Author Archives

मनोज जोशी

Kashmir Security Personnel PTI

कश्मीर से धारा 370 हटाना संवैधानिक तख्तापलट है, जिसके दूरगामी परिणाम होंगे

पुलिस और सेना का इस्तेमाल करके आम राय को कुछ समय के लिए दबाया जा सकता है, लेकिन क्या इससे राज्य में लंबे समय के लिए शांति सुनिश्चित की जा सकती है?

रिज़वान असद पंडित के ग़मगीन परिजन (फोटो: पीटीआई)

तीन घटनाएं, जो बताती हैं कि कश्मीर की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है

भाजपा मतदाताओं को यह दिखाने के लिए कि वह आतंक पर सख़्त है, उस मौजूदा कश्मीर नीति से छेड़छाड़ कर रही है, जो अलगाववादियों के साथ सामंजस्य लाने के उद्देश्य से बनाई गई थी. एक ऐसी नीति, जो राज्य को बर्बादी की कगार से वापस लाई थी.

surgical-strike-video

सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो प्रचारित करना मोदी सरकार का चुनावी तमाशा है

सैन्य उपलब्धियों का चुनाव में इस्तेमाल करना न तो असामान्य है और न ही ग़लत, लेकिन सवाल उठता है कि एक मामूली रणनीतिक कार्रवाई को एक बड़ी सैन्य जीत के तौर पर पेश करना कितना सही है.

Kashmiri protesters run towards Indian security personnel during a demonstration against the plan to resettle Hindus, in Srinagar April 10, 2015.  REUTERS/Danish Ismail

कश्मीर में वार्ताओं का हश्र देखकर केंद्र सरकार के नए क़दम से बहुत उम्मीद नहीं दिखती

वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा सिर्फ़ अलगाववादियों से ही वार्ता नहीं कर रहे. उन्हें प्रदेश सरकार में शामिल भाजपा से भी जूझना होगा, जो अलगाववादियों को रियायत देने के बिल्कुल ख़िलाफ़ है.

kargil pti

भाजपा ने कारगिल के शहीदों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए किया

बहादुर सैनिकों की शहादत पवित्र श्रद्धांजलि की हक़दार है, लेकिन अगर सरकार ने हालात को ज़्यादा सक्षम तरीके से संभाला होता, तो शायद आज वे ज़िंदा होते.

Farook-Ahmad-Dar-1024x625

किसी भी तरह के उकसावे पर सैन्य बलों को ग़ैर-क़ानूनी तरीकों का सहारा नहीं लेना चाहिए

सरकार के हिंसा पर एकाधिकार को तब ही स्वीकार किया जा सकता है जब वह क़ानून के दायरे में हो; अगर ऐसा नहीं है तब कोई उसके इस एकाधिकार को तोड़ता है तो उसे ग़लत नहीं ठहराया जा सकता.

Xi'an : Prime Minister Narendra Modi shakes hands with Chinese President  Xi Jinping during a meeting in Xi'an, Shaanxi Province, China on Thursday. PTI Photo by Shahbaz Khan  (PTI5_14_2015_000156B) *** Local Caption ***

क्या तवांग तय करेगा भारत-चीन के रिश्ते?

अरुणाचल प्रदेश के तवांग पर चीन अपना दावा जताता रहा है और जम्मू-कश्मीर के अक्साई चिन पर भारत का दावा है. ऐसे में तवांग और अक्साई चिन की अदला-बदली को लेकर बीते दिनों एक पूर्व शीर्ष चीनी वार्ताकार की टिप्पणी काफ़ी कुछ कहती है.

bipin-rawat_pti 1

यह समझने की ज़रूरत है कि घाटी में आतंकियों के प्रति समर्थन क्यों बढ़ रहा है?

इस वक़्त बड़ी चुनौती आतंकियों पर दबाव बनाने की है. इसके लिए समझदारी की ज़रूरत है लेकिन यह सेना प्रमुख के बयान और मोदी सरकार के इससे निपटने के तरीके में कम ही दिखता है.