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हरियाणा: उमर खालिद पर गोली चलाने वाले शख़्स को शिवसेना ने दिया टिकट

13 अगस्त 2018 को छात्र नेता उमर खालिद पर दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के बाहर दो लोगों ने हमला किया था. इनमें से एक नवीन दलाल को शिवसेना ने बहादुरगढ़ विधानसभा सीट से टिकट दिया है.

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चुनाव प्रचार के दौरान नवीन दलाल (फोटो साभारः फेसबुक/नवीन दलाल)

नई दिल्लीः जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद पर पिछले साल हमला करने वाले आरोपियों में शामिल नवीन दलाल को शिवसेना ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में टिकट दिया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नवीन दलाल को बहादुरगढ़ सीट से टिकट दिया गया है. स्वयंभू गोरक्षक नवीन दलाल का कहना है कि वह छह महीने पहले शिवसेना में शामिल हुए थे क्योंकि राष्ट्रवाद और गोरक्षा पर उनके विचार पार्टी से मेल खाते हैं.

दलाल ने कहा, ‘हम राष्ट्रवाद, गोरक्षा और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने के लिए हम एक ही लड़ाई लड़ रहे हैं. भाजपा और कांग्रेस सरकारों को किसानों, शहीदों, गायों और गरीबों से कुछ लेना-देना नहीं है. वे सिर्फ राजनीति में रुचि रखते हैं.’

शिवसेना के हरियाणा (दक्षिण) के प्रमुख विक्रम यादव ने दलाल को टिकट दिए जाने की पुष्टि करते हुए कहा, ‘वह गोरक्षा और देशविरोधी नारे लगाने वालों के खिलाफ आवाज उठाने जैसे मुद्दों पर काम कर रहे हैं, इसलिए हमने उन्हें चुना है.’

मालूम हो कि 13 अगस्त 2018 को नवीन दलाल और एक अन्य आरोपी दरवेश शाहपुर ने उमर खालिद पर उस वक्त हमला किया, जब वे दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिये जा रहे थे. इस हमले में खालिद बाल-बाल बच गए थे क्योंकि बंदूक जाम हो गई थी.

दलाल और शाहपुर मौके से फरार हो गए थे लेकिन बाद में इन्होंने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें कहा था कि यह हमला देश के लिए स्वतंत्रता दिवस का उपहार है. इस वीडियो के जारी होने के बाद इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था.

इस मामले में नवीन दलाल फिलहाल जमानत पर बाहर है और यह मामला सत्र अदालत में लंबित है.

इस हमले के बारे में पूछने पर दलाल ने कहा कि वह फिलहाल इस बारे में बात नहीं करना चाहता. उन्होंने कहा, ‘यह सिर्फ उमर खालिद के बारे में नहीं हैं. बहुत कुछ है. मैं किसी और दिन इस बारे में बात करूंगा.’

शिवसेना के विक्रम यादव ने दलाल का बचाव करते हुए कहा, ‘यह उसका देशभक्ति दिखाने का तरीका था. उसका खालिद के साथ कोई निजी विवाद नहीं है. वह परेशान था क्योंकि इन लोगों ने दिल्ली में यूनिवर्सिटी में देशविरोधी नारे लगाए थे. वह इसलिए भी परेशान था क्योंकि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसलिए नवीन के नजरिए से यह उसका देशभक्ति दिखाने का तरीका था.’

दलाल ने अपने चुनावी शपथपत्र में कहा है कि उसके खिलाफ तीन आपराधिक मामले लंबित हैं, जिसमें खालिद पर हमले के संबंध में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में एफआईआर भी शामिल है.

दो अन्य मामले 2014 के हैं, जिसमें से एक में आईपीसी की धारा 147/149 के तहत बहादुरगढ़ में एफआईआर दर्ज हैं जबकि गाय का कटा सिर लेकर दिल्ली में भाजपा के मुख्य कार्यालय की ओर मार्च करने के मामले में आईपीसी की कई धाराओं के तहत दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है.

नवीन दलाल के चुनावी पोस्टर में उनके नाम के आगे गोरक्षक लिखा हुआ है और वह विकास का वादा कर रहे हैं. हरियाणा के मांडौठी गांव के रहने वाले नवीन दलाल को उनके कुश्ती के प्रति जुनून को लेकर भी जाना जाता है. गौरतलब है कि हरियाणा में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं.