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मध्य प्रदेश: मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद कथित तौर पर चार मरीज़ों की आंख की रोशनी गई

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के गृहनगर छिंदवाड़ा के सरकारी अस्पताल का मामला. मरीज़ों के परिजनों ने ‘सीएम हेल्पलाइन’ पर शिकायत की और दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई करने की मांग की है. इससे पहले इंदौर शहर में 11 लोगों ने ऑपरेशन के बाद आंख की रोशनी चली जाने की शिकायत की थी.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के गृह नगर छिंदवाड़ा के एक सरकारी अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद चार मरीजों के आंखों की रोशनी कथित रूप से चली गई है.

इन चारों मरीजों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में 25 सितंबर को नेत्र रोग विशेषज्ञ ने किया था. 27 सितंबर को इन सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. लेकिन ऑपरेशन के 2 दिन बाद ही इन मरीजों को दिखना बंद हो गया. इन सभी के एक-एक आंख का ऑपरेशन हुआ है.

जिन मरीजों की आंखों से कथित रूप से दिखाई देना बंद हो गया है उनके नाम कलाबाई वानखेड़े (65), दफेलाल ढाकरिया (62), मुन्ना चोरे (50) और रामरती बाई (54) हैं.

मरीज के परिजनों ने बताया कि इसकी शिकायत लेकर जब अस्पताल पहुंचे तो उनसे कहा गय कि सरकार अस्पताल में अक्सर ऐसी समस्या आती है.

कुछ मरीजों के परिजनों ने ‘सीएम हेल्पलाइन’ पर शिकायत की है और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण आंखों की रोशनी चले जाने का आरोप लगाते हुए दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई करने की मांग की है.

वहीं, सिविल सर्जन डॉ. परमजीत कोर गोगिया ने बताया कि मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद यदि मरीजों की आंख में कोई भी परेशानी आई है तो इसकी तत्काल जांच कराई जाएगी. मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर कार्रवाई होगी.

इसी बीच, छिंदवाड़ा जिला हॉस्पिटल के नेत्र विभाग के प्रभारी डॉ. गेडाम ने बताया, ‘इन सभी मरीजों की आख की जांच की गई है. रेटिना में सफेदी की वजह से आंखों से दिखाई नहीं दे रहा है. सफेदी छंटने के बाद मरीजों को संभवतः सामान्य दिखने लगेगा. अभी इलाज जारी है.’

जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुशील राठी ने बताया, ‘ऑपरेशन के बाद मरीजों के आंख में सूजन आती है. इन मरीजों को भी यही समस्या है. इस कारण नहीं दिख रहा है.’

राठी ने बताया, ‘नागपुर और भोपाल के नेत्र विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है. सिविल सर्जन डॉ. परमजीत गोगिया को भी पत्र लिखा गया है कि उचित जांच कराई जाए. जरूरी हुआ तो इन मरीजों को इलाज के लिए बाहर भेजा जाएगा. फिलहाल जिला अस्पताल छिंदवाड़ा में इलाज जारी है.’

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. उन्होंने कहा कि जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इन मरीजों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी और इनकी रोशनी वापस लाने के सभी प्रयास किए जाएंगे.

मालूम हो कि इससे पहले बीते आठ अगस्त को राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत  इंदौर आई हॉस्पिटल में 13 मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन किए गए थे, जिनमें से 11 लोगों ने ऑपरेशन के बाद कुछ दिखाई नही देने की बात कही थी.

इंदौर प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट का गृहनगर है. मामला सामने आने के बाद सिलावट ने जांच के आदेश दिए थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)