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सितंबर महीने में कारों की बिक्री में बड़ी गिरावट, 17 से 55 फीसदी तक आई कमी

सितंबर महीने में देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की बिक्री 24.4 फीसदी, महिंद्रा की बिक्री 21 फीसदी, बजाज ऑटो की कुल बिक्री 20 प्रतिशत, अशोक लेलैंड की बिक्री 55 फीसदी और टोयोटा किर्लोस्कर की बिक्री 17 फीसदी तक घट गई.

(फोटो: रॉयटर्स)

(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की सितंबर महीने में बिक्री 24.4 प्रतिशत घटकर 1,22,640 वाहन रह गई. कंपनी ने पिछले साल सितंबर में 1,62,290 वाहन बेचे थे.

मारुति सुजुकी ने बयान में कहा कि सितंबर में घरेलू बाजार में उसकी बिक्री 26.7 प्रतिशत गिरकर 1,12,500 वाहनों पर रही. सितंबर 2018 में उसने 1,53,550 गाड़ियां बेची थीं.

ऑल्टो और वैगन आर समेत कंपनी की मिनी कारों की बिक्री इस दौरान 42.6 प्रतिशत घटकर 20,085 वाहन रह गई. एक साल पहले समान महीने में यह आंकड़ा 34,971 इकाई पर था.

इसी तरह कॉम्पैक्ट वाहन खंड में कंपनी की बिक्री 22.7 प्रतिशत घटकर 57,179 इकाई रह गई, जो सितंबर, 2018 में 74,011 इकाई थी. इस खंड में स्विफ्ट, सेलेरियो, इग्निस, बलेनो और डिजायर गाड़ियां आती हैं.

कंपनी की मध्यम आकार की सेडान कार सियाज की बिक्री भी भारी गिरावट के साथ 1,715 इकाई पर आ गई. पिछले साल इसी महीने में उसने 6,246 सियाज कारें बेची थीं.

समीक्षाधीन अवधि में कंपनी के यूटिलिटी वाहनों विटारा ब्रेजा, एस क्रॉस और अर्टिगा की बिक्री मामूली गिरकर 21,526 इकाई पर रही, जो एक साल पहले इसी महीने में 21,639 इकाई पर थी. कंपनी का निर्यात 17.8 प्रतिशत घटकर 7,188 इकाई रह गया, जो एक साल पहले सितंबर में 8,740 वाहनों पर था.

मारुति सुजुकी इंडिया को 2019-20 की पहली छमाही की तुलना में अगले कुछ महीनों में बेहतर बिक्री की उम्मीद है. कंपनी को सरकार की ओर से जीएसटी दरों समेत कई अन्य नीतिगत फैसलों को स्पष्ट किए जाने और खरीफ की फसल अच्छी रहने के अनुमानों से बाजार में खरीदारी धारणा सुधरती दिखाई दे रही है.

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी की बाजार हिस्सेदारी अप्रैल-अगस्त में 50 प्रतिशत से भी नीचे चली गयी. कंपनी को एस-प्रैसो को बाजार में उतारने, त्यौहारी मांग, और ग्रामीण मांग सुधरने से बिक्री बेहतर होने की उम्मीद है.

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक केनिची आयुकावा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘यह कहना मुश्किल है कि क्या बिक्री में सुधार होगा. हम ज्यादा संख्या में वाहन बेचने की कोशिश करेंगे, यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि शुरुआती छह महीनों में मांग बहुत नीचे रही है. हमें मांग सुधरने की उम्मीद है लेकिन इसमें समय लगेगा.’

उन्होंने कहा कि अगस्त की तुलना में सितंबर में बिक्री अच्छी रही है और अब उन्हें अक्टूबर में इससे ज्यादा अच्छी बिक्री की उम्मीद है.

बता दें कि ऑटो क्षेत्र में जारी मंदी की वजह से मारुति सुजुकी इंडिया में तीन हजार से अधिक अस्थाई कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है.

सितंबर में महिंद्रा की कुल बिक्री 21 फीसदी घटी

महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) की कुल बिक्री सितंबर में 21 प्रतिशत गिरकर 43,343 वाहन रह गई. कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. एक साल पहले की इसी महीने में कंपनी ने 55,022 वाहन बेचे थे.

महिंद्रा ने शेयर बाजार को बताया कि घरेलू बाजार में उसकी बिक्री 21 प्रतिशत गिरकर 40,692 इकाई रही, जो सितंबर 2018 में 51,268 इकाइयों पर थी.

कंपनी के निर्यात में भी पिछले महीने गिरावट दर्ज की गई है. उसका निर्यात 29 प्रतिशत गिरकर 2,651 वाहन रहा. एक साल पहले इसी महीने उसने 3,754 गाड़ियों का निर्यात किया था.

यात्री वाहन खंड में कंपनी की बिक्री सितंबर में 33 प्रतिशत गिरकर 14,333 इकाइयों पर रही, जो एक साल पहले इसी महीने 21,411 वाहनों पर थी. इस खंड में कार, वैन और यूटिलिटी वाहन शामिल हैं.

