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आरबीआई ने पीएमसी बैंक खाताधारकों की रकम निकासी सीमा बढ़ाकर 40,000 रुपये की

मुंबई की एक अदालत ने पीएमसी बैंक घोटाले मामले में एचडीआईएल के चेयरमैन राकेश कुमार वाधवन समेत तीन लोगों की पुलिस हिरासत 16 अक्टूबर तक बढ़ा दी है. वहीं, इस मामले में ईडी ने 3,830 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है.

People wait outside a PMC (Punjab and Maharashtra Co-operative) Bank branch to withdraw their money in Mumbai, India, September 25, 2019. REUTERS/Francis Mascarenhas

(फोटो: रॉयटर्स)

मुंबई: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने पंजाब ऐंड महाराष्ट्र कॉपरेटिव बैंक (पीएमसी) से छह महीने में रकम निकासी की सीमा बढ़ाकर 40 हजार रुपये कर दी है. अभी यह सीमा 25,000 रुपये थी.

पीएमसी बैंक में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद केंद्रीय बैंक ने इस बैंक के ग्राहकों के लिए नकदी निकासी की सीमा तय करने के साथ ही बैंक पर कई तरह के अन्य प्रतिबंध लगा दिए हैं.

केंद्रीय बैंक द्वारा 23 सितंबर को बैंक पर लगाई गई पाबंदी के बाद यह तीसरा मौका है जब नियामक ने निकासी सीमा बढ़ाई है. सबसे पहले निकासी सीमा 1,000 रुपये तय की गयी थी. इसको लेकर विभिन्न तबकों ने काफी आलोचना की थी. उसके बाद 26 सितंबर को निकासी सीमा बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति खाता कर दी गई थी.

बैंक के कामकाज में अनियमितताएं और रीयल एस्टेट कंपनी एचडीआईएल को दिये गये कर्ज के बारे में सही जानकारी नहीं देने को लेकर उस पर नियामकीय पाबंदी लगा दी गई थी.

बैंक ने एचडीआईएल को अपने कुल कर्ज 8,880 करोड़ रुपये में से 6,500 करोड़ रुपये का ऋण दिया था. यह उसके कुल कर्ज का करीब 73 प्रतिशत है. पूरा कर्ज पिछले दो-तीन साल से एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) बनी हुई है.

बैंक पर लगायी गयी पाबंदियों में कर्ज देना और नया जमा स्वीकार करने पर प्रतिबंध शामिल हैं. साथ ही बैंक प्रबंधन को हटाकर उसकी जगह आरबीआई के पूर्व अधिकारी को बैंक का प्रशासक बनाया गया.

इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को कहा कि सरकार पीएमसी बैंक मामले से जुड़े घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखे हुए है. उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने भरोसा दिया है कि पीएमसी बैंक के ग्राहकों के हितों की रक्षा की जाएगी.

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, ‘आरबीआई गवर्नर ने मुझे आश्वासन दिया है कि वह ग्राहकों के हित को ध्यान में रखेंगे और जल्द से जल्द उनकी दिक्कतें दूर करने का प्रयास किया जाएगा. मैंने आज दोपहर आरबीआई गवर्नर के साथ चर्चा की थी और मैं इसकी बारीकी से निगरानी कर रहा हूं.’

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार जमा पर गारंटी की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाने पर विचार कर सकती है. यदि ऐसा होता है तो इसे संसद के माध्यम से किया जाएगा.

डिपॉजिट इंश्योरेंस एण्ड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (डीआईसीजीसी) बैंक खाते में जमा ग्राहक की रकम का अधिकतम एक लाख रुपये का बीमा करती है. इसमें मूलधन और ब्याज दोनों रकम शामिल है. किसी वजह से बैंक का कामकाज बंद होने की स्थिति में जमाकर्ता को बीमा कंपनी इस रकम का भुगतान करती है.

सीतारमण ने कहा कि उन्होंने आरबीआई गवर्नर के साथ इस बात पर विचार-विमर्श किया कि क्या एक लाख रुपये की जमा गारंटी को तुरंत जारी किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि हालांकि, ‘गवर्नर ने सूचित किया है कि बैंक बंद होने के बाद ही जमा गारंटी जारी की जा सकती है.’

वाधवन, सिंह समेत तीन आरोपियों की पुलिस हिरासत 16 अक्टूबर तक बढ़ी

मुंबई की एक अदालत ने पीएमसी बैंक घोटाले मामले में सोमवार को हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राकेश कुमार वाधवन तथा उनके बेटे सारंग वाधावन और बैंक के पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह की पुलिस हिरासत 16 अक्टूबर तक बढ़ा दी.

सैकड़ों की संख्या में जमाकर्ता इस मामले को ” सफेदपोश अपराध ” ठहराते हुए अदालत के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं. वे आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपना पैसे जल्द से जल्द वापस दिलाये जाने की मांग कर रहे हैं.

पंजाब एंड महाराष्ट्र को – ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को सोमवार को महानगर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया. मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने तीनों की हिरासत की मांग की.

मजिस्ट्रेट एसजी. शेख ने पुलिस की हिरासत अर्जी पर विचार करते हुए तीनों की हिरासत 16 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दी है. पीएमसी बैंक में 4,355 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने के आरोप में वाधावन और उनके बेटे को तीन अक्टूबर और सिंह को पांच अक्टूबर को गिरफ्तार किया था.

पीएमसी बैंक मामले में ईडी ने 3,830 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि उसने पीएमसी बैंक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 3,830 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है और पहचान की है.

केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि वह ‘हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटिड’ (एचडीआईएल), इसके प्रवर्तकों, पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के अधिकारियों और अन्य की कई संपत्तियों का मूल्यांकन कर रही है.

पहचान की गई संपत्तियों को जल्द ही मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कुर्क किया जाएगा. ईडी ने एक बयान में बताया कि अपराध से संबंधित शेष पैसे का पता लगाने के लिए जांच जारी है.

ईडी का मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओडब्ल्यू) की ओर से दायर प्राथमिकी पर आधारित है. केंद्रीय एजेंसी ने इस महीने के शुरू में इस मामले में छापेमारी की थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)