनसे धन उगाही की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि ये आरोप योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की छवि भी खराब करने की कोशिश है.

गौरतलब है कि पिछले साल उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज बलात्कार और अपहरण के मामले वापस लेने का फैसला किया था. हरिद्वार में चिन्मयानंद के आश्रम में कई वर्षों तक रही एक लड़की की शिकायत के आधार पर 30 नवंबर 2011 को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी.

एक पत्र में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि चिन्मयानंद ने उसका बलात्कार किया और उसकी इच्छा के बिना उसे आश्रम में रखा गया. हालांकि, इसके खिलाफ चिन्मयानंद हाईकोर्ट गए थे और अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. यह मामला तभी से लंबित है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)