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देश में पर्याप्त रोज़गार, लेकिन उत्तर भारत में योग्य लोगों की कमी: केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री

केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री संतोष गंगवार के इस बयान पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि उत्तर भारतीयों को जिम्मेदार ठहराकर मंत्री रोज़गार दर घटने के सवालों से बचने की कोशिश कर रहे हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने शनिवार को कहा कि देश में रोजगार की कोई कमी नहीं है लेकिन योग्य कर्मचारियों की कमी है, खासकर उत्तर भारत में.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, मोदी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर लखनऊ में एक किताब लांच किए जाने के कार्यक्रम में बोलते हुए गंगवार ने कहा, ‘आजकल अखबार रोजगार की खबरों से भरे पड़े हैं. हम उसी विभाग के लिए काम करते हैं और नियमित निगरानी करते हैं. रोजगार विभाग के अलावा हम भी उसी लिए काम करते हैं.’

‘उन्होंने कहा, ‘देश में रोजगार के अवसरों की कोई कमी नहीं है. अक्सर उत्तर भारत में नौकरी देने के लिए आने शिकायत करते हैं कि वे किसी खास पोस्ट के लिए आवश्यक योग्यता वाले बहुत कम उम्मीदवारों को खोज पाते हैं.’

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि कम रोजगार दर लंबे समय के लिए एक समस्या नहीं होगी और उनका मंत्रालय इस दिशा में काम कर रहा है.

उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उत्तर भारतीयों को जिम्मेदार ठहराकर मंत्री रोजगार दर घटने के सवालों से बचने की कोशिश कर रहे हैं.

प्रियंका गांधी ने कहा, ‘मंत्री जी, पिछले पांच वर्षों से ज्यादा समय से आपकी सरकार है. इसके बावजूद देश में नौकरियां पैदा नहीं हुईं. जो नौकरियां थीं वो सरकार द्वारा लाई आर्थिक मंदी के चलते छिन रही हैं. नौजवान रास्ता देख रहे हैं कि सरकार कुछ अच्छा करे. आप उत्तर भारतीयों का अपमान करके बच निकलना चाहते हैं. ये नहीं चलेगा.’

हालांकि, गंगवार ने बाद में अपने बयान पर सफाई दी.

एएनआई के अनुसार, उन्होंने कहा कि उनका बयान किसी अन्य संदर्भ में था. युवाओं में कौशल की कमी थी जिसके लिए सरकार ने कौशल मंत्रालय खोला ताकि रोजगार की आवश्यकता के अनुसार बच्चों को प्रशिक्षित किया जा सके.

हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी का कारण मेट्रो इलाको में ऑनलाइन कैब सेवाओं के बढ़ने के कारण आई है जहां पर युवा अपना वाहन खरीदने के बजाय ओला और उबर जैसी सेवी सेवाएं पंसद कर रहे हैं.

उनके इस बयान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी. कांग्रेस ने कहा था कि अर्थव्यवस्था की खराब हालत के लिए सीतारमण सत्ताधारी भाजपा पार्टी को छोड़कर केवल दूसरों पर आरोप लगाना जानती हैं.