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महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर 611 कैदी रिहा

दो अक्टूबर को 611 कैदियों की रिहाई के साथ ही पिछले एक वर्ष में ‘विशेष क्षमा’ योजना के तहत रिहा होने वाले कैदियों की कुल संख्या बढ़कर 2,035 हो गई है.

Inmates rest behind bars in a barrack at Kotbhalwal central jail in Jammu May 18, 2011. Jail authorities have formed a 20-member pipe band of a team of prisoners who are being trained to play and perform musical instruments. Once the band is ready, they will be sent to perform at weddings and other social functions, a jail superintendent said. The main aim of creating the pipe band is to develop relations of these prisoners with the rest of the outside world and to involve them in various social functions so as to change their mindset, the superintendent added. Picture taken May 18, 2011. REUTERS/Mukesh Gupta (INDIAN-ADMINISTERED KASHMIR - Tags: CRIME LAW SOCIETY ENTERTAINMENT)

(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर ‘विशेष क्षमा’ योजना के तहत इस हफ्ते देशभर की जेलों से 600 से अधिक कैदियों को रिहा किया गया. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

दो अक्टूबर को 611 कैदियों की रिहाई के साथ ही पिछले एक वर्ष में इस योजना के तहत रिहा होने वाले कैदियों की कुल संख्या बढ़कर 2,035 हो गई है.

उन कैदियों को विशेष माफी योजना के तहत रिहा नहीं किया गया, जिन्हें हत्या, बलात्कार या भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 18 जुलाई, 2018 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशिष्ट श्रेणी के कैदियों को विशेष माफी दिए जाने और उन्हें तीन चरणों में- दो अक्टूबर, 2018, छह अप्रैल, 2019 और दो अक्टूबर 2019 को जेलों से रिहा करने का निर्णय लिया था.

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि यह गांधी की 150वीं जयंती के कार्यक्रमों का हिस्सा है. इस योजना के पहले चरण में, पिछले साल दो अक्टूबर को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने 919 कैदियों को रिहा किया था.

दूसरे चरण में, इस साल छह अप्रैल को, 505 कैदियों को रिहा किया गया था. बुधवार को योजना के तीसरे चरण में, 611 कैदियों को जेलों से रिहा किया गया.

अधिकारियों ने बताया कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को परामर्श जारी किया गया था कि कैदियों की रिहाई से पहले सभी जेलों में महात्मा गांधी के विचारों पर आधारित सप्ताह भर के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं. उन्हें माल्यार्पण के लिए कैदियों को महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास ले जाने और उन्हें राष्ट्रपिता से संबंधित किताबें उपहारस्वरूप देने की सलाह दी गई थी.

इस माफी योजना के तहत 55 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला कैदियों और 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुष कैदियों को, जिन्होंने अपनी सजा का आधा हिस्सा पूरा कर लिया है और कुछ अन्य श्रेणी के कैदियों को पात्रता के आधार पर रिहा किया गया.