भारत

आईएनएक्स मीडिया मामले में चिदंबरम की न्यायिक हिरासत 17 अक्टूबर तक बढ़ाई गई

आईएनएक्स मीडिया मामले में न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने उनकी जमानत याचिका खारिज करने के दिल्ली हाईकोर्ट के 30 सितंबर के फैसले को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी.

New Delhi: Congress leader and former finance minister P Chidambaram being taken to Tihar jail  in connection with the INX Media corruption case, in New Delhi, Thursday, Sept 5, 2019. A Delhi court on Thursday sent Chidambaram to jail, where he will spend 14 days in judicial custody. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI9_5_2019_000160B)

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की न्यायिक हिरासत 17 अक्टूबर तक बढ़ा दी.

सीबीआई ने चिदंबरम की न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया था जिसके बाद विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहार ने उन्हें 17 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

सुनवाई के दौरान 74 वर्षीय चिदंबरम ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए तिहाड़ जेल में घर का बना खाना मुहैया कराने का अनुरोध किया.

सीबीआई ने चिदंबरम को 21 अगस्त को जोर बाग स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था.

सीबीआई ने 2007 में बतौर वित्त मंत्री चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड द्वारा 305 करोड़ रूपए के निवेश की मंजूरी दिये जाने में कथित अनियमितताओं को लेकर 15 मई, 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज की थी.

इससे पहले बृहस्पतिवार को ही आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में जमानत के लिए चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की.

चिदंबरम का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने जस्टिस एनवी रमण की अगुवाई वाली पीठ के सामने तत्काल सूचीबद्ध किए जाने के लिए मामले का उल्लेख किया. जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस कृष्णा मुरारी भी इस पीठ में शामिल हैं.

पीठ ने कहा कि मामला सूचीबद्ध करने के संबंध में फैसला लेने के लिए चिदंबरम की याचिका सीजेआई रंजन गोगोई के पास भेजी जाएगी. कांग्रेस नेता इस समय न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है.

चिदंबरम ने मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज करने के दिल्ली हाईकोर्ट के 30 सितंबर के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को यह कहकर आईएनएक्स मीडिया मामले में जमानत देने से मना कर दिया कि गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता.

इससे पहले गुरुवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए चिदंबरम ने सवाल किया कि इस समय देश में आजादी, समानता और भाईचारा कहां है. तिहाड़ जेल में बंद चिदंबरम की तरफ से उनके परिवार ने ट्विटर पर यह टिप्पणी पोस्ट की.

उन्होंने कहा, ‘जैसा कि हम महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के साल भर चलने वाले जश्न की शुरुआत कर रहे हैं, हमें यह सवाल पूछना होगा कि आजादी, समानता और भाईचारा कहाँ है?’

चिदंबरम ने दावा किया, ‘भाईचारा पूरी तरह से मर गया है. जातिवाद और कट्टरता हावी होती दिख रही है. समानता एक दूर का सपना है. सभी साक्ष्य भारतीयों में बढ़ती असमानता की ओर इशारा करते हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘आजादी एक कमजोर दीपक की तरह धीमी लौ में जल रही है. क्या यह प्रज्वलित होगी या बूझ जाएगी, केवल समय ही बता सकता है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)