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इराक़ में बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन, 20 लोगों की मौत

इराक़ की राजधानी बग़दाद में बीते एक अक्टूबर से सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू हुए हैं, जो जल्द ही दक्षिण इराक़ के शिया बहुल शहरों में फैल गया.

इराक़ की राजधानी बग़दाद में प्रदर्शनकारी युवा. (फोटो: रॉयटर्स)

इराक़ की राजधानी बग़दाद में प्रदर्शनकारी युवा. (फोटो: रॉयटर्स)

बग़दाद: इराक़ में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ लगातार तीन दिनों से चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों में गुरुवार को मृतकों की संख्या तकरीबन 20 हो गई. बिना किसी नेतृत्व के शुरू इन प्रदर्शनों का दक्षिण इराक़ में अधिक असर है.

गोली और आंसू गैस के गोले दागने और स्थानीय स्तर पर कर्फ्यू के बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे.

प्रदर्शनों से परेशान प्रधानमंत्री अदेल अब्देल मेहदी ने राजधानी बगदाद में सुबह पांच बजे से लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी इसके बावजूद लोग मशहूर तहरीर चौक पर जमा हुए.

पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने से पहले एक प्रदर्शनकारी ने एएफपी को बताया, ‘हम यहीं सो रहे हैं ताकि पुलिस इस स्थान पर कब्जा नहीं करें.’

प्रदर्शनकारियों ने बीते एक अक्टूबर को बगदाद में प्रदर्शन की शुरुआत की थी, जो जल्द ही दक्षिण इराक़ के शिया बहुल शहरों में फैल गया.

सुरक्षा और चिकित्सा सूत्रों ने बताया कि दक्षिण इराक़ के अमारा शहर में चार प्रदर्शनकारियों की गोली लगने से मौत हो गई जबकि ज़ीकर प्रांत में एक अन्य प्रदर्शनकारी मारा गया.

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही तीन दिन से जारी प्रदर्शन में एक पुलिस अधिकारी सहित 20 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 600 प्रदर्शनकारी एवं सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं.

तनाव के बीच तेजतर्रार धार्मिक नेता मुक्तदा-अल-सद्र की ओर से आम हड़ताल के आह्वान के मद्देनजर बगदाद में इंटरनेट और सरकारी कार्यालयों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं.

इस बीच सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को सूर्योदय से पहले दो धमाके ग्रीन जोन में हुए जहां पर कई मंत्रालय और दूतावास हैं. पिछले हफ्ते भी दो रॉकेट यहां दागे गए थे.

अल-जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, पिछली साल गर्मियों के बसरा शहर के दक्षिणी इलाके में इसी तरह के प्रदर्शनों ने पूर्व प्रधानमंत्री हैदर-अल-आबदी के दूसरी कार्यकाल की संभावना का खत्म कर दिया था.

अदेल अब्देल मेहदी अगले महीने प्रधानमंत्री के तौर पर एक साल का कार्यकाल पूरा कर लेंगे.

तहरीर चौक पर अल-जज़ीरा से बात करते हुए 27 साल के प्रदर्शनकारी अब्दल्लाह वालिद ने कहा, ‘हम नौकरी और बेहतरी सेवाएं चाहते हैं. हम इसकी कई सालों से मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया.’

उन्होंने कहा, ‘प्रदर्शनकारी अधिकांश नाराज युवा हैं, जो किसी राजनीतिक या धार्मिक संगठन से ताल्लुक नहीं रखते. वे बेहद निराश है क्योंकि उनके पास नौकरियां नहीं हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)