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धीरज मिश्रा

NPR Files

एक्सक्लूसिव: एनपीआर पर जनता को गुमराह करती मोदी सरकार

वीडियो: द वायर द्वारा प्राप्त किए गए आधिकारिक दस्तावेज़ों से खुलासा होता है कि किस तरह केंद्र की मोदी सरकार काफी पहले से एनपीआर में आधार को ‘अनिवार्य’ करने का न सिर्फ़ मन बना चुकी थी, बल्कि करीब 60 करोड़ आधार नंबर को एनपीआर से जोड़ने का काम भी पूरा हो चुका है.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ख़ुद कहा था कि एनपीआर के साथ आधार ज़रूर जोड़ा जाना चाहिए

विशेष रिपोर्ट: द वायर द्वारा प्राप्त किए गए आधिकारिक दस्तावेज़ों से पता चलता है कि 15 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तत्कालीन प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें आधार जारी करने, एनपीआर डेटाबेस के साथ आधार नंबर को जोड़ने और समय-समय पर एनपीआर में आधार नंबर अपडेट करने को लेकर चर्चा की गई थी.

Aadhaar The Wire

गृह मंत्रालय ने अक्टूबर 2019 में एनपीआर के लिए आधार नंबर अनिवार्य करने का किया था प्रस्ताव

द वायर एक्सक्लूसिव: दस्तावेज़ों से पता चलता है कि केंद्र सरकार ने एनपीआर में अनिवार्य रूप से आधार इकट्ठा करने के लिए आधार क़ानून या नागरिकता क़ानून में भी संशोधन करने का प्रस्ताव रखा था.

Vaishali: BJP National President and Union Home Minister Amit Shah addresses an awareness rally on Citizenship Amendment Act (CAA) at Kharauna Pokhar near Vaishali, Thursday, Jan. 16, 2020. (PTI Photo)  (PTI1_16_2020_000088B)

तक़रीबन 60 करोड़ आधार नंबर पहले ही एनपीआर से जोड़े जा चुके हैं

द वायर एक्सक्लूसिव: गृह मंत्रालय आश्वासन दे रहा है कि जिन लोगों के पास आधार नंबर नहीं है उन्हें एनपीआर अपडेट करने के दौरान ऐसे दस्तावेज़ देने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा. हालांकि प्राप्त किए आधिकारिक दस्तावेज़ सरकार के इन आश्वासनों पर सवालिया निशान खड़े करते हैं.

Narendra Modi PTI

विचार-विमर्श के नियमों का उल्लंघन कर पारित हुआ था सामान्य वर्ग आरक्षण, पीएमओ की थी बड़ी भूमिका

द वायर एक्सक्लूसिव: आरटीआई के तहत प्राप्त किए गए दस्तावेज़ों से पता चलता है कि सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग को आरक्षण देने वाले 124वें संविधान संशोधन विधेयक पर क़ानून मंत्रालय के अलावा किसी अन्य विभाग के साथ विचार-विमर्श नहीं किया गया था. सरकार ने 20 दिन के भीतर ही इस विधेयक की परिकल्पना कर इसे संसद के दोनों सदनों से पारित कराकर क़ानून बना दिया था.

Chennai: Union Law and IT Minister Ravi Shankar Prasad addresses a press conference on CAA and NRC issue at state BJP office, in Chennai, Thursday, Jan. 9 ,2020. (PTI Photo/R Senthil Kumar)  (PTI1_9_2020_000233B)

तीन तलाक़ बिल के लिए क़ानून मंत्रालय ने किया नियमों का उल्लंघन: आरटीआई

वीडियो: द वायर द्वारा आरटीआई के तहत प्राप्त किए गए दस्तावेज़ों से पता चलता है कि कानून मंत्रालय ने तीन तलाक़ बिल पर किसी भी मंत्रालय या विभाग से विचार-विमर्श नहीं किया था. इसके लिए मंत्रालय ने दलील दी थी कि तीन तलाक़ की अनुचित प्रथा को रोकने की जल्द ज़रूरत है, इसलिए संबंधित मंत्रालयों से परामर्श नहीं लिया गया.

Ravi shankar prasad pti

क़ानून मंत्रालय ने तीन तलाक़ बिल पर किसी भी मंत्रालय या विभाग से नहीं किया था विचार-विमर्श

विशेष रिपोर्ट: आरटीआई के तहत प्राप्त दस्तावेज़ों से पता चलता है कि मंत्रालय ने दलील दी थी कि तीन तलाक़ की अनुचित प्रथा को रोकने की अति-आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए संबंधित मंत्रालयों से परामर्श नहीं लिया गया.

Rampur CAA protest Faiz Khan

‘बेटा अस्पताल में घंटों पड़ा रहा, लेकिन किसी ने चेक नहीं किया कि वह ज़िंदा भी है या नहीं’

ग्राउंड रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश के रामपुर ज़िले में बीते 21 दिसंबर को नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था. इस दौरान फ़ैज़ ख़ान नाम के एक युवक की मौत हो गई थी. परिजनों का आरोप है कि फ़ैज़ को समय पर मेडिकल सुविधा नहीं दी गई और जब परिवार ने उनका शव लेना चाहा तो पुलिस ने उन्हें पीटा.

Rampur Citizenship Protest Detention The Wire

नागरिकता क़ानून: ‘हमारे पास खाने के पैसे नहीं हैं, लाखों रुपये का जुर्माना कैसे भरेंगे’

ग्राउंड रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश के रामपुर ज़िले में बीते 21 दिसंबर को नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है. इसमें से कई लोगों के यहां संपत्ति नुकसान का हर्जाना भरने के लिए लाखों रुपये का नोटिस भेजा गया है.

Suleiman and Anas Bijnor Violence Victims Citizenship

‘जिस बेटे को 20 साल तक पाल-पोसकर बड़ा किया, पुलिस ने उसे मारने में 20 मिनट भी नहीं लगाया’

ग्राउंड रिपोर्ट: बीते 20 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के बिजनौर ज़िले के नहटौर क़स्बे में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान मोहम्मद सुलेमान और मोहम्मद अनस की मौत हो गई थी. सुलेमान यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे, जबकि अनस मुख्य रूप से अपने घर के अकेले कमाने वाले थे.

पुलिस हिरासत में लिए गए नाबालिग नासिर (बदला हुआ नाम). (फोटो: द वायर)

नागरिकता क़ानून: बिजनौर में हिरासत में लिए नाबालिग बोले- पुलिस पेशाब कराने के बहाने पीटती थी

ग्राउंड रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश के बिजनौर ज़िले के नगीना क़स्बे में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ 20 दिसंबर को हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा के संबंध पुलिस ने कई नाबालिगों को भी हिरासत में ले लिया था. इनके परिजनों का आरोप है कि हिरासत में उनके साथ पुलिस ने बर्बरता की.

गोली से घायल ओमराज सैनी के चचेरे भाई सुभाष (बाएं), उनकी पत्नी सुधा देवी और उनके दामाद रमेश. (फोटो: द वायर)

नागरिकता क़ानून: बिजनौर पुलिस का दावा- माहौल सांप्रदायिक होने से बचाया, लोगों का इनकार

ग्राउंड रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश में बिजनौर ज़िले के नहटौर कस्बे में ​नागरिकता क़ानून को लेकर बीते 20 दिसंबर को हिंसा के दौरान दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि गोली से घायल एक व्यक्ति का इलाज अस्पताल में चल रहा है.

MODI NEW

वित्त वर्ष ख़त्म होने में सिर्फ़ तीन महीने बाकी, अल्पसंख्यक मंत्रालय का 70 फीसदी बजट ख़र्च नहीं हुआ

विशेष रिपोर्ट: अल्पसंख्यकों के विकास के लिए ज़रूरी योजनाओं पर ही काफी कम पैसे ख़र्च हो रहे हैं. सरकार ने इसके मुक़ाबले औसतन ज़्यादा राशि हज सब्सिडी पर ख़र्च की है. इस साल सबसे कम पैसे अल्पसंख्यकों की शिक्षा के क्षेत्र में ख़र्च किए गए हैं.