वहीं , वाणिज्यिक वाहन खंड में कंपनी ने 18,872 इकाइयों की बिक्री की. सितंबर 2018 में यह आंकड़ा 22,917 इकाई पर था. इस दौरान 18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.

कंपनी के बिक्री एवं विपणन प्रमुख (वाहन श्रेणी) विजय राम नकरा ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि यह त्योहारी सीजन हमारे और वाहन उद्योग के लिए अच्छी रहेगा.’ उन्होंने कहा कि अच्छा मानसून और सरकार की पहलों से अल्प अवधि में उद्योग में सुधार आ सकता है.

इसी तरह महिंद्रा एंड महिंद्रा की कुल ट्रैक्टर बिक्री सितंबर महीने में 2 प्रतिशत घटकर 37,011 इकाई रह गई. इससे पिछले साल के समान महीने में कंपनी ने 37,581 ट्रैक्टर बेचे थे.

महिंद्रा एंड महिंद्रा ने शेयर बाजार को बताया कि घरेलू बाजार में कंपनी की ट्रैक्टर बिक्री मामूली बढ़कर 36,046 इकाई पर पहुंच गई, जो सितंबर 2018 में 35,953 इकाई पर थी.

माह के दौरान कंपनी का निर्यात 41 प्रतिशत घटकर 965 इकाई रह गया, जो एक साल पहले इसी महीने में 1,628 इकाई रहा था.

बजाज ऑटो की कुल बिक्री सितंबर में 20 प्रतिशत गिरी

बजाज ऑटो की कुल बिक्री सितंबर महीने में 20 प्रतिशत गिरकर 4,02,035 इकाई पर रही. कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. कंपनी ने पिछले साल इसी महीने में 5,02,009 वाहन बेचे थे.

बजाज ऑटो ने शेयर बाजार को बताया कि इस साल सितंबर में उसकी घरेलू बाजार में बिक्री 31 प्रतिशत गिरकर 2,15,501 वाहन रही. एक साल पहले इसी महीने में उसने 3,11,503 इकाइयों की बिक्री की थी.

इस दौरान, कुल मोटरसाइकिल बिक्री 22 प्रतिशत गिरकर 3,36,730 इकाइयों पर रही. एक साल पहले इसी महीने में उसने 4,30,939 मोटरसाइकिलें बेची थीं.

कंपनी ने कहा कि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री सितंबर 2018 में 71,070 इकाइयों से सितंबर 2019 में 65,305 इकाइयों पर आ गई. इस दौरान आठ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.

बजाज का सितंबर महीने में निर्यात दो प्रतिशत गिरकर 1,86,534 वाहन रहा. एक साल पहले इसी महीने उसने 1,90,506 वाहनों का निर्यात किया था.

अशोक लेलैंड की बिक्री 55 प्रतिशत गिरी

हिंदुजा समूह की प्रमुख कंपनी अशोक लेलैंड की सितंबर महीने में कमर्शल वाहनों की कुल बिक्री 55 प्रतिशत गिरकर 8,780 वाहन रह गई. कंपनी ने एक साल पहले इसी महीने में 19,374 वाहन बेचे थे.

अशोक लेलैंड ने शेयर बाजार को बताया कि घरेलू बाजार में उसकी कुल कमर्शल वाहन बिक्री 56.57 प्रतिशत गिरकर 7,851 वाहनों पर रही, जो सितंबर 2018 में 18,078 इकाइयों पर थी.

इस दौरान, कंपनी की मध्यम और भारी कमर्शल वाहनों की बिक्री 69 प्रतिशत गिरकर 4,035 वाहन रह गई. एक साल पहले की इसी महीने में यह आंकड़ा 13,056 इकाई था.

वहीं, हल्के वाणिज्यिक वाहनों की घरेलू बाजार में बिक्री 24 प्रतिशत गिरकर 3,816 इकाई पर रही, जो सितंबर, 2018 में 5,022 वाहन पर थी.

टोयोटा किर्लोस्कर की बिक्री में 17 फीसदी की कमी

सितंबर महीने में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर की बिक्री 16.56 प्रतिशत घटकर 10,911 इकाई रह गई. पिछले साल इसी माह में यह संख्या 13,078 वाहन थी.

कंपनी ने एक बयान में बताया कि समीक्षावधि में घरेलू बाजार में 10,203 कारें बिकीं, जो सितंबर 2018 के 12,512 इकाई के मुकाबले 18 प्रतिशत कम है.

कंपनी का निर्यात इस दौरान 25 प्रतिशत बढ़कर 708 वाहन हो गया जो पिछले साल 566 वाहन था.

इस बारे में कंपनी के उप प्रबंध निदेशक एन. राजा ने कहा कि ग्राहकों के बीच सितंबर में भी धारणा कमजोर रही जो उद्योग की बिक्री में नरमी को दर्शाता है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)