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फिरदौस अज़मत सिद्दीक़ी

05 जनवरी 2020 की रात जेएनयू के गेट पर तैनात पुलिस. (फोटो: रॉयटर्स)

उच्च शिक्षण संस्थानों में उपजे वैचारिक मतभेद का हल हिंसा नहीं है

शिक्षण संस्थानों का जब-जब राजनीतिकरण होगा, उसकी परिणति अक्सर हिंसा के रूप में ही होती है. जेएनयू को लेकर हुए विवाद में आज देश दो धड़े में विभाजित है और यह विभाजन धार्मिक या जातीय नहीं बल्कि वैचारिक है.

New Delhi: Protestors hold placards during a demonstration against the Citizenship (Amendment) Act, at Mandi House, in New Delhi, Thursday, Dec. 19, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI12_19_2019_000118B)

नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ छिड़ा जन आंदोलन और इसके मायने

नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ शुरू हुए आंदोलन का हासिल यह है कि आज हर कोई यह सवाल कर रहा कि आख़िर इस क़ानून की ज़रूरत क्या थी, एनआरसी क्यों लाई जाएगी. इस पर भी चर्चा शुरू हो गई है कि अगर वोटर कार्ड है, आधार है तो अब रजिस्ट्रेशन किस बात का.