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रवीश कुमार

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

क्या भारत कैंसर से लड़ने को तैयार है?

भारत में कैंसर को लेकर कोई ज़िद किसी नेता में नज़र नहीं आती. कैंसर होते ही मरीज़ के साथ पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है. कई संस्थाएं कैंसर के मरीज़ों के लिए काम करती हैं मगर इसे लेकर रिसर्च कहां है, जागरूकता कहां है, तैयारी क्या है?

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

किसी दिन ये नेता सुप्रीम कोर्ट से कह देंगे कि जनादेश हमारे पास है, फैसला हम करेंगे

सरकार के पास अगर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू कराने का ढांचा और इरादा नहीं है तो फिर सुप्रीम कोर्ट को ही सरकार से पूछ लेना चाहिए कि हम आदेश देना चाहते हैं पहले आप बता दें कि आप लागू करा पाएंगे या नहीं.

New Delhi:Senior BJP leader LK Advani during BJP National Executive Meeting, in New Delhi, Saturday, Sept 8, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI9_8_2018_000129B)

अकेलेपन का अंडमान भोगते आडवाणी

लालकृष्ण आडवाणी ने अपने निवास में प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए बाकायदा एक हॉल बनवाया था. तब अपनी प्रासंगिकता को लेकर कितने आश्वस्त रहे होंगे. कहीं ऐसा तो नहीं कि वे दिन में एक बार उस हॉल में लौटते होंगे. कैमरे और सवालों के शोर को सुनते होंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली (फोटो: पीटीआई)

क्या रिज़र्व बैंक के रिज़र्व पर सरकार की नज़र है?

एनडीटीवी की वेबसाइट पर मिहिर शर्मा ने लिखा है कि रिजर्व बैंक अपने मुनाफे से हर साल सरकार को 50 से 60 हज़ार करोड़ रुपये देती है. उसके पास साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिज़र्व है. सरकार चाहती है कि इस रिज़र्व से पैसा दे ताकि वह चुनावों में जनता के बीच गुलछर्रे उड़ा सके.

Modi CBI IB Officials PTI copy

रोशनी प्रधानमंत्री से आ रही है, इसलिए पुलिस आईबी को पीट रही है

हर किसी को हर किसी पर शक है. घर-घर शक है. दफ़्तरों में शक है. अधिकारियों में शक है. दिल्ली में रहते हैं तो बिना कॉलर वाली कमीज़ पहनकर चलें, वर्ना किस अफ़सर का आदमी किस आदमी को अफ़सर समझकर कॉलर पकड़ ले.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the gathering at a function to commemorate the 75th anniversary formation of the Azad Hind Government, at Red Fort, Delhi on October 21, 2018.

मोदी को प्रधान सेवक के साथ भारत का प्रधान इतिहासकार भी घोषित कर देना चाहिए

प्रधानमंत्री इसीलिए आज के ज्वलंत सवालों के जवाब देना भूल जा रहे हैं क्योंकि वे इन दिनों नायकों के नाम, जन्मदिन और उनके दो-चार काम याद करने में लगे हैं. मेरी राय में उन्हें एक मनोहर पोथी लिखनी चाहिए, जो बस अड्डे से लेकर हवाई अड्डे पर बिके. इस किताब का नाम मोदी-मनोहर पोथी हो.

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पूर्व अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य (फोटो: पीटीआई)

क्या लोकपाल सर्च कमेटी की सदस्य अरुंधति भट्टाचार्य रिलायंस समूह की स्वतंत्र निदेशक बन सकती हैं?

क्या लोकपाल सर्च कमेटी की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को उन्हें कमेटी से हटा नहीं देना चाहिए या अरुंधति भट्टाचार्य को ख़ुद से इस्तीफ़ा नहीं देना चाहिए?

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

स्कूलों की कक्षा भी बंट जाए हिंदू-मुसलमान में तो क्या बचेगा हिंदुस्तान में

राजनीति हमें लगातार बांट रही है. वह धर्म के नाम एकजुटता का हुंकार भरती है मगर उसका मक़सद वोट जुटाना होता है. एक किस्म की असुरक्षा पैदा करने के लिए यह सब किया जा रहा है. आप धर्म के नाम पर जब एकजुट होते हैं तो आप ख़ुद को संविधान से मिले अधिकारों से अलग करते हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: ट्विटर/@Gurpree46492633)

गुजरात की भीड़ से भागते यूपी-बिहार के लोग, यूपी-बिहार की भीड़ से कहां-कहां भागे लोग

गुजरात में मासूम से बलात्कार की घटना के बाद वहां के लोग यूपी-बिहार के लोगों के ख़िलाफ़ गोलबंद हो गए हैं. इसमें उनकी गलती नहीं. हाल के दिनों में बलात्कार को राजनीतिक रूप देने के लिए धार्मिक पृष्ठभूमि को उभारा गया है ताकि उसके बहाने एक समुदाय विशेष पर टूट पड़ें.

मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत. (फोटो: पीटीआई)

क्या चुनाव आयोग भाजपा का चुनाव प्रभारी बन गया है?

चुनाव आयोग लगातार अपनी विश्वसनीयता से खिलवाड़ कर रही है. गुजरात विधानसभा की तारीख़ तय करने के मामले में यही हुआ. यूपी के कैराना में उपचुनाव हो रहे थे, आचार संहिता लागू थी और आयोग ने प्रधानमंत्री को रोड शो करने की अनुमति दी.

Narendra Modi at Amul Plant Twitter namo featured

रुपया 73 पर, बेरोज़गारी आसमान पर और प्रधानमंत्री इवेंट पर

अनिल अंबानी समूह पर 45,000 करोड़ रुपये का कर्जा है. अगर आप किसान होते और पांच लाख का कर्जा होता तो सिस्टम आपको फांसी का फंदा पकड़ा देता. अनिल अंबानी राष्ट्रीय धरोहर हैं. ये लोग हमारी जीडीपी के ध्वजवाहक हैं. भारत की उद्यमिता की प्राणवायु हैं.

Narendra Modi Gita Gopinath PTI Twitter

जब हार्वर्ड की गीता हार्डवर्क वाले मोदी से मिलेंगी, तो बैकग्राउंड में नोटबंदी के भाषण बजेंगे!

नरेंद्र मोदी ने कम से कम एक ऐसा आर्थिक समाज तो बना दिया है जो नतीजे से नहीं नीयत से मूल्यांकन करता है. मूर्खता की ऐसी आर्थिक जीत कब देखी गई है? गीता गोपीनाथ जैसी अर्थशास्त्री को नीयत का डेटा लेकर अपना नया शोध करना चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली (फोटो: पीटीआई )

मोदी राज की मेहरबानी- अमीरों के 3 लाख करोड़ लोन माफ़ हुए, मंत्री ने ट्वीट तक नहीं किया

मोदी सरकार के चार सालों में 21 सरकारी बैंको ने 3 लाख 16 हज़ार करोड़ के लोन माफ़ किए हैं. यह भारत के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के कुल बजट का दोगुना है. सख़्त और ईमानदार होने का दावा करने वाली मोदी सरकार में तो लोन वसूली ज़्यादा होनी चाहिए थी, मगर हुआ उल्टा. एक तरफ एनपीए बढ़ता गया और दूसरी तरफ लोन वसूली घटती गई.

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अगर सरकार को अंबानी के लिए ही काम करना है तो अगली बार नारा दे, अबकी बार अंबानी सरकार

सितंबर 2016 में तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और फ्रांस के रक्षा मंत्री के बीच राफेल क़रार पर दस्तख़त हुए थे, उसके ठीक पहले रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने राफेल लड़ाकू विमानों की कीमतों को लेकर सवाल उठाए थे और इसे फाइल में दर्ज किया था.

ILFS reuters

90 हज़ार करोड़ की डिफाल्टर आईएल एंड एफएस कंपनी डूबी तो आप भी डूबेंगे

इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से जुड़ी सरकारी क्षेत्र की कंपनी आईएल एंड एफएस अपने क़र्ज़ों की किस्त नहीं चुका पा रही है. इसके चलते न केवल कई बड़े बैंक संकट में पड़ गए हैं बल्कि प्रोविडेंट फंड और पेंशन फंड में पैसा लगाने वाले आम लोगों की मेहनत की कमाई भी दांव पर लगी है.

