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नितिन सिन्हा

(फाइल फोटो: पीटीआई)

राष्ट्रगान विवाद: जो चीज़ें अहम होतीं हैं उन्हें आम नहीं बनाना चाहिए

सिनेमाघर न तो पंद्रह अगस्त और छब्बीस जनवरी का लाल किला है, न ही उन तमाम स्कूलों और कॉलेजों का मैदान, जहां इन दो दिनों पर राष्ट्रगान भी होता है और ‘रंगारंग कार्यक्रम’ भी.

बीते दिनों उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने भगवा रंग की बसों को हरी झंडी दिखाकर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के बेड़े में शामिल किया. (फोटो साभार: योगी आदित्यनाथ/फेसबुक)

पहले शहर में राजनीति होती थी, अब शहरों की राजनीति होती है

पार्टियां और सरकारें बदलती हैं तो सिर्फ़ नुक्कड़ और चौराहों पर लगे इश्तिहार ही नहीं बदलते बल्कि सारे के सारे शहर का पोशाक बदल जाता है.

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भारतीय रेलवे की कहानी: रंगरेज मंसूबा सब लोग के सुहात बा…

भारतीय रेलवे में ‘खराब उपनिवेशवाद’ और ‘अच्छे राष्ट्रवाद’ के बंधे-बंधाए झगड़े के परे कई साधारण कहानियों, कल्पनाओं और अतिशयोक्तियों का अस्तित्व है.