New Delhi: Police personnel outside the Jamia Millia Islamia University as students  stage a protest against the passing of Citizenship Amendment Bill, in New Delhi, Friday, Dec. 13, 2019. (PTI Photo)
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जामिया हिंसा: ‘कौन सा देश लाइब्रेरी में पढ़ रहे छात्रों पर बर्बरता की अनुमति देता है’

वीडियो: नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध कर रहे जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों को दिल्ली पुलिस द्वारा कैंपस में घुसकर पीटने को लेकर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से बातचीत.

(फोटो: पीटीआई)

चुनावी बॉन्ड: चुनाव आयोग ने क़ानून मंत्रालय के अलावा संसदीय समिति को भी पत्र लिख जताई थी चिंता

चुनाव आयोग ने राज्यसभा की संसदीय समिति को बताया था कि यह समय में पीछे जाने वाला क़दम है और इसकी वजह से राजनीतिक दलों की फंडिंग से जुड़ी पारदर्शिता पर प्रभाव पड़ेगा.

(फोटो: रॉयटर्स)

स्टाफ की कमी से जूझ रहे हैं मानवाधिकार आयोग, 10 राज्यों में अध्यक्ष पद ख़ाली: आरटीआई

सूचना का अधिकार क़ानून के तहत प्राप्त दस्तावेज़ों के मुताबिक आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, झारखंड, महाराष्ट्र, मणिपुर और मेघालय के मानवाधिकार आयोग में अध्यक्ष का पद ख़ाली है. वहीं हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना का मानवाधिकार आयोग बिल्कुल बंद पड़ा हुआ है.

rcep agreement interview

‘आरसीईपी समझौते से करोड़ों दूध उत्पादक किसान बर्बाद हो जाएंगे’

साक्षात्कार: क़रीब 250 किसान संगठनों के सबसे बड़े मोर्चे अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेसीसी) ने आरसीईपी (क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी) व्यापार संधि के ख़िलाफ़ चार नवंबर को देश भर में मार्च निकालने की घोषणा की है. संगठन के संयोजक वीएम सिंह से बातचीत.

NGT

एनजीटी में विशेषज्ञों की नियुक्ति संबंधी दस्तावेज़ देने से केंद्र ने ​किया इनकार

विशेष रिपोर्ट: हाल ही में कैबिनेट ने एनजीटी में पर्यावरण मंत्रालय के दो वरिष्ठ अधिकारियों को बतौर विशेषज्ञ सदस्य नियुक्त करने की मंज़ूरी दी है. इनका कार्यकाल पांच साल के बजाय तीन साल के लिए निर्धारित किया है. पर्यावरणविदों का आरोप है कि कार्यकाल घटाकर केंद्र सरकार एनजीटी की स्वायत्तता को प्रभावित करना चाहती है.

जामिया में धरना प्रदर्शन के दौरान जुटे छात्र-छात्राएं. (फोटो: धीरज मिश्रा)

जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र-छात्राएं धरने पर क्यों बैठे हैं?

नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया के कुछ छात्र-छात्राएं पिछले 10 दिन से धरने पर बैठे हैं. विश्वविद्यालय में हुए एक कार्यक्रम के विरोध में ये प्रदर्शन हो रहा है. छात्रों का आरोप है कि कार्यक्रम में इज़राइल को कंट्री पार्टनर बनाया गया था, जबकि प्रशासन का कहना है कि इसमें इज़राइल का सिर्फ़ एक व्यक्ति शामिल हुआ था.

