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झारखंड: चोरी के संदेह में युवक की पीट-पीटकर हत्या

मामला झारखंड के कोडरमा जिले का है. रेलवे कॉलोनी में चोरी के शक में स्थानीय लोगों ने करीब 30 वर्षीय सुनील कुमार यादव की कथित तौर पर पिटाई कर दी. इसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान सुनील की मौत हो गई.

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कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले की रेलवे कॉलोनी में रविवार को चोरी के शक में स्थानीय लोगों ने करीब 30 वर्षीय सुनील कुमार यादव की कथित तौर पर पिटाई कर दी.

कोडरमा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) एम. तमिलवनन ने बताया कि गंभीर रूप से घायल यादव को कोडरमा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसकी बाद में मौत हो गई.

तिलैया थाना के प्रभारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि यादव पड़ोसी हजारीबाग जिला स्थित बरकठा गांव का रहने वाला था और मजदूरी करता था. उन्होंने बताया कि यादव काम की तलाश में कोडरमा आया था.

उन्होंने बताया कि आरोपियों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है.

प्रभात खबर के अनुसार, चार अक्टूबर की शाम करीब सात बजे कोडरमा रेलवे स्टेशन लौटने के क्रम में टीआरडी स्टाफ रेलवे कॉलोनी के पास कुछ लोगों ने सुनील को घेर लिया. इसके बाद बच्चा चोर कहकर पिटाई शुरू कर दी.

शहर के जेपी हॉस्पीटल में से रात में उसके भाई ने फोन कर बताया कि कुछ लोगों ने मेरे साथ बुरी तरह बच्चा चोर कहकर मारपीट की. मैं अब नहीं बचूंगा. गांव के अन्य लोगों के साथ रात में वह पहुंचा और बेहतर इलाज के लिए भाई को लेकर सदर अस्पताल आया, पर उसकी मौत हो गयी.

एसपी ने बताया कि यह मामला मॉब लिंचिंग का नहीं है. हालांकि, मृतक के भाई दिलीप यादव ने जो आवेदन दिया था उसके आधार पर ही प्रथम दृष्टया तिलैया थाना में केस दर्ज किया गया है.

शनिवार को पुलिस को दिए आवेदन में मृतक के भाई ने कहा था कि उसका भाई सुनील मजदूरी का काम करता है. मजदूरी को लेकर वह रोजाना ट्रेन से कोडरमा आता-जाता था.

मौत से पहले भाई ने बताया कि मारपीट करने वाले लोग आपस में अपना नाम नीरज कुमार, एस घोष, सिकेंद्र पासवान व अन्य बता रहे थे. मारपीट में इनके अलावा कई लोग शामिल थे. लोगों ने पहले बुरी तरह पिटाई की फिर एक कमरे में बंद कर पीटा. बाद में कॉलोनी के बाहर फेंक दिया.

पीट-पीटकर युवक की हत्या कर दिये जाने के विरोध में और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोशित लोगों ने रविवार सुबह करीब दस बजे रांची-पटना रोड जाम कर दिया. लोगों ने सदर अस्पताल के सामने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया.

इससे पहले, झारखंड के खूंटी जिले में गोकशी के शक में रविवार को भीड़ ने पीट-पीटकर एक युवक की हत्या कर दी थी, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

गौरतलब है कि इस साल 18 जून को झारखंड के सरायकेला-खरसावां में बाइक चोरी के आरोप में भीड़ के हमले में 22 साल के तबरेज अंसारी की मौत हो गई थी.

झारखंड में अकेले सितंबर में मॉब लिंचिंग की तीन घटनाएं हो चुकी हैं. 11 सितंबर को साहिबगंज जिले में बच्चा चोकी के शक में एक 70 साल के शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी जबकि तीन सितंबर को रामगढ़ जिले में पचास से अधिक लोगों की भीड़ ने एक शख्स को बुरी तरह से पीटा था, जिसने अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही दम तोड़ दिया था.

वहीं, छह सितंबर को धनबाद के कागती पहाड़ी गांव में बच्चा चोरी की अफवाह में ही एक और शख्स की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी.

मालूम हो कि झारखंड में बीते तीन सालों में चोरी, बच्चा चोरी और गोहत्या के आरोप में भीड़ हमले में 21 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, जनवरी 2017 से लेकर अब तक राज्य में जादू-टोने के शक में 90 से अधिक लोगों को मार दिया गया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)