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अमेरिका में कथित तौर पर घुसने की कोशिश कर रहे 300 से ज़्यादा भारतीयों को मेक्सिको ने भारत भेजा

आरोप है कि इन सभी भारतीयों ने कथित तौर पर पिछले कुछ महीनों में इंटरनेशनल एजेंटों की मदद से ग़ैरक़ानूनी ढंग से मेक्सिको में प्रवेश किया था, ताकि वहां से अमेरिका में प्रवेश कर सकें.

New Delhi: Indian nationals who did not have a condition of regular stay in Mexico show their passports at Indira Gandhi International Airport after being deported, in New Delhi, Friday, Oct. 18, 2019. Mexico's migration authorities deported 311 Indians, including a woman, from various parts of the country amidst its stepped up efforts to check people illegally crossing its borders following pressure from the US. (PTI Photo/Vijay Verma)(PTI10_18_2019_000088B)

नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मेक्सिको से वापस भेजे गए भारतीय. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्लीः अमेरिका में कथित तौर पर अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे 325 से ज़्यादा भारतीयों को मेक्सिको सरकार ने वापस भारत भेज दिया है. ये सभी भारतीय शुक्रवार तड़के दिल्ली पहुंच गए. इनमें एक महिला भी है.

इन तमाम लोगों के पास मेक्सिको में रहने को लेकर कोई जरूरी दस्तावेज नहीं थे, इसलिए इन्हें वापस भेजा गया है.

मेक्सिको के राष्ट्रीय आव्रजन संस्थान (आईएनएम) की ओर से बुधवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘जो भारतीय नियमित रूप से देश (मेक्सिको) में ठहरने की शर्त को पूरा नहीं कर रहे थे, उन्हें टोलुबा सिटी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बोइंग 747 विमान से नई दिल्ली भेज दिया गया.’

विज्ञप्ति अनुसार इन लोगों को ओक्साका, बाजा कैलिफोर्निया, वेराक्रूज, चियापास, सोनोरा, मेक्सिको सिटी, डुरांगो और तबास्को राज्यों में आव्रजन अधिकारियों ने वापस भेजा.

बयान में कहा गया कि वापस भेजे जाने वाले सभी भारतीयों को वेराक्रूज में अकायुकन आव्रजन केंद्र पहुंचाया गया और वहां से उन्हें वापस भेजा गया. संघीय आव्रजन अधिकारियों के साथ ही राष्ट्रीय गार्ड के सदस्य भी वहां पर मौजूद थे.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘इन सभी भारतीयों ने कथित तौर पर पिछले कुछ महीनों में इंटरनेशनल एजेंटों की मदद से गैरकानूनी ढंग से मेक्सिको में प्रवेश किया था, ताकि वहां से अमेरिका में प्रवेश कर सकें.

हवाई अड्डे पहुंचे यात्रियों में शामिल गौरव कुमार ने बताया, ‘हमारे एजेंट ने हमें जंगल के रास्ते वहां पहुंचाया था. करीब दो सप्ताह हम जंगल में चले थे. इसके बाद हमें मेक्सिको से निकाल दिया गया. केवल भारतीयों को वहां से निकाला गया है जबकि श्रीलंका, नेपाल और कैमरून के लोग अभी भी वहां रह रहे हैं. मैंने अपनी कृषि भूमि, सोना सब कुछ बेचकर कुछ 18 लाख रुपये एजेंट को चुकाए थे.’

भारत वापस भेजे जाने वाले लोगों में शामिल जशनप्रीत सिंह ने कहा, ‘हम सुबह पांच बजे यहां पहुंचे और तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोपहर एक बजे हवाई अड्डे से बाहर निकले.’

गौरतलब है कि मेक्सिको का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल जून में यह चेतावनी दी थी कि अगर मेक्सिको ने अपने देश की सीमा से अमेरिका में घुसने वाले लोगों पर लगाम नहीं लगाई तो वह देश (मेक्सिको) से होने वाले सभी आयातों पर सीमा शुल्क लगा देंगे.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में मेक्सिको के राजदूत फेडेरिको सालास ने बताया कि मेक्सिको की नई सरकार इमिग्रेशन पॉलिसी को बेहतर करने की दिशा में काम कर रही है. साथ ही हमारी सरकार यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि देश में कोई गलत तरीके से नहीं रह रहा हो.’

उन्होंने कहा, ‘मेक्सिको में बड़ी संख्या में लोग आते हैं और यहां से अमेरिका भी जाते हैं इसलिए हमारी सरकार ऐसी पॉलिसी तैयार करने में जुटी है जो कानूनी तौर पर सही हो और उससे प्रवासियों के मानवाधिकार की भी रक्षा की जा सके.’

सालास ने कहा कि मेक्सिको में विश्व के अन्य इलाकों की तरह ही प्रवासियों की समस्या एक बड़ी चुनौती की तरह है. हालांकि इन्हें लेकर अभी तक कोई विशेष घटना शुरू नहीं हुई है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)