Amritsar: Despondent farmer inspects his flattened paddy crop following monsoon rainfall, on the outskirts of Amritsar, Sunday, Sept. 29, 2019. (PTI Photo) (PTI9_29_2019_000141B)

फसल बीमा योजना के 50 फीसदी दावों का भुगतान सिर्फ़ 30-45 ज़िलों में किया जा रहा है

विशेष रिपोर्ट: केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने इसके कारणों का पता लगाने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर जांच शुरू की है. इसके अलावा किसानों के 5,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के दावे का भुगतान नहीं किया जा सका है, जबकि दावा भुगतान की समय-सीमा काफी पहले ही पूरी हो चुकी है.

New Delhi: Union Home Minister Amit Shah speaks during the flag-off ceremony of the Delhi-Katra Vande Bharat Express from the New Delhi Railway Station, in New Delhi, Thursday, Oct. 3, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist)    (PTI10_3_2019_000102B)

यूएपीए संशोधन संबंधी दस्तावेज़ राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण नहीं दिए जा सकते हैं: गृह मंत्रालय

विशेष रिपोर्ट: अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाकर जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म करने के संबंध में आरटीआई के तहत द वायर की ओर से मांगी गई जानकारी देने से भी गृह मंत्रालय ने मना कर दिया है.

Lucknow: Laboures work to open a clogged sewers after heavy rains in Lucknow on Monday, July 30, 2018. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI7_30_2018_000226B)

सीवर में मौत: क़रीब 50 फीसदी पीड़ित परिवारों को ही मिला 10 लाख का मुआवज़ा

विशेष रिपोर्ट: द वायर द्वारा आरटीआई के तहत प्राप्त दस्तावेज़ों से पता चलता है कि 1993 से साल 2019 तक महाराष्ट्र में सीवर सफाई के दौरान हुई 25 लोगों की मौत के मामले में किसी भी पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवज़ा नहीं दिया गया. वहीं, गुजरात में सीवर में 156 लोगों की मौत के मामले में सिर्फ़ 53 और उत्तर प्रदेश में 78 मौत के मामलों में सिर्फ़ 23 में ही 10 लाख का मुआवज़ा दिया गया.

(फोटो: रॉयटर्स)

अडानी पावर को छोड़ सभी थर्मल प्लांट द्वारा पालन के बाद भी प्रदूषण मानकों में ढील दी गई

द वायर एक्सक्लूसिव: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिन थर्मल पावर प्लांट की सात इकाइयों के प्रदूषण स्तर की निगरानी की थी, उनमें से पांच निर्धारित मानकों का पालन कर रही थीं. अडानी पावर की दो इकाइयां इन मानकों पर खरी नहीं पाई गईं. 17 मई को पर्यावरण मंत्रालय ने प्रदूषण बोर्ड की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए थर्मल पावर प्लांट के वायु प्रदूषण मानक को हल्का करने की सैद्धांतिक मंज़ूरी दे दी.

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राष्ट्रीय जलमार्ग विधेयक: भाजपा शासित राज्यों समेत कई अन्य प्रदेशों ने उठाए थे सवाल

राज्यों के जलमार्गों को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित करने की परियोजना का वित्त मंत्रालय और नीति आयोग के साथ मध्य प्रदेश की तत्कालीन भाजपा सरकार ने कड़ा विरोध किया था. कई अन्य राज्यों ने भी राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित करने से पहले विस्तृत अध्ययन कराने की मांग की थी.

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106 नए राष्ट्रीय जलमार्ग बनाने के प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय, नीति आयोग ने जताई थी आपत्ति

विशेष रिपोर्ट: पोत परिवहन मंत्रालय को यह चेताया गया था कि व्यापक विचार-विमर्श के बिना किसी जलमार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित करना सही नहीं होगा. इतनी बड़ी संख्या में राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित करने पर न सिर्फ केंद्र सरकार पर आर्थिक बोझ पड़ेगा बल्कि पर्यावरण को भी गहरा नुकसान होगा, जिसकी भरपाई मुश्किल है.

