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यूपी: प्राइमरी स्कूल में मदरसे में होने वाली प्रार्थना कराने का आरोप, हेडमास्टर निलंबित

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत ज़िले के एक प्राइमरी स्कूल का मामला. हेडमास्टर ने कुछ लोगों पर मामले को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाते हुए अपने निलंबन को अन्यायपूर्ण बताया है. उनके अनुसार, उन्होंने अल्लामा इकबाल की उस कविता का पाठ कराया है जो सरकारी स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल है.

Pilibhit

पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के एक प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर द्वारा सुबह के समय पारंपरिक प्रार्थना की जगह कथित तौर पर मदरसे की दुआ (प्रार्थना) कराने का मामला सामने आया है.

शिकायत के बाद प्रशासन ने जिले की बीसलपुर तहसील के ग्यासपुर गांव में स्थित प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर को निलंबित करने के साथ मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

जिलाधिकारी पीलीभीत वैभव श्रीवास्तव के अनुसार, जिले की बीसलपुर इकाई के विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ताओं (विहिप) ने प्राइमरी स्कूल को लेकर उपजिलाधिकारी सौरभ दुबे से शिकायत की थी.

इसमें विहिप ने 45 वर्षीय हेडमास्टर फुरकान अली पर स्कूल में जबरन बच्चों से सरस्वती वंदना की जगह मदरसे की दुआ कराने का आरोप लगाया था. विहिप ने स्कूल में सरस्वती वंदना कराने की मांग की थी.

डीएम ने बताया कि विहिप द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के आधार पर जांच के आदेश दिए गए है और प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है. सभी स्कूलों में सरस्वती वंदना हो इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं.

बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) देवेंद्र स्वरूप ने बताया कि इस प्रकरण की विभागीय जांच ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) उपेंद्र कुमार को सौंपी गई है.

वहीं, प्रधानाध्यापक फुरकान अली ने कुछ लोगों पर मामले को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाते हुए अपने निलंबन को अन्यायपूर्ण बताया है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, बीसलपुर बीईओ उपेंद्र कुमार की जांच के अनुसार प्रधानाध्यापक फुकरान अली द्वारा बच्चों से 1902 में मोहम्मद इकबाल की लिखी कविता ‘लब पे आती है दुआ’ का पाठ कराया जा रहा था.

इकबाल को अल्लामा इकबाल के नाम से जाना जाता है, जिन्होंने ‘सारे जहां से अच्छा’ जैसे गीत लिखे हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, पीलीभीत के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बीईओ की जांच से अनभिज्ञता जताई है. उन्होंने कहा कि प्रधानाध्यापक को इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि वह स्कूल में राष्ट्रगान नहीं बल्कि एक अन्य धार्मिक प्रार्थना करा रहे थे.

इस आरोप का खारिज करते हुए प्रधानाध्यापक फुकरान अली ने कहा कि स्कूल में हर दिन राष्ट्र गान कराया जाता है.

उपेंद्र कुमार की जांच रिपोर्ट पर डीएम ने कहा, ‘अगर वह (प्रधानाध्यापक) स्कूल में राष्ट्रगान की जगह कोई कविता कराना चाह रहे थे तो यह एक तरह का अपराध है. अगर वह कुछ अलग करना चाह रहे थे तो उन्हें सरकार से इसकी अनुमति लेनी चाहिए थी.’

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बीईओ उपेंद्र कुमार और बीसलपुर बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने बताया कि जांच में पता चला कि प्राइमरी स्कूल में बच्चों से राष्ट्रगान कराया जाता है.

उन्होंने यह भी कहा कि विहिप की शिकायत में यह सवाल नहीं उठाया गया है कि स्कूल में राष्ट्रगान होता है या नहीं.

बीएसए ने कहा, ‘बीईओ ने मुझसे बताया कि स्कूल में राष्ट्रगान कराया जाता था. यह मुद्दा नहीं है. शिकायत एक प्रार्थना को लेकर है, जो मदरसों में कराई जाती है.’

हेडमास्टर अली का कहना है कि इकबाल द्वारा लिखी गई यह कविता कक्षा एक से आठ तक के उर्दू पाठ्यक्रम में शामिल है.

उन्होंने कहा, ‘विहिप और हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने मुझे निलंबित किए जाने की मांग को लेकर स्कूल के बाहर और कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया था. मैंने स्कूल में वह प्रार्थना कराई है, जो सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रमों का हिस्सा है. प्रार्थना सभा के दौरान छात्र हर रोज भारत माता की जय के नारे भी लगाते हैं.’

विहिप के जिला प्रमुख अंबरीश मिश्रा ने कथित तौर पर मदरसे में होने वाली प्रार्थना को सरकारी स्कूल में कराए जाने का विरोध किया था.

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘सरकारी स्कूल में अलग प्रार्थना कराए जाने की वजह से हेडमास्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए हमने बीएसए से लिखित शिकायत की थी.’

बीते सोमवार को बीएसए देवेंद्र स्वरूप की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, ‘सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से यह संज्ञान में आया है कि ग्यासपुर के प्राइमरी स्कूल में परंपरागत प्रार्थना की जगह दूसरी प्रार्थना कराई जा रही है. प्राइमरी जांच के अनुसार इसके लिए हेडमास्टर फुकरान अली जिम्मेदार हैं, इसलिए उन्हें निलंबित किया जाता है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)