People watch television sets displaying India's Finance Minister Arun Jaitley presenting the budget in parliament, at an electronic shop in the northern Indian city of Chandigarh February 28, 2015. Jaitley on Saturday announced a budget aimed at high growth, saying the pace of cutting the fiscal deficit would slow as he seeks to boost investment and ensure that ordinary people benefit. REUTERS/Ajay Verma (INDIA - Tags: BUSINESS)

न्यूज़ चैनल अब जनता के नहीं, सरकार के हथियार हैं

2019 का चुनाव जनता के अस्तित्व का चुनाव है. उसे अपने अस्तित्व के लिए लड़ना है. जिस तरह से मीडिया ने इन पांच सालों में जनता को बेदख़ल किया है, उसकी आवाज़ को कुचला है, उसे देखकर कोई भी समझ जाएगा कि 2019 का चुनाव मीडिया से जनता की बेदख़ली का आख़िरी धक्का होगा.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing at the ceremony to mark the release of two books on Indian Constitution, at Parliament House Annexe, in New Delhi on November 25, 2016.

भारत को लूटो-भारत से भागो, नई योजना आई है क्या प्रधानमंत्री जी!

अमित शाह ने दिल्ली में कहा है कि सौ करोड़ घुसपैठिये घुस गए हैं. जल्दी ही अमित शाह हर किसी को घुसपैठिया बता देंगे. जनता पूछेगी भी नहीं कि अमित भाई, बांग्लादेशी भगा रहे हैं या गुजरात को बदनाम करने वाले जतिन मेहता, नितिन संदेसरा, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को.

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राफेल डील: मोदी सरकार को अब कुतर्क छोड़कर सवालों के जवाब देने चाहिए

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बयान के बाद कि अंबानी का नाम भारत सरकार की तरफ से आया था, राफेल विवाद में संदेह की सूई निर्णायक रूप से नरेंद्र मोदी की तरफ़ मुड़ गई है.

New Delhi: Union Minister for Defence Nirmala Sitharaman waits to receive her Tajikistan counterpart Lieutenant General Sherali Mirzo at South Block in New Delhi on Thursday. PTI Photo by Manvender Vashist (PTI2_8_2018_000113B)

निर्मला जी को कोई याद दिलाए कि वे जेएनयू की नहीं, देश की रक्षा मंत्री हैं

अगर रक्षा मंत्री को विश्वविद्यालयों में इतनी ही दिलचस्पी है तो जियो इंस्टिट्यूट पर ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दें. बहुत सी यूनिवर्सिटी में शिक्षक नहीं हैं. जो अस्थायी शिक्षक हैं उनका वेतन बहुत कम हैं. इन सब पर भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करें.

India crowd reuters

क्या जनता के रूप में आपने बिल्कुल सोचना बंद कर दिया है?

एक केंद्रीय मंत्री जिसे इस वक़्त पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दामों को कम करने के लिए प्रयासरत होना चाहिए था तो वह विरोधी पक्ष के एक नेता के ज़मानत के दिन गिन रहा है. उनकी भाषा ट्रोल की तरह हो गई है.

New Delhi: A file photo of liquor baron Vijay Mallya. MEA (Ministry of External Affairs) revoked Mallya's passport under S.10(3)(c) & (h) of Passports Act," foreign ministry spokesman Vikas Swarup tweeted on Sunday.   PTI Photo  (PTI4_24_2016_000134B) *** Local Caption ***

माल्या को ‘माल्या’ किसने बनाया?

विजय माल्या ने हर दल की मदद से खुद को राज्यसभा में पहुंचाकर भारत की संसदीय परंपरा को उपकृत किया. मैं माल्या के इस योगदान का सम्मान करता हूं. इस मामले में प्रो-माल्या हूं. क्या माल्या बहुत बड़े राजनीतिक विचारक थे? जिन-जिन लोगों ने उन्हें संसद में पहुंचाया वो सामने आकर बोले तों. वन सेंटेंस में!

Modi Mllaya Jaitley Collage PTI Reuters

जनता एनपीए विवाद में उसी तरह उल्लू बन रही है जैसे हिंदू-मुस्लिम डिबेट में बनती है

अगर यह राजनीतिक विवाद किसी भी तरह से आर्थिक अपराध का है तो दस लाख करोड़ रुपये लेकर फरार अपराधियों के नाम लिए जाने चाहिए. किसके राज मे लोन दिया गया यह विवाद है, किसे लोन दिया गया इसका नाम ही नहीं है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi and former prime minister Manmohan Singh during a release of the book titled "Moving On...Moving Forward: A Year in Office" published on experiences of M Venkaiah Naidu during his first year as Vice President of India and Chairman of Rajya Sabha, in New Delhi on Sunday, Sept 2, 2018. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI9_2_2018_000057B)

एनपीए को लेकर यूपीए और एनडीए की नीतियां और नीयत एक जैसी है

कुछ अमीर उद्योगपति और अमीर होते रहें, जनता हिंदू-मुस्लिम करती रहे, इसलिए कांग्रेस भी नहीं बताती है कि वह जब सत्ता में आएगी तो उसकी अलग आर्थिक नीति क्या होगी. भाजपा भी यह सब नहीं करती है जबकि वह सत्ता में है.