(फोटो: द वायर)

किस हाल में है सोनभद्र का वो गांव, जहां के आदिवासी किसानों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी

ग्राउंड रिपोर्ट: बीते 17 जुलाई को सोनभद्र के उम्भा गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर हुए खूनी संघर्ष में 10 आदिवासी किसानों की हत्या कर दी गई थी, जबकि 28 अन्य घायल हो गए थे. इस मामले में ग्राम प्रधान यज्ञ दत्त मुख्य आरोपी हैं.

चुनाव आयोग. (फोटो: रॉयटर्स)

केंद्र सरकार के कार्यालय वाले करीब 90 फीसदी भवनों में नहीं है रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

विशेष रिपोर्ट: जहां एक तरफ मोदी सरकार आम जनता से जल संरक्षण के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की अपील कर रही है, वहीं आरटीआई के तहत प्राप्त दस्तावेज बताते हैं कि केंद्र की कुल 1367 कार्यालय भवनों में से सिर्फ 150 में ही रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं.

Rape Victim Photo The Wire

बच्चों का यौन शोषण रोकने के लिए करीब 1500 रेप पीड़िताओं ने सुप्रीम कोर्ट को लिखा पत्र

देश में बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं पर देश की 1500 बलात्कार और यौन उत्पीड़न की पीड़िताओं ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखकर दखल देने की मांग की है.

(फोटो: जाह्नवी सेन/द वायर)

मैला ढोने पर रोक के बावजूद कम से कम तीन गुना बढ़ गई मैला ढोने वालों की संख्या

साल 2018 में 18 राज्यों के 170 जिलों में सर्वे कराया गया था. इस दौरान कुल 86,528 लोगों ने खुद को मैला ढोने वाला बताते हुए रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन राज्य सरकारों ने सिर्फ 41,120 लोगों को ही मैला ढोने वाला माना है. बिहार, हरियाणा, जम्मू कश्मीर और तेलंगाना ने दावा किया है कि उनके यहां मैला ढोने वाला एक भी व्यक्ति नहीं है.

(फोटो: रॉयटर्स)

खेल मंत्रालय के कहने के बावजूद बीसीसीआई क्यों राष्ट्रीय एजेंसी से डोप टेस्ट कराने को तैयार नहीं

खेल मंत्रालय और बीसीसीआई के बीच हुए पत्राचार से यह जानकारी सामने आई है कि साल 2017 से खेल मंत्रालय बीसीसीआई से राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी के दायरे में आने के लिए कह रहा है. लेकिन बीसीसीआई इस बात पर अड़ा हुआ है कि चूंकि वो राष्ट्रीय खेल संगठन नहीं है, इसलिए राष्ट्रीय एजेंसी से क्रिकेट खिलाड़ियों का डोप टेस्ट नहीं कराएगा.

(फोटो साभार: ट्विटर/@AnjaliB_)

आरटीआई संशोधन: अगर इस देश में लोकतंत्र नहीं है तो हमें बता दिया जाए

वीडियो: नई दिल्ली में सूचना का अधिकार कानून में संशोधन की अनुमति न देने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन देने पहुंचे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया. राष्ट्रपति भवन के सामने आरटीआई कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में अगर विरोध का अधिकार नहीं तो हमें बता दिया जाए.

साक्षी महाराज और कुलदीप सिंह सेंगर. (फोटो: पीटीआई)

‘साक्षी महाराज का जेल में कुलदीप सेंगर से मिलना बताता है कि उनको सत्ता का समर्थन प्राप्त है’

वीडियो: भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली उन्नाव की पीड़िता का संदिग्ध परिस्थितियों में बीते 28 जुलाई को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक्सीडेंट हो गया. इस घटना के विरोध में और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर नई दिल्ली में प्रदर्शन हुआ.

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‘आरटीआई कानून में संशोधन सूचना आयुक्तों पर नियंत्रण और इसके प्रभाव को कम करने की कोशिश है’

वीडियो: केंद्र की मोदी सरकार द्वारा सूचना का अधिकार कानून में संशोधन करने को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता वेंकटेश नायक की धीरज मिश्रा से बातचीत.

