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अमित सिंह

India's Finance Minister Pranab Mukherjee attends the three-day long India Economic Summit 2009 at the World Economic Forum in New Delhi November 10, 2009. India is hopeful of more than 7 percent growth in the fiscal year ending March 2011 and 9 percent growth by 2012, Mukherjee said on Tuesday. REUTERS/B Mathur (INDIA BUSINESS POLITICS)

क्या राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल में कुछ याद रखने लायक है?

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल अगले महीने खत्म हो रहा है. लंबे राजनीतिक अनुभव वाले प्रणब का राष्ट्रपति के रूप में कार्यकाल कैसा रहा है?

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बिहार: चंपारन से निलहे चले गए मिलहे आ गए

बिहार के पूर्वी चंपारन जिला मुख्यालय मोतिहारी में बंद पड़ी चीनी मिल के मजदूर करीब 134 महीने की सैलरी और किसानों को गन्ने का बकाया भुगतान दिलाने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

Motihari Sugar Mill Workers The Wire Hindi

बिहार के चीनी मिल मज़दूरों का दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन

बिहार के मोतिहारी से आए चीनी मिल मज़दूरों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले कई सालों के बकाया भुगतान की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है.

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पीट-पीटकर मार दिए गए ई-रिक्शा चालक रवींद्र के परिजनों से बातचीत

राजधानी दिल्ली में 27 मई को गुरु तेग बहादुर मेट्रो स्टेशन के पास दो युवकों ने 32 साल के ई-रिक्शा चालक की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी.

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क्या मोदी सरकार में एक मुसलमान के सामने ज़िंदा बचे रहना ही सबसे बड़ी चुनौती है?

नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले तीन साल के राज में ऐसा बहुत कुछ हुआ जिसने मुसलमानों में असुरक्षा और भय की तीव्र भावना पैदा करने का काम किया.

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विधायिका में मुसलमानों की घटती नुमाइंदगी लोकतंत्र के लिए बेहतर संकेत नहीं है

आंकड़े बताते हैं कि देश में मुसलमानों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बहुत तेज़ी से गिरता जा रहा है, जिसका मतलब होगा कि वह पूरी तरह से हाशिये पर चले जाएंगे.

फाइल फोटो पीटीआई

क्या भाजपा को वाक़ई मुसलमानों की चिंता हैं?

मुसलमानों के एक तबके में भाजपा को लेकर स्वीकार्यता बढ़ी है, लेकिन भाजपा की तरफ़ से ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला है कि मुसलमानों के लिए कुछ किया हो.

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जब चुनाव मुद्दों की जगह भावनाओं पर लड़ा जाएगा तो जीत भाजपा की होगी

जब एमसीडी चुनाव में साफ-सफाई, सड़कें, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार और पार्षदों का नकारापन मुद्दा नहीं बना तभी यह बात साफ हो गई थी कि भाजपा चुनाव में जीत हासिल कर चुकी है.

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भाजपा के दस साल के कामकाज से नाखुश होने के बाद भी जनता ने उसे क्यों चुना?

दिल्ली ​नगर निगम चुनाव से पहले लगभग सभी ओपीनियन पोल में जनता भाजपा शासित एमसीडी के कामकाज से नाखुशी जताते हुए भी वोट भाजपा को ही देने की बात कर रही थी.

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यूपी में मिली करारी हार के बाद सपा, बसपा और कांग्रेस ​क्या कर रही हैं?

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से सपा में घमासान जारी है तो बसपा प्रमुख मायावती के तेवर नरम पड़े हैं. वहीं कांग्रेसी ‘गठबंधन ग़लती था’ का राग अलाप रहे हैं. यूपी में सपा, बसपा और कांग्रेस की हार को एक महीने से ज्यादा का […]

A man rides his bicycle past volunteers of the Hindu nationalist organisation Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) taking part in the "Path-Sanchalan", or Route March during celebrations to mark the Vijaya Dashmi or Dussehra in Mumbai, India October 11, 2016. REUTERS/Shailesh Andrade

जम्मू-कश्मीर: भाजपा-पीडीपी सरकार आने के बाद संघ की शाखाओं में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी

संघ प्रांत कार्यवाह पुरुषोत्तम दधीचि ने बताया कि राज्य में संघ का तेजी से विस्तार हो रहा है. हमारी राष्ट्रवादी विचारधारा यहां की जनता को आकर्षित कर रही है.

