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पाकिस्तान: कराची से रावलपिंडी जा रही ट्रेन में आग लगने से 74 लोगों की मौत

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रहीम यार ख़ान ज़िले के लियाक़तपुर में हुआ हादसा. रेलमंत्री ने कहा कि चलती ट्रेन में कुछ यात्रियों द्वारा दो छोटे गैस सिलेंडरों पर नाश्ता बनाने के दौरान उसमें विस्फोट होने से ट्रेन में आग लगी.

Liaquatpur: Rescue workers look for survivors following a train damaged by a fire in Liaquatpur, Pakistan, Thursday, Oct. 31, 2019. A massive fire engulfed three carriages of the train traveling in the country's eastern Punjab province AP/PTI(AP10_31_2019_000192B)

पाकिस्तान के लियाकतपुर में हुए ट्रेन हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य में लग कर्मचारी. (फोटो: एपी/पीटीआई)

लाहौर: पाकिस्तान में गुरुवार को एक चलती ट्रेन में आग लगने से कम से कम 74 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. हादसे में मारे गए लोग ज्यादातर इस्लामिक उपदेशक हैं, जो एक बड़ी धार्मिक सभा में भाग लेने के लिए जा रहे थे. आग उस समय लगी जब कुछ यात्री सुबह का नाश्ता बना रहे थे और दो गैस सिलिंडरों में विस्फोट हो गया.

आग में ट्रेन के दो इकोनॉमी क्लास के डिब्बे और एक बिजनेस क्लास का डिब्बा पूरी तरह जल गया. दमकल विभाग की 10 गाड़ियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझायी. बचाव अधिकारियों और सेना के हेलीकॉप्टरों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया. ज्यादातर घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है.

तेज़गाम एक्सप्रेस कराची से रावलपिंडी जा रही थी तभी यह हादसा हुआ. पंजाब प्रांत में लाहौर से 400 किमी दूर रहीम यार ख़ान ज़िले के लियाकतपुर में ट्रेन के तीन डिब्बे आग लगने से पूरी तरह जल गए. ट्रेन में 200 से अधिक यात्री सवार थे.

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक, रेल मंत्री शेख राशिद अहमद ने मरने वाले लोगों की संख्या की पुष्टि की है. अधिकारियों ने बताया कि इस त्रासदी में 40 से अधिक लोगों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं तथा मृतक संख्या बढ़ सकती है.

रशीद अहमद ने कहा कि चलती ट्रेन में कुछ यात्री दो गैस चूल्हों पर नाश्ता बना रहे थे. इस दौरान सिलेंडर फट गए जिसके कारण यह हादसा हुआ. उन्होंने कहा कि ट्रेन में खाना बनाना गैरकानूनी है.

उन्होंने ये भी बताया कि गैस सिलेंडर छोटे थे.

अहमद के अनुसार, मारे गए लोगों में तब्लीगी जमात (इस्लामी प्रचारक) के लोग शामिल थे, जो एक बड़े आयोजन के लिए लाहौर जा रहे थे. तब्लीगी जमात का मुख्यालय रायविंड में है और इस शहर में वार्षिक धार्मिक सभा तब्लीगी इज्तेमा का आयोजन करता है जो इस साल बृहस्पतिवार को होनी है.

हालांकि तब्लीगी जमात के पदाधिकारियों ने रेलमंत्री के दावे को खारिज करते हुए कहा कि धमाका शार्ट-सर्किट के कारण हुआ.

उन्होंने कहा कि कुछ घायल यात्रियों के अनुसार उन्होंने बुधवार रात को शार्ट-सर्किट की गंध के बारे में रेल अधिकारियों को बताया था लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया जिसके कारण गुरुवार की सुबह हादसा हुआ.

रेलमंत्री ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि 40 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की शिनाख्त करने के प्रयास जारी हैं.

मृत और घायल लोगों को लियाकतपुर के डीएचक्यू अस्पताल ले जाया गया है. गंभीर रूप से घायल लोगों को बहावलपुर के बहावल विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

लियाकतपुर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक नदीम जिया ने कहा कि अधिकतर शव इस हालत में थे कि उनकी पहचान नहीं की जा सकी. उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान डीएनए जांच से की जाएगी.

सेना के एक बयान में कहा गया है कि राहत कार्य जारी है और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है.

रेलमंत्री ने स्वीकार किया है कि गैस के सिलिंडरों को ले जाने से न रोक पाना प्रशासन की गलती है. उन्होंने दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजन को मुआवजे के तौर पर 15 लाख और घायलों को पांच लाख रुपये दिए जाएंगे.

प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस हादसे पर दुख जताया और घायलों को उचित उपचार मुहैया करवाने का निर्देश अधिकारियों को दिया है.

उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘मैं पीड़ित परिवारों के प्रति शोक संवेदना प्रकट करता हूं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं. मैंने मामले की जल्द से जल्द जांच के आदेश दे दिए हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)