नॉर्थ ईस्ट

असम को अरुणाचल से जोड़ने वाले देश के सबसे लंबे पुल का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ढोला-सदिया सेतु का उद्घाटन किया. तकरीबन नौ किलोमीटर लंबे पुल को भूपेन हज़ारिका का नाम दिया.

Sadia: An aerial view of the newly inaugurated Dhola-Sadia bridge across River Brahmaputra in Assam on Friday. PTI Photo (PTI5_26_2017_000125A)

असम में बना देश का सबसे लंबा नदी पुल. (फोटो: पीटीआई)

सदिया (असम): देश के सबसे लंबा नदी पुल लोहित नदी के ऊपर बना है जिसका एक छोर अरुणाचल प्रदेश के ढोला गांव में और दूसरा छोर असम के सदिया को जोड़ता है. लोहित ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी है.

इस पुल का नाम संगीतविद् भूपेन हज़ारिका के नाम पर होगा. भूपेन हज़ारिका सदिया के ही रहने वाले थे. पुल का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह घोषणा की है. इस पुल का निर्माण साल 2011 में शुरू किया गया था.

असम में तिनसुकिया ज़िले के सदिया में 2,056 करोड़ रुपये की लागत से बना यह पुल 9.15 किलोमीटर लंबा है और मुंबई स्थित बांद्रा-वर्ली सी-लिंक से 3.55 किलोमीटर अधिक लंबा है.

इस पुल के बन जाने से सामरिक रूप से महत्वपूर्ण असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच यात्रा करने में लगने वाले समय में चार घंटे की कमी आएगी. इसके अलावा दोनों राज्यों के सदूरवर्ती गांवों में रहने वाले लोगों को भी इसका फायदा मिलेगा.

यह पुल असम की राजधानी दिसपुर से 540 किलोमीटर और अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर से 300 किलोमीटर दूर है. इस पुल के चलते दोनों राज्यों के बीच की दूरी 165 किलोमीटर तक घट जाएगी.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सीमावर्ती राज्य अरुणाचल प्रदेश तक सैनिकों और आर्टिलरी के तुरंत आने-जाने की ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए पुल को टैंकों के आवागमन के हिसाब से डिज़ाइन किया गया है.

Sadia: Prime Minister Narendra Modi unveiling the plaque to mark the dedication to the nation of the Dhola-Sadia Bridge, across River Brahmaputra, in Assam on Friday. Assam Governor Banwarilal Purohit, the Union Minister for Road Transport & Highways and Shipping Nitin Gadkari and the Chief Minister of Assam Sarbananda Sonowal are also seen. PTI Photo (PTI5_26_2017_000164B)

असम के तिनसुकिया ज़िले में बने इस पुल का उद्घाटन 26 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. (फोटो: पीटीआई)

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, यह नए आर्थिक क्रांति के लिए नींव के तौर पर सेवा देगा और महाशक्ति बनने के भारत के प्रयासों की दिशा में मदद करेगा. यह पुल असम और अरुणाचल प्रदेश के लोगों को और अधिक करीब लाएगा.

उन्होंने कहा,  इससे आर्थिक विकास के नए द्वार खुलेंगे. यह पुल असम और अरुणाचल प्रदेश के लिए विकास लेकर आएगा. शीर्ष आर्थिक रूप से विकसित देश, एक महाशक्ति बनने की दिशा में भारत के सपने को पूरा करने की शुरुआत पूर्वोत्तर से हुई है.

मोदी ने कहा, यह पुल पूर्वोत्तर के किसानों द्वारा उगाए जाने वाले उच्च गुणवत्ता वाले अदरक के लिए एक नया मार्ग खोलेगा और उनकी वित्तीय हालत में सुधार लाएगा. अगर वे इस जैविक अदरक की खेती करते हैं तो उनके लिए वैश्विक बाजार के द्वार खुलेंगे.

इस रणनीतिक पुल का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री कुछ दूरी तक इस पर चले. इसके बाद प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, असम के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित, मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को लेकर एक वाहन इस पुल के ऊपर से गुज़रा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)