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हेमंत कुमार पाण्डेय

हलहलिया के गुरुद्वारे में किशन सिंह और सिख धर्म के अपनाने वाले लोगों के बच्चे. (सभी फोटो: हेमंत कुमार पांडेय)

बिहार: कमाने के लिए पंजाब गए कामगार सिख धर्म क्यों अपना रहे हैं

ग्राउंड रिपोर्ट: अररिया ज़िले की हलहलिया पंचायत में मुसहर जाति समेत पिछड़े वर्गों के कई कामगार, जो आजीविका कमाने के लिए पंजाब गए थे, उन्होंने सिख धर्म अपना लिया है. उनका कहना है कि वे इस बात से बहुत प्रभावित हुए कि इस धर्म में ऊंच-नीच का कोई भेदभाव नहीं किया जाता.

बस्सीपट्टी में चुनाव को लेकर चौक-चौराहे पर होने वाली बहसों में पलायन कोई मुद्दा नहीं है. (सभी फोटो: हेमंत कुमार पांडेय)

बिहार चुनाव: पलायन से प्रभावित गांव में न सरकार से नाराज़गी है, न ही कोई उम्मीद

ग्राउंड रिपोर्ट: आजीविका की तलाश में राज्य से पलायन की जिस बात को बिहार में चुनावी मुद्दा बताया जा रहा है, उसे मधुबनी ज़िले के बस्सीपट्टी गांव के लोग अपनी नियति मानकर स्वीकार कर चुके हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

बिहार: बेटी जन्मने के लिए मां को ज़िंदा जलाने की घटना और महिला सशक्तिकरण के सरकारी दावे

बीते 14 अक्टूबर को भागलपुर के एक अस्पताल में बुरी तरह से जली अररिया ज़िले की 22 साल की काजल ने दम तोड़ दिया. उनके माता-पिता का कहना है कि पिछले महीने बेटी पैदा होने के बाद से ही काजल को प्रताड़ित किया जा रहा था और उनके पति और ससुराल वालों ने उसे ज़िंदा जला दिया.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

बिहार: बुज़ुर्गों की तरह वृद्धाश्रमों को भी उपेक्षित छोड़ दिया गया है

बिहार समाज कल्याण विभाग की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, पूरे राज्य में केवल पटना, पूर्णिया, रोहतास, भागलपुर, पश्चिम चंपारण और बेगूसराय में सरकार प्रायोजित वृद्धाश्रम संचालित हैं, जबकि नियम ये है कि राज्य सरकारें हर ज़िले में कम से कम एक वृद्धाश्रम की स्थापना करेंगी.

मक्का किसान। (फोटो: हेमंत पांडेय)

‘किसानों की फ़सल सड़ रही है और सरकार विदेश से मक्का मंगा रही है’

रबी के सीज़न के दौरान देश में मक्का के कुल उत्पादन का 80 फ़ीसदी हिस्सा बिहार से आता है. लेकिन अब हाल यह है कि फ़सल की लागत तक न निकल पाने से निराश किसान मक्का जलाकर अपना विरोध जताने को मजबूर हैं.

Female prisoners sit inside their cell in the eastern Indian city of Kolkata. Credit: Reuters

देश की जेलें महिला क़ैदियों के लिए कितनी अनुकूल हैं?

दिल्ली दंगों से संबंधित मामले में गिरफ़्तार गर्भवती सफूरा ज़रगर तिहाड़ जेल में हैं और अदालत में जेल अधीक्षक का कहना था कि उन्हें सभी ज़रूरी सुविधाएं दी जा रही हैं. हालांकि देश की जेलों की स्थिति पर आए आंकड़े और सूचनाएं बताते हैं कि भारतीय जेलें गर्भवती महिला क़ैदियों के लिहाज़ से मुफ़ीद नहीं हैं.

नैनीताल के नजदीक स्थित भीमताल.

उत्तराखंड: ‘घर चलाने के लिए पत्नी के गहने भी बेच दिए लेकिन मुश्किलें कम नहीं हो रहीं’

कोरोना वायरस की वजह से देश में बीते 25 मार्च से लागू लॉकडाउन की वजह से उत्तराखंड का पर्यटन उद्योग बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. आजीविका के लिए पर्यटन से जुड़े लोगों का कारोबार चौपट हो गया है.

नई दिल्ली के मायापुरी स्थित ऑटो स्क्रैप की एक दुकान. (फोटो: हेमंत कुमार पांडेय)

नई दिल्ली: मायापुरी के ऑटो स्क्रैप कारोबारी क्यों परेशान हैं?

बढ़ते प्रदूषण के मद्देनज़र एनजीटी ने पश्चिमी दिल्ली के मायापुरी इलाके के कबाड़ के अवैध कारोबार को बंद करने का आदेश दिया था.