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महाराष्ट्र: मेट्रो के लिए ग्रामीणों की ज़मीन का अधिग्रहण करने के एमएमआरडीए के क़दम का विरोध

महाराष्ट्र में ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो लाइन पांच की परियोजना के तहत मेट्रो कार शेड बनाने के लिए मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण गोवगांव में 36 एकड़ ज़मीन अधिग्रहण करने के लिए नोटिस भेजा है. हाल में मुंबई की आरे कॉलोनी में कार शेड बनाने के लिए पेड़ कटाने का लेकर काफी विरोध हुआ था.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

(फाइल फोटो: पीटीआई)

ठाणे: महाराष्ट्र में ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो लाइन पांच की परियोजना में अड़चन पैदा हो सकती है, क्योंकि कल्याण-भिवंडी मार्ग के पास गोवगांव के 100 से अधिक परिवारों ने अपनी जमीन पर एक मेट्रो कार शेड बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया है.

ग्रामीणों ने कहा कि मेट्रो कोच शेड के लिए अपनी जमीन को खोना नहीं चाहते क्योंकि यह उनकी आजीविका का एकमात्र स्रोत है.

कोन-गोव संघर्ष समिति के सचिव पंढरीनाथ भोईर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) गोवगांव में मेट्रो कोच शेड के लिए हमारी करीब 36 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करना चाहती है. यह कदम लगभग 100 परिवारों को प्रभावित करेगा.’

समिति का प्रतिनिधित्व करने वाली वकील नीता महाजन ने कहा, ‘ग्रामीणों के पास इस जमीन पर उनके घर, दुकानें और छोटे-मोटे कारखाने हैं.’

एमएमआरडीए ने पिछले साल निवासियों को नोटिस भेजा था, जिसमें उसने कहा था कि वह मेट्रो कोच शेड बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण करना चाहता है.

भोईर ने कहा, ‘हम मेट्रो परियोजना के खिलाफ नहीं हैं. हम चाहते हैं कि एमएमआरडीए इसके बजाय सरकारी जमीन का उपयोग करें. हम अपनी जमीन देने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि हम अपनी आजीविका खो देंगे.’

उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली मुआवजे की प्रस्तावित राशि बाजार मूल्य से काफी कम है.

मेट्रो लाइन 5 से करीब तीन लाख से अधिक लोगों को लाभ होने की संभावना है, क्योंकि इससे ठाणे और कल्याण के बीच यात्रा की अवधि काफी कम हो जाएगी.

मालूम हो कि हाल ही में मुंबई के हरित क्षेत्र आरे कॉलोनी में मेट्रो परियोजना के लिए कार शेड बनाने के लिए तकरीबन 27 पेड़ काटने की प्रशासन द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद लोगों ने काफी विरोध प्रदर्शन किया था.

इसके खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई थी.

मालूम हो कि बीते चार अक्टूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने उत्तरी मुंबई के हरित क्षेत्र आरे कॉलोनी में मेट्रो की पार्किंग बनाने के लिये पेड़ों की कटाई के खिलाफ दायर चार याचिकाओं को खारिज कर दिया था. इसके कुछ घंटों बाद मुंबई मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (एमएमआरसीएल) ने शुक्रवार देर रात पेड़ों की कटाई शुरू कर दी थी.

इसका लोगों ने काफी विरोध किया था, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद एमएमआरसीएल ने 24 घंटे के अंदर करीब 2,134 पेड़ों को काट दिए थे. बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस कार्रवाई पर रोक लगी.

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को आदेश दिया है कि अगली सुनवाई होने तक वह इस मामले में यथास्थिति बनाए रखें.

मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होनी है.

मुंबई के उपनगर गोरेगांव की की आरे कॉलोनी हरित क्षेत्र है. यह संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान से लगी हुई है और इस हरित क्षेत्र को मुंबई का फेफड़ा भी कहा जाता है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)