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जहांगीर अली

दक्षिण कश्मीर में आतंकवादियों ने बिहार के दो और मज़दूरों की गोली मारकर हत्या की

घटना कुलगाम ज़िले में हुई है. यह मिलिटेंट संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ के संस्थापक अब्बास शेख का गृह ज़िला है, जिसने सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ कश्मीर में रहने वाले स्थानीय और ग़ैर-स्थानीय अल्पसंख्यकों पर हाल के अधिकांश हमलों की ज़िम्मेदारी ली है. इस महीने अब तक नागरिकों को निशाना बनाकर की गई गोलीबारी में 11 लोगों की मौत हो चुकी है.

कश्मीर: सीआरपीएफ की गोली से शख़्स की मौत, परिवार ने कहा- मामला दबाना चाहती है पुलिस

सात अक्टूबर को अनंतनाग में एक सीमा चौकी के पास रुकने का संकेत देने के बावजूद एक कार के न रुकने पर सीआरपीएफ जवानों ने गोलियां चला दीं, जिसमें परवेज़ अहमद नाम के एक शख़्स की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी सहमति के बिना ही शव दफ़ना दिया. परवेज़ के परिवार के साथ घाटी के कई नेताओं ने इस घटना की जांच की मांग की है.

जम्मू कश्मीरः आतंकी हमले में एक ही दिन में श्रीनगर के एक केमिस्ट सहित तीन लोगों की हत्या

श्रीनगर में मंगलवार को आतंकियों के हमले में शहर के जाने-माने केमिस्ट समेत तीन लोगों की जान गई है. कश्मीर में हालिया हमले के बाद इस साल अब तक लगभग दो दर्जन नागरिकों की हत्या हो चुकी है. जम्मू कश्मीर पुलिस ने इन हत्याओं को ‘हाइब्रिड युद्ध’ बताया है, जो आतंकियों का एक नया हथकंडा है.

कश्मीरः प्राचीन मंदिर में तोड़-फोड़, पुलिस ने केस दर्ज किया

दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग ज़िले में शनिवार को अज्ञात लोगों ने मट्टन इलाके में पहाड़ पर स्थित माता बरघशिखा भगवती मंदिर में तोड़-फोड़ की. यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब केंद्र सरकार 1990 के दशक के शुरुआत में घाटी छोड़कर गए कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास को लेकर क़दम उठा रही है.

जम्मू कश्मीरः यूएपीए-पीएसए आरोपियों से ‘संपर्क’ रखने वाले सरकारी कर्मचारी बर्ख़ास्त होंगे

जम्मू कश्मीर के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 15 सितंबर को जारी किए गए इन नए नियमों से जम्मू कश्मीर के छह लाख सरकारी कर्मचारियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि यूएपीए और पीएसए का इस्तेमाल असंतोष को दबाने के लिए किया जा रहा है.

जम्मू कश्मीर पुलिस ने चार पत्रकारों के घर पर छापा मारा, एक दिन तक हिरासत में रखा

पुलिस द्वारा यह कार्रवाई कठोर यूएपीए क़ानून के तहत पिछले साल दर्ज एक मामले को लेकर की गई है, जो कश्मीर के पत्रकारों व कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी से जुड़ा हुआ है.

जम्मू कश्मीर: कैसे सैयद गिलानी के शव को उनके परिवार से लेकर जल्दी में दफ़नाया गया

अलगावादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के परिवार का कहना है कि पहले जम्मू कश्मीर पुलिस इस बात पर सहमत हुई थी कि उनके परिजन उन्हें दफ़नाने के इंतज़ाम कर सकेंगे, लेकिन बाद में पुलिसकर्मी उनका शव लेकर चले गए.

‘पुलिस ने मेरे भाई को मार दिया और अब वे नहीं चाहते कि हम उसकी क़ब्र पर दुआ भी पढ़ पाएं’

बीते दिनों जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा एक मुठभेड़ में इमरान क़यूम नाम के शख़्स को आतंकवादी बताते हुए मार गिराने के बाद उनको दफ़ना दिया गया. इमरान के परिवार ने पुलिस के दावों का खंडन करते हुए कहा है कि यह फ़र्ज़ी एनकाउंटर था. उन्होंने मामले की जांच के लिए उपराज्यपाल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पत्र भी लिखा है.

Srinagar: Policemen patrolling at Lal Chowk after restrictions were lifted, in Srinagar, Tuesday, Aug. 20, 2019. Barricades around the Clock Tower in Srinagar's city centre Lal Chowk were removed after 15 days, allowing the movement of people and traffic in the commercial hub, as restrictions eased in several localities while continuing in others. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI8_20_2019_000114B)

जम्मू कश्मीर: क्या है नई टास्क फोर्स, जो सरकारी कर्मचारियों को बिना जांच बर्ख़ास्त कर सकती है

केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रशासन ने ‘राज्य की सुरक्षा’ के ख़िलाफ़ संदिग्ध गतिविधियों वाले सरकारी कर्मचारियों के मामलों की जांच के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है. संविधान के अनुच्छेद 311 (2)(सी) के अंतर्गत पारित इस आदेश के तहत सरकार को हक़ है कि वो बिना जांच समिति का गठन किए किसी भी कर्मचारी को बर्ख़ास्त कर दे.

जम्मू कश्मीरः कथित मुठभेड़ में मारे गए किशोर के पिता पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज

श्रीनगर के बाहरी इलाके लवायपोरा में 29-30 दिसंबर को एक कथित मुठभेड़ में तीन संदिग्ध आतंकियों का मार गिराया गया था, जिसमें से एक 16 साल का किशोर था. यह इस तरह की दूसरी घटना है, जिसमें मुठभेड़ में मारे गए कथित आतंकी के परिजन के ख़िलाफ़ पुलिस ने यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया है.

Srinagar: Policemen patrolling at Lal Chowk after restrictions were lifted, in Srinagar, Tuesday, Aug. 20, 2019. Barricades around the Clock Tower in Srinagar's city centre Lal Chowk were removed after 15 days, allowing the movement of people and traffic in the commercial hub, as restrictions eased in several localities while continuing in others. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI8_20_2019_000114B)

जम्मू कश्मीर: ‘देशविरोधी’, ‘कट्टरतावादी’ पोस्ट पर नज़र रखेगी पुलिस, रखे जाएंगे साइबर वालंटियर

जम्मू कश्मीर पुलिस ने लोगों से ‘साइबर क्राइम वालंटियर’ बनने की अपील की है, जो ऑनलाइन उपलब्ध ग़ैर क़ानूनी बातें जैसे चाइल्ड पोर्नोग्राफी, आतंकवाद, कट्टरता, राष्ट्रविरोध आदि के बारे में सरकार को बताएंगे. कार्यकर्ताओं का कहना है कि इसे सत्ता के ख़िलाफ़ बोलने वालों के विरुद्ध इस्तेमाल किया जा सकता है.