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राजीव गांधी हत्याकांड में कथित भूमिका समेत तमाम विवादों से घिरे रहे तांत्रिक चंद्रास्वामी

पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हाराव के आध्यात्मिक गुरु माने जाने वाले चंद्रास्वामी के भक्तों में ब्रिटेन की प्रधानमंत्री रही मार्गरेट थैचर तक का नाम लिया जाता है.

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(फाइल फोटो: पीटीआई)

एक प्रधानमंत्री के करीबी दोस्त और एक प्रधानमंत्री की हत्या में कथित तौर पर संलिप्त विवादास्पद तांत्रिक चंद्रास्वामी की मौत हो गई. मस्तिष्काघात के शिकार हुए चंद्रास्वामी ने 66 साल की उम्र में दिल्ली के अपोलो अस्पताल में आखिरी सांस ली.

अस्पताल ने एक बयान में कहा, ‘66 वर्षीय आध्यात्मिक नेता जगदाचार्य चंद्रास्वामी जी कुछ समय से बीमार थे. उन्हें हाल में मस्तिष्काघात पहुंचा था और बाद में विभिन्न अंगों ने काम करना बंद कर दिया.’

चंद्रास्वामी का असली नाम नेमीचंद था. वह ज्योतिषी के तौर पर चर्चा में आए थे. प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के शासन के दौरान उनके पास बेशुमार शक्तियां थीं. उन्हें राव का भरोसेमंद सहयोगी और सलाहकार माना जाता था.

अक्सर विवादों में रहे चंद्रास्वामी का नाम पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड की जांच में सामने आया. हत्याकांड पर अपनी रिपोर्ट में जैन आयोग ने मामले में उनकी संलिप्तता पर एक खंड दिया था.

तांत्रिक पर वित्तीय अनियमितता के भी आरोप लगे. वर्ष 1996 में उन्हें लंदन स्थित एक कारोबारी से जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार किया गया. वह विदेशी मुद्रा विनियमन कानून का उल्लंघन करने के आरोपों का सामना कर रहे थे.

इसके अलावा चंद्रास्वामी के आश्रम पर इनकम टैक्स का छपा पड़ा था जिसमे मशहूर हथियार तस्कर अदनान खशोगी को 11 मिलियन डॉलर की भारी भरकम रकम अदायगी के सबूत मिले थे.

चंद्रास्‍वामी राजस्थान के अलवर जिले के बहरोड़ में 1948 में जन्‍मे थे. बचपन में ही वह पिता के साथ हैदराबाद चले गए. नरसिंह राव जब आंध्र प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष थे तो उन्होंने युवा चंद्रास्वामी को हैदराबाद युवा कांग्रेस का महासचिव बना द‍िया. इसके बाद वह राजनीति‍ में अपनी पैठ बढ़ाने लगे.

1991 में जब नरस‌िंहराव देश के प्रधानमंत्री बने तो उसके कुछ समय बाद चंद्रास्‍वामी ने दिल्‍ली में एक आश्रम बनाया. बताया जाता है कि इस आश्रम की जमीन इंदिरा गांधी ने दी थी.

बड़े-बड़े नेता से लेकर अभिनेता तक तांत्रिक चंद्रास्‍वामी के भक्‍तों की सूची में शामिल रहे हैं. ब्रूनई के सुल्तान, बहरीन के शेख इसा बिन सलमान अल खलिफा, हरियारों के सौदागर अदनान खशोगी, एक्ट्रेस एलिजाबेथ टेलर और अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम, पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह, टीएन शेषन से लेकर राजेश खन्ना और आशा पारिख इसमें प्रमुख थे.

इनमें एक नाम ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर का भी था. पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने अपनी किताब ‘वॉकिंग विद लायंस-टेल्‍स फ्रॉम अ डिप्‍लोमेटिक पास्‍ट’ में लिखा है कि उनके माध्‍यम से 1975 में चंद्रास्वामी ब्रिटेन में मार्गरेट थैचर से मिले थे. उस मुलाकात में ही उन्होंने यह घोषणा कर दी थी कि वह अगले तीन-चार साल में देश की प्रधानमंत्री बनेंगी और यह बात सही साबित हुई.

90 के दशक के आखिर में जब देशभर में गणेश जी के दूध पीने की अफवाह उड़ी तो चंद्रास्वामी ने दावा किया कि उनके तंत्र के बल पर ही गणेश प्रतिमाओं ने दूध पीया था.

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)