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उत्तर प्रदेश: हिरासत में मौत, पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप पर हत्या का मुक़दमा दर्ज

उत्तर प्रदेश के अमेठी ज़िले के पीपरपुर क्षेत्र में एक बैंक कर्मचारी से 26 लाख रुपये लूटे जाने के मामले में पूछताछ के मक़सद से हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. अमेठी ज़िलाधिकारी ने बताया कि मामले की मजिस्ट्रेट और विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं.

(फोटो साभार: ट्विटर/यूपी पुलिस)

(फोटो साभार: ट्विटर/यूपी पुलिस)

अमेठी: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के पीपरपुर क्षेत्र में लूट के एक आरोपी की मंगलवार को कथित तौर पर पुलिस हिरासत में हुई मौत की घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं. इसके साथ ही मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं.

अमेठी के जिलाधिकारी प्रशांत शर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं. पूरे मामले की जांच अमेठी के उप-जिला मजिस्टेट योगेंद्र कुमार सिंह करेंगे.

उधर, पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने बताया कि घटना की उच्चस्तरीय विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं. अमेठी के अपर पुलिस अधीक्षक दयाराम को जांच सौंपी गई है.

मालूम हो कि अमेठी जिले के पीपरपुर क्षेत्र में एक बैंक कर्मचारी से 26 लाख रुपये लूटे जाने के मामले में पूछताछ के मकसद से हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी.

बीते पांच अक्टूबर को पीपरपुर थाना क्षेत्र के परसोइया इलाके में यूको बैंक की शाखा में रकम डालने जा रहे शाखा प्रबंधक से हुई 26 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने सत्य प्रकाश शुक्ला (50) और उनके बेटों को 28-29 अक्टूबर की रात करीब दो बजे घर से हिरासत में लिया था.

अपर पुलिस अधीक्षक दयाराम के मुताबिक, शुक्ला ने दबिश के दौरान अपने घर में ही जहर खा लिया. रास्ते में तबीयत खराब होने पर उन्हें सुल्तानपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

शुक्ला के परिजनों का दावा है कि पुलिस ने उन्हें बेहद प्रताड़ित किया और जहर खिला दिया जिससे उनकी मौत हो गई.

थाना पुलिस और एसओजी पर हत्या का मुकदमा

इस बारे में शिकायत किए जाने पर सुल्तनापुर के पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुमार के निर्देश पर शहर कोतवाली में एसओजी अमेठी और पीपरपुर पुलिस के संबंधित अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ धारा 302, 392, 504 और 452 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

हालांकि अपर पुलिस अधीक्षक ने शुक्ला को प्रताड़ित करने और पुलिस द्वारा जहर खिलाए जाने के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पुलिस 26 लाख रुपये की लूट के मामले में पूछताछ के लिए उसे पकड़ने गई थी, तभी उसने घर के अंदर ही जहर खा लिया.

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ‘अब तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं उनके मुताबिक अमेठी की घटना में जिस अस्पताल में पीड़ित को सबसे पहले ले जाया गया, वहां के डाक्टर ने जो रिपोर्ट बनाई है इसमें कोई जहरीली चीज खाने की बात बताई गई  है. डॉक्टर ने इसे अपनी रिपोर्ट में भी दर्ज किया है. पोस्टमार्टम में शरीर पर जख्म की कोई बात नहीं है.’

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, ‘अमेठी में पुलिस-हिरासत में हुई सत्य प्रकाश शुक्ला की मौत से उपजे जनाक्रोश को भाजपा सरकार झूठी दलीलें देकर दबाना चाह रही है. परिजनों ने थर्ड डिग्री की प्रताड़ना का जो आरोप लगाया है उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए नहीं तो भाजपा सरकार से जनता का रहा-सहा भरोसा भी उठ जाएगा.’

इधर, मृतक सत्य प्रकाश सिंह के बेटे राहुल ने दावा किया है कि पुलिस ने उनके घर में छापा मारकर खूब उत्पात मचाया था.

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल ने दावा किया कि पुलिस उन्हें थाने लाकर उन पर खासा दबाव बना रही थी. पिता की पिटाई में शामिल पुलिसकर्मी उन पर 13 लाख रुपये देने का दबाव डाल रहे थे. बोल रहे थे कि 13 लाख रुपये देकर लूट की घटना को स्वीकार कर लो, नहीं तो तीनों को मार डालेंगे.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश में अपराध की घटनाओं को लेकर बुधवार को राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की पुलिस जनता को परेशान कर रही है लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही.

उन्होंने राज्य के प्रतापगढ़ की एक घटना का हवाला देते हुए ट्वीट कर कहा, ‘उत्तर पुलिस अपराधियों पर मेहरबान है लेकिन हर दिन नागरिकों को परेशान करने में माहिर है. प्रतापगढ़ के सत्य प्रकाश शुक्ला का परिवार बता रहा है कि उन्हें बच्चों के सामने किस तरह प्रताड़ित किया गया.’

प्रियंका ने आरोप लगाया, ‘हापुड़ में इस तरह की घटना हुई थी. लेकिन भाजपा सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही.’

मालूम हो कि पिछले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश में हिरासत में मौत के कई मामले सामने आ चुके हैं.

अक्टूबर महीने में ही उत्तर प्रदेश के हापुड़ ज़िले के पिलखुवा इलाके में प्रदीप तोमर नाम के किसान को उनकी एक रिश्तेदार की पत्नी की हत्या के सिलसिले में पुलिस ने हिरासत में लिया था. प्रदीप की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी. इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था.

बीते अगस्त महीने में उत्तर प्रदेश के अमेठी शहर की इंहौना पुलिस चौकी में चोरी के आरोप में गिरफ्तार एक व्यक्ति की हिरासत में मौत हो गई थी. इस मामले में दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)