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यूपी में रह रहे अवैध बांग्लादेशी और विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए अभियान चलाए पुलिस: डीजीपी

हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असम एनआरसी की तारीफ़ करते हुए कहा था कि असम में इसका कार्यान्वयन उत्तर प्रदेश के लिए उदाहरण का काम करेगा. उनके अनुभव का इस्तेमाल करते हुए हम इसे यहां चरणबद्ध रूप में शुरू कर सकते हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह. (फोटो साभार: ट्विटर)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह. (फोटो साभार: ट्विटर)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों सहित अन्य विदेशी नागरिकों की पहचान के लिये अभियान चलाए.

पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने जिला पुलिस प्रमुखों को भेजे पत्र में कहा है, ‘गत वर्षों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में बांग्लादेशी मूल के नागरिकों के अवैध रूप से रहने और कुछ बांग्लादेशी नागरिकों के भूमिगत होने की बात सामने आई है.’

उन्होंने पत्र में कहा है, ‘वर्तमान परिदृश्य में उत्तर प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों तथा अन्य विदेशी नागरिकों की पहचान करने और उनका सत्यापन करा इस संबंध में विधि सम्मत कार्यवाही किए जाने की आवश्यकता है.’

पुलिस महानिदेशक कार्यालय से यह पत्र मीडिया के लिए मंगलवार को जारी किया गया.

पुलिस महानिदेशक द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि प्रत्येक जनपद के बाहरी छोर पर स्थित रेलवे स्टेशन/बस स्टैंड/रोड के किनारे और उसके आसपास नई बस्तियों आदि स्थानों को तत्काल चिह्नित करना चाहिए, जहां इस तरह के बांग्लादेशी और अन्य विदेशी नागरिक शरण लेते हैं. इस अभियान में पूर्ण सर्तकता और वीडियोग्राफी के साथ नियमानुसार सत्यापन अभियान चलाए जाए.

पत्र में उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि कोई अपना पता राज्य के अन्य जिलों में बताए तो समयबद्ध तरीके से संबंधित राज्य के जिले से उनका सत्यापन करा लिया जाए.

इस बात की भी जांच कराई जाए कि इन बांग्लादेशी नागरिकों अथवा अन्य विदेशी नागरिकों द्वारा अपने प्रवास को विनियमित करने के लिए कौन-कौन से अभिलेख/सुविधाए प्राप्त कर ली गई हैं. इनमें राशन कार्ड, मतदान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, शस्त्र लाइसेंस, पासपोर्ट और आधार कार्ड आदि हो सकते हैं.

मालूम हो कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था, ‘एनआरसी पर कोर्ट के आदेश को अमल में लाना महत्वपूर्ण और साहसी फैसला है. मुझे लगता है कि इसके लिए हमें प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को बधाई देनी चाहिए. इस प्रक्रिया को चरणों में पूरा किया जा रहा है- मुझे लगता है कि जब उत्तर प्रदेश में एनआरसी की जरूरत होगी, हम भी ऐसा ही करेंगे.’

उन्होंने कहा था, ‘पहले चरण में इसे असम में लाया गया और वहां इसे जिस तरह लागू किया गया, वह हमारे लिए उदाहरण हो सकता है. उनके अनुभव का इस्तेमाल करते हुए हम इसे यहां चरणबद्ध रूप में शुरू कर सकते हैं. यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है और अवैध प्रवासियों द्वारा जो गरीबों के अधिकार लिए जा रहे हैं, इससे उस पर भी रोक लगेगी.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)