New Delhi: Parliament during the first day of budget session in New Delhi on Tuesday. PTI Photo by  Kamal Kishore  (PTI2_23_2016_000104A)

आज ही के दिन 1947 में पेश हुआ हिंदू कोड बिल, ​कट्टरपंथियों ने काटा था बवाल

आज जैसे तीन तलाक़ में बदलाव की मांग को कट्टरपंथी धड़ा इस्लाम में दख़ल बताता है, कुछ वैसा ही आज़ादी के बाद हिंदू रूढ़ियों में बदलाव किए जाने पर अतिवादियों ने उसे हिंदू धर्म पर हमला बताया था.

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‘अयोध्या में मंदिर-मस्जिद से बड़ी बात आपस में अमन-चैन है’

हाशिम अंसारी राम जन्मभूमि विवाद से जुड़े सबसे पुराने पक्षकार थे. पिछले साल जुलाई में उनका देहांत हो गया. अपनी मौत के तीन महीने पहले इस पत्रकार से उन्होंने कहा था, ‘अयोध्या में रहने वाले लोग इस मसले से ऊब चुके हैं और इसका समाधान चाहते हैं लेकिन कुछ बड़े लोगों का इसमें राजनीतिक स्वार्थ है जो नहीं चाहते हैं कि मामला हल हो.’

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‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का सपना देखने वाली भाजपा कांग्रेस युक्त होती जा रही है

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ करने की इतनी जल्दी में है कि वे छह माह पहले कांग्रेस से भाजपा में आए नेता को मुख्यमंत्री बना दे रहे हैं.ऐसे दूसरे बहुत से नेता मंत्रिपद हासिल कर ले रहे हैं. आखिर इस तरह के नेताओं के सहारे मिली जीत भाजपा के लिए कितनी फायदेमंद होगी?

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योगी के सीएम बनने पर यूपी का आम मुसलमान क्या सोच रहा है?

रायबरेली के रहने वाले मनफीक ख़ान कहते हैं, ‘कोउ नृप होय हमें का हानि. मुख्यमंत्री कोई भी बने कमाकर ही खाना है तो मुख्यमंत्री कोई राजा बने, योगी बने, शर्मा बने या ख़ान बने कुछ भी फ़र्क नहीं पड़ता है. भाजपा जीती है, उसका मन जिसे करे उसे मुख्यमंत्री बनाए.’

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‘राम मंदिर से पहले अयोध्या का विकास करना हमारा लक्ष्य’

साक्षात्कार: उत्तर प्रदेश में भाजपा को भारी बहुमत मिला है. केंद्र और राज्य में अब भाजपा की सरकार है. अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भाजपा का बुनियादी मुद्दा रहा है. अयोध्या से पांच बार विधायक रहे और अभी फैजाबाद के सांसद लल्लू सिंह से राम मंदिर समेत तमाम दूसरे मुद्दों पर बातचीत.

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आपका किसान कंकाल और कटोरा लिए दिल्ली आ गया है

सूखे के चलते तमिलनाडु में पिछले चार महीने में 400 किसानों ने आत्महत्या कर ली है. राज्य के किसान कर्ज माफी और सूखा राहत पैकेज की मांग को लेकर पिछले तीन दिन से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

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कांग्रेस के लिए ‘राहु’ साबि​त हो रहे हैं राहुल गांधी!

राहुल गांधी के उपाध्यक्ष बनने के बाद से कांग्रेस को 24 चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है. पार्टी की हालत यह हो गई है कि इसके साथ गठबंधन करने वाले दलों की भी लुटिया डूब जा रही है.

