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बांग्लादेशी सीमा पुलिस की गोलीबारी में बीएसएफ जवान की मौत, एक घायल

कुछ मछुआरों की गिरफ़्तारी को लेकर बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश के जवानों से सीमा सुरक्षा बल के जवानों से हुआ था टकराव. इस दौरान बांग्लादेश के जवान ने गोली चला दी. मृतक भारतीय जवान उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद ज़िले के रहने वाले विजयभान सिंह थे.

New Delhi: In this undated photo, is seen HC Vijay Bhan Singh who was martyred due to bullet injuries while on an operational duty (flag meeting with BGB) on Indo- Bangladesh Border on Thursday, Oct. 17, 2019. (PTI Photo)(PTI10_17_2019_000153)

बीएसएफ के हेड कॉन्स्टेबल विजय भान सिंह. (फोटो: पीटीआई)

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर गुरुवार को हुई ‘फ्लैग मीटिंग’ के बाद बांग्लादेश के सीमा रक्षकों ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की टुकड़ी पर गोलियां चलाईं जिससे एक जवान की मौत हो गई और एक जवान घायल हो गया.

अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के जवानों की कार्रवाई के कारण दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है. बीएसएफ के प्रमुख वीके जौहरी ने इस संबंध में अपने बांग्लादेशी समकक्ष मेजर जनरल शफीनुल इस्लाम से हॉटलाइन पर बात की.

अधिकारियों के अनुसार बीजीबी के महानिदेशक ने घटना की पूरी जांच कराने का आश्वासन दिया है.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के सीमा बलों के बीच बहुत अच्छे संबंध रहे हैं और दशकों से उनके बीच कोई गोली नहीं चली है.

अधिकारियों ने कहा कि यह घटना असामान्य है और स्थिति अधिक न बिगड़े, इसके प्रयास किए जा रहे हैं. इस घटना से नई दिल्ली स्थित उच्च सुरक्षा प्रतिष्ठान सतर्क हो गया है. सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने गृह और विदेश मंत्रालय को घटना की जानकारी दे दी है.

बीएसएफ ने एक बयान में कहा कि घटना मुर्शिदाबाद जिले में काकमारीचर सीमा चौकी पर सुबह करीब नौ बजे हुई जब मछुआरों के एक मुद्दे को सुलझाने के लिए पद्मा नदी के बीच जमीन के एक छोटे भाग ‘चर’ पर बीएसएफ के जवान बीजीबी जवानों तक पहुंचे.

उन्होंने कहा कि समस्या तब उत्पन्न हुई जब बीजीबी के जवानों ने तीन भारतीय मछुआरों को अंतरराष्ट्रीय सीमा के अंदर मछली पकड़ने के लिए गिरफ्तार कर लिया था. इन मछुआरों को बीएसएफ द्वारा मछली पकड़ने की अनुमति दी गई थी.

इसके बाद बीजीबी ने दो मछुआरों को छोड़ दिया और उनसे कहा कि वे सीमा सुरक्षा बल को तीसरे मछुआरे के पकड़े जाने की सूचना दें. इसके बाद बीएसएफ की 117वीं बटालियन के पोस्ट कमांडर उपनिरीक्षक छह जवानों की टीम के साथ मोटर बोट पर सवार होकर मसला सुलझाने निकले.

जब बीएसएस की टीम बीजीबी के ‘आक्रामक’ रुख को देखकर मोटरबोट से वापस आ रही थी तब सैयद नामक एक बीजीबी जवान ने पीछे से गोली चला दी.

अधिकारियों ने कहा कि बीजीबी सैनिक ने अपनी एके-47 राइफल से गोली चलाई जो बीएसएफ के हेड कॉन्स्टेबल विजय भान सिंह के सिर में लगी जिसके कारण तत्काल उनकी मृत्यु हो गई.

इस हमले में कॉन्स्टेबल राजवीर यादव हाथ में गोली लगने के कारण घायल हो गए. बीएसएफ के मृत जवान विजयभान सिंह (51) उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के चमरौली गांव के निवासी थे. साल 1990 में बीएसएफ में भर्ती होने वाले सिंह के परिवार में उनकी पत्नी और दो पुत्र हैं.

बीजीबी की हिरासत में मछुआरे की पहचान शिरोचर गांव के प्रणब मंडल के रूप में की गई है.

बीजीबी ने दावा किया कि गोली आत्मरक्षा में चलाई गई.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक बीजीबी ने एक बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने बीएसएफ के जवानों से कहा था कि अगर वह गिरफ्तार मछुआरों को ले जाना चाहते हैं तो फ्लैग मीटिंग के बाद इसकी औपचारिक अनुमति दी जाएगी.

बयान के अनुसार, ‘बीजीबी के गश्ती दल ने उन्हें (भारतीय सेना) बताया कि आप लोग भी बांग्लादेश में अवैध तरीके से घुसे हैं, इसलिए आप लोगों (भारतीय सेना) को भी फ्लैग मीटिंग के बाद औपचारिक तौर पर भारत भेजा जाएगा.’

बयान के अनुसार, ‘इसके बाद बीएसएफ के जवान भागने लगे तब बीजीबी के जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की. जिस पर बीएसएफ के जवानों ने फायरिंग शुरू कर दी. उनके स्पीडबोट भारतीय सीमा की ओर बढ़ते रहे तब बीजीबी के जवान ने आत्मरक्षा में गोली चला दी.’

इधर, बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया. दोनों देशों के सुरक्षा बलों की साल में दो बार बैठक होती है और पिछली बार महानिदेशक स्तर की बातचीत इस साल जून में ढाका में पिलखाना स्थित बीजीबी मुख्यालय में हुई थी.

इस घटना के बाद 4,096 किमी लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)