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सरकार गठन में देरी पर बोले संजय राउत, शिवसेना में कोई दुष्यंत चौटाला नहीं, जिसके पिता जेल में हों

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि हम गठबंधन धर्म का पालन करते हैं. हमारे पास विकल्प और भी हैं लेकिन उस विकल्प को स्वीकार करने का पाप हम नहीं करना चाहते. शिवसेना हमेशा सत्य और नीति की राजनीति करती आई है.

शिवसेना के नेता संजय राउत. (फोटो: पीटीआई)

शिवसेना के नेता संजय राउत. (फोटो: पीटीआई)

मुंबईः महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना गठबंधन को मिले स्पष्ट बहुमत के बाद भी सरकार गठन में हो रही देरी को लेकर शिवसेना सांसद संजय राउत ने भाजपा पर निशाना साधा है.

हरियाणा की तुलना में महाराष्ट्र में सरकार गठन में हो रही देरी के बारे में पूछने पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, ‘यहां कोई दुष्यंत चौटाला नहीं है, जिनके पिता जेल में हों. यहां हम हैं, जो धर्म और सत्य की राजनीति करते हैं.’

संजय राउत ने कहा, ‘शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि हम गठबंधन धर्म का पालन करते हैं. हमारे पास विकल्प और भी हैं लेकिन उस विकल्प को स्वीकार करने की मजबूरी या पाप हम नहीं करना चाहते. शिवसेना सत्य और नीति की राजनीति हमेशा करती आई है. हम सत्ता के भूखे नहीं हैं और सत्ता के लिए लोकतंत्र की हत्या करना. इस तरह की राजनीति से शिवसेना ने खुद को दूर रखा है.’

यह पूछे जाने पर कि भाजपा के साथ शिवसेना ने चुनाव से पहले ही गठबंधन कर लिया था फिर सरकार बनाने में इतना समय क्यों लग रहा है? जबकि हरियाणा में सरकार भी बन गई.

इस पर राउत ने कहा, ‘यहां कोई दुष्यंत चौटाला नहीं है, जिसके पिता जेल में हैं. यहां हम हैं, जो धर्म और सत्य की राजनीति करते हैं. यहां शरद पवार जी हैं, जिसने भाजपा के खिलाफ पूरा माहौल तैयार किया और चुनाव लड़ा. यहां कांग्रेस पार्टी है, जिसके पास एक आंकड़ा है और वह कभी भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेगी. अगर ये सब देखें तो पता चलेगा कि महाराष्ट्र की राजनीति पेचीदा हुई है.’

भाजपा द्वारा शिवसेना को सबक सिखाने के सवाल पर संजय राउत ने कहा, ‘कौन किसको सबक सिखाएगा. सत्ता से दूर रखना, कोई सबक होता है? अगर कोई हमें सत्ता से दूर रखना चाहता है तो यह हमारा सम्मान है. हमारा जन्म विपक्ष में हुआ है. हम सड़क की राजनीति करते आए हैं. अगर कोई हमें सत्ता से दूर रखने की साजिश करता है, वो भी जो गठबंध में है, तो यह धर्म की राजनीति नहीं है.’

संजय राउत ने कहा, ‘ बात रिमोट कंट्रोल की नही है, बात आंकड़ों की है, हम बाजार खोलकर नहीं बैठे हैं. हम सिर्फ ऑब्जर्व कर रहे हैं क्या हो रहा है. लोग किस हद तक जा सकते हैं, किस हद तक गिर सकते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘हमारी सिर्फ इतनी मांग है कि चुनाव से पहले जो तय हुआ है, उसके हिसाब से चर्चा हो.’

वहीं, संजय राउत के बयान पर दुष्यंत चौटाला ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के बयान से उनका कद नहीं बढ़ेगा.

जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के अध्यक्ष और हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा, ‘इसका मतलब संजय राउत को यह तो पता है कि दुष्यंत चौटाला कौन है. मेरे पिता जी जेल में आज से नहीं बल्कि छह साल से है. संजय जी ने कभी उनके हालचाल के बारे में नहीं पूछा. अजय चौटाला अपनी सज़ा की अवधि पूरी करने से पहले नहीं आए हैं. मैं संजय जी से कहूंगा कि इस तरह के बयान से उनका कद नहीं बढ़ेगा. उनकी पार्टी भाजपा के साथ लंबे समय से चल रही है लेकिन हमारी पार्टी का गठन हुए ग्यारह महीने हुए हैं लेकिन इस ग्यारह महीने के सफर के अंदर किसी को धोखा देकर, किसी से लड़कर, किसी को डरा-धमकाकर आगे बढ़ने की मंशा नहीं है, ईमानदार राजनीति को आगे लेकर चल रहे हैं.’

मालूम हो कि दुष्यंत चौटाला के पिता अजय चौटाला हरियाणा में शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में दोषी हैं और अपने पिता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के साथ नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हैं. बीते रविवार को ही उन्हें दो सप्ताह के लिए फर्लो (जेल से छुट्टी) मिली है.

ओमप्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला को सीबीआई की विशेष अदालत ने 10-10 साल की सजा सुनाई थी. इस घोटाले में कुल 55 लोगों को अदालत ने दोषी करार दिया था.