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उत्तर प्रदेश में भाजपा किसे मुख्यमंत्री बनाएगी?

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा में राजनाथ सिंह, उमा भारती, मनोज सिन्हा, केशव मौर्या, योगी आदित्यनाथ समेत तमाम नामों पर चर्चा चल रही है.

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10 कारण जिनकी वजह से उत्तर प्रदेश में बसपा को करारी हार मिली

कुछ विश्लेषकों का मानना था कि बसपा इस चुनाव में डार्क हॉर्स साबित होगी. पार्टी का आधार वोट बैंक दलित और मुस्लिम मतदाता मिलकर उसे भारी जीत दिलाएंगे.

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क्या आप भी इस सवाल से परेशान हैं कि यूपी में कौन जीत रहा है?

यह ऐसा सवाल है जिसका जवाब हर कोई जानना चाह रहा है. अब तक यह सवाल आपसे इतनी बार पूछा जा चुका होगा कि आपको जवाब रट गया होगा. फिलहाल अगले कुछ घंटे आप इन समीकरणों पर भी विचार कीजिए.

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मणिपुर: जहां आठ लाशें विधानसभा चुनाव में मुद्दा हैं

मणिपुर के चूराचांदपुर के जिला अस्पताल के मुर्दाघर में पिछले करीब 550 दिनों से आठ लाशें दफनाए जाने का इंतजार कर रही हैं. इस बार के विधानसभा चुनाव में यह प्रमुख मुद्दा है.

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क्या विधानसभा पहुंचकर कम होंगी आदिवासियों की मुश्किलें?

सोनभद्र ज़िले की दो सीटें ऐसी हैं जहां आदिवासियों की अच्छी संख्या है. प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर इस इलाक़े की सुंदरता को दुहने पर तो सबकी नज़र है, लेकिन विकास पर किसी का ध्यान नहीं है.

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उत्तर प्रदेश में ऊदल की विरासत बचाने में नाकाम रहे वामदल

ग्राउंड रिपोर्ट: ऊदल कम्युनिस्ट पार्टी के लोकप्रिय नेता थे. उन्होंने बनारस की कोलअसला विधानसभा सीट से नौ बार चुनाव जीतकर कीर्तिमान बनाया था लेकिन यह सब गुज़रे ज़माने की बात है.

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देखौ गुरु! ई बनारस है, मोदी हों या अखिलेश, इहां सबको मत्था टेकना पड़ता है…

ग्राउंड रिपोर्ट: होली के पहले बनारस में चुनाव का रंग चढ़ा हुआ है और यहां का माहौल देखकर लगता है कि इस बार की होली कुछ ज़्यादा ही लाजवाब होने वाली है.

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कभी प्रतापगढ़ की पहचान रूसी नेता स्टालिन की बेटी और एक राजकुमार की प्रेम कहानी से थी

रूस के तानाशाह स्टालिन की बेटी स्वेतलाना और कालाकांकर (प्रतापगढ़) के राजकुमार बृजेश सिंह की प्रेम कहानी ने साठ के दशक में भारत, सोवियत संघ और अमेरिका के संबंधों में तनाव पैदा कर दिया था.

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ग्राउंड रिपोर्ट: क्यों पश्चिमी यूपी में मुसलमानों के पलायन से हिंदू दुखी हैं?

जब आप मुजफ्फरनगर जाते हैं तो वहां के ज्यादातर ​हिंदू-मुसलमान को दंगे को लेकर अलग-अलग कारणों से दुखी पाते हैं.

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ग्राउंड रिपोर्ट: किसे वोट देंगे पश्चिमी यूपी के मुसलमान

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सभी दल मुस्लिम वोटबैंक को साधने में लगे हैं, हालांकि वे किसे वोट करेंगे इसे लेकर भ्रम की स्थिति है.

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क्यों गन्ने की खेती पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनावी मुद्दा नहीं है?

गन्ने की खेती का मसला राजनीतिक दलों के लिए ही नहीं आश्चर्यजनक रूप से खुद किसानों के लिए भी चुनावी मुद्दा नहीं है.