Author Archives

भारत डोगरा

बाढ़ नियंत्रण को लेकर उल्टी गंगा बहायी जा रही है

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की जनता से व्यापक विमर्श नहीं किया जाता. क्योंकि जब उनसे बात होगी तो वे बाढ़ नियंत्रण से जुड़े भ्रष्टाचार की शिकायतें भी करेंगे. अपनी उपेक्षा और दुख-दर्द भी विस्तार से बताएंगे लेकिन सरकारें ये नहीं सुनना चाहतीं.

Farmers PTI

यह मिथक तोड़ना ज़रूरी है कि केवल रासायनिक खाद व कीटनाशक दवाओं से कृषि उत्पादकता बढ़ती है

दुनिया में सैकड़ों उदाहरण उपलब्ध हैं जहां महंगी रासायनिक खाद व कीटनाशकों के बिना अच्छी कृषि उत्पादकता प्राप्त की गई है.

अधिक जानलेवा बनते जा रहे हैं भू-स्खलन

भू-स्खलन ख़तरनाक है ही पर यदि बाढ़, भूकंप आदि अन्य आपदाओं को साथ मिलाकर देख जाए तो यह और भी जानलेवा हो जाते हैं, तिस पर अपनी लापरवाहियों से हमने इस संभावना को और बढ़ा दिया तो इसकी बहुत महंगी कीमत चुकानी पड़ेगी.

शिमला से रिपोर्ट: हाईवे विस्तार में उजड़े कई रोज़गार, कई आशियाने

कालका-शिमला हाईवे को टिम्बर ट्रेल से चम्बा घाट तक फोर लेन करने का काम अगर सही समन्वय के साथ किया जाता तो बहुत सारे लोगों के रोजगार और अशियाने न उजड़ते.

गोरक्षा के दौर में बुंदेलखंड में प्यास से मर रही हैं गायें

यह बेहद दुख की बात है कि तमाम गांवों में पशुओं की बड़ी संख्या में मौत होने के बावजूद अभी तक उनकी रक्षा के लिए कोई असरदार प्रयास नहीं हुए हैं.

बुंदेलखंड: जो बूढ़ा या बीमार है वो दो किलोमीटर से पानी कैसे लाए?

बुंदेलखंड के गांवों में बहुत से हैंडपंप हैं, पर उनमें पानी नहीं है. गांव वालों को दो किमी. दूर तालाब पर जाना पड़ता है. गंदे पानी के उपयोग से कई बीमारियां फैल रही हैं

मोदी सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य की योजनाओं का बजट क्यों घटाया?

अनुसूचित जातियों के लिए मैट्रिक से पूर्व की छात्रवृत्ति के लिए 2016-17 के बजट अनुमान में 550 करोड़ रुपये का प्रावधान था पर इस वर्ष 2017-18 में इसका बजट अनुमान मात्र 50 करोड़ रुपये रखा गया है.

सरकार मज़दूरों की सामाजिक सुरक्षा क्यों छीन रही है?

मज़दूरों को न्यूनतम सामाजिक सुरक्षा देने के लिए उनके कार्य क्षेत्र से जुड़े उपक्रमों पर एक उपकर (सेस) लगाया गया था, जिसे सरकार ख़त्म करती जा रही है.