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आरटीआई संशोधन पर पूर्व सूचना आयुक्तों ने कहा, ये गरीबों की आवाज़ है इसे मत दबाइए

वीडियो: नई दिल्ली में बैठक कर सात पूर्व सूचना आयुक्तों ने आरटीआई कानून में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधन का कड़ा विरोध किया है. इनका कहना है कि सरकार का ये कदम सूचना आयुक्तों की स्वतंत्रता और स्वायत्तता पर हमला है.

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केंद्रीय सूचना आयोग में करीब 32 हज़ार अपील और शिकायतें लंबित, पिछले दो सालों में सर्वाधिक

कार्यकर्ताओं का कहना है कि मोदी सरकार को सूचना का अधिकार क़ानून में संशोधन करने के बजाय सूचना आयोगों में आयुक्तों की नियुक्ति करनी चाहिए ताकि आरटीआई क़ानून और मज़बूत बने.

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‘आरटीआई में संशोधन नहीं, बल्कि इसकी आत्मा मारने की कोशिश हो रही है’

वीडियो: केंद्र की मोदी सरकार द्वारा सूचना का अधिकार (आरटीआई) क़ानून में प्रस्तावित संशोधन के ख़िलाफ़ दिल्ली में लोगों ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में कई सामाजिक कार्यकर्ता, वकील, विपक्षी दलों के सांसद और विभिन्न राज्यों से आए लोग शामिल थे.

Karad: Farmers plough their field as they sow soyabean at a field in Ghogaon village near Karad, Friday, July 5, 2019. Finance Minister Nirmala Sitharaman said the government will invest widely in agriculture infrastructure and support private entrepreneurship for value addition in farm sector. (PTI Photo) (PTI7_5_2019_000217B)

क्या किसानों को इस बजट से छलावे के सिवा कुछ हासिल नहीं हुआ?

साल 2019-20 का कृषि बजट करीब एक लाख 30 हज़ार करोड़ रुपये है, जो कुल बजट का केवल 4.6 फीसदी है. इसमें से 75,000 करोड़ रुपये पीएम-किसान योजना के लिए आवंटित किए गए हैं. इस तरह अन्य कृषि योजनाओं के लिए सिर्फ 55,000 करोड़ रुपये ही बचते हैं.

Vishesh Report

नीतीश सरकार ने चमकी बुखार पर शोध, जागरूकता, पुनर्वास के लिए कोई फंड नहीं मांगा

चमकी बुखार या एईएस से बिहार में अब तक क़रीब 150 बच्चों की मौत हो चुकी है. एईएस से निपटने के लिए बिहार सरकार की लापरवाही का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन 2019-20 के तहत इस पर शोध, पीड़ितों का पुनर्वास और लोगों को जागरूक करने के लिए किसी फंड की मांग नहीं की.

rbi kolkata reuters

कुल एनपीए की क़रीब 50 फीसदी राशि 100 बड़े क़र्ज़दारों के पास

द वायर एक्सक्लूसिव: आरटीआई के तहत प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक शीर्ष 100 एनपीए क़र्ज़दारों का एनपीए 4,46,158 करोड़ रुपये है, जो कि देश में कुल एनपीए 10,09,286 करोड़ रुपये का क़रीब 50 फीसदी है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi launching the Pradhan Mantri MUDRA Yojana, in New Delhi on April 08, 2015.
	The Union Minister for Finance, Corporate Affairs and Information & Broadcasting, Shri Arun Jaitley, the Minister of State for Finance, Shri Jayant Sinha and the secretary, Department of Financial Services (DFS), Ministry of Finance, Dr. Hasmukh Adhia are also seen.

एक साल के भीतर मुद्रा लोन के एनपीए में दोगुनी से भी ज़्यादा की वृद्धि

आरटीआई के तहत प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक मुद्रा योजना के तहत कुल 30.57 लाख खातों का 16,481.45 करोड़ रुपये एनपीए घोषित किया गया है.