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सरकार ने पिछले चार साल में तेल के ज़रिये आपका ‘तेल’ निकाल दिया है

यूपीए ने 2005-06 से 2013-14 के बीच जितना पेट्रोल-डीज़ल की एक्साइज़ ड्यूटी से नहीं वसूला उससे करीब तीन लाख करोड़ रुपये ज़्यादा उत्पाद शुल्क एनडीए ने चार साल में वसूला है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi looks on during the launch of India Post Payments Bank (IPPB), in New Delhi on Saturday, Sept 1, 2018. (PTI Photo/Subhav Shukla) (PTI9 1 2018 000073B)

भाषणों के मास्टर मोदी पेट्रोल से लेकर रुपये पर क्यों नहीं बोल रहे हैं?

सरकार में हर कोई दूसरा टॉपिक खोजने में लगा है जिस पर बोल सकें ताकि रुपये और पेट्रोल पर बोलने की नौबत न आए. जनता भी चुप है. यह चुप्पी डरी हुई जनता का प्रमाण है.

India-Crowd-Reuters

यूनीफॉर्म सिविल कोड का मुद्दा भी बोगस निकला

यूनीफॉर्म सिविल कोड के नाम पर चैनलों और अखबारों में कितनी बहस चलाई गई और मुसलमानों के प्रति नफ़रत का वट वृक्ष खड़ा किया जाता रहा. इस डिबेट में पहले भी कुछ नहीं था, अब भी कुछ नहीं है.

भारतीय रिज़र्व बैंक(फोटो: रायटर्स)

नोटबंदी के बाद से छोटे उद्योगों द्वारा बैंकों का लोन नहीं चुकाने का मार्जिन दोगुना हो गया

भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार, मार्च 2017 तक लोन न चुकाने का मार्जिन 8,249 करोड़ था जो मार्च 2018 तक बढ़कर 16,111 करोड़ रुपये हो गया.

Jammu : Children wear Prime Minister Narendra Modi's mask and display new currency 2000 note as they welcome the demonetisation step in Jammu on Sunday. PTI Photo   (PTI11_13_2016_000190B)

नोटबंदी के समय उल्लू बने लोग हाज़िर हों, 99.3 प्रतिशत पैसा बैंकों में वापस आ गया है

भारतीय रिज़र्व बैंक की रिपोर्ट आई है कि नोटबंदी के वक्त 15.41 लाख करोड़ सर्कुलेशन में था, जिसमें से 15.31 लाख करोड़ वापस आ गया है. यानी व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी का यह दावा कि नोटबंदी से ब्लैक मनी नष्ट हो जाएगा, बोगस निकल गया है.

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क्या ‘चौकीदार जी’ ने अंबानी के लिए चौकीदारी की है?

मानव संसाधन मंत्रालय के शुरुआती नियमों में अंबानी के जियो इंस्टीट्यूट को प्रतिष्ठित संस्थान का टैग नहीं मिल पाता. यहां तक कि वित्त मंत्रालय ने भी चेतावनी दी थी कि जिस संस्थान का कहीं कोई वजूद नहीं है उसे ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस’ का दर्जा देना तर्कों के ख़िलाफ़ है.

A man's inked finger is seen after casting his ballot during presidential elections in Monrovia, Liberia, October 10, 2017. REUTERS/Thierry Gouegnon

एक देश, एक चुनाव: एक बोगस और बकवास मुद्दा है

मोदी सरकार एक चीज़ की मास्टर है. वह समय-समय पर थीम और थ्योरी ठेलते रहती है. कुछ थीम मार्केट में आकर ग़ायब हो जाते हैं और कुछ चलते रहते हैं. जैसे मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया का थीम ग़ायब है.

(फोटो: रॉयटर्स)

गोदी मीडिया को देखकर लगता है कि इस दौर में मुसलमानों से नफ़रत करना ही रोज़गार है

इस दौर की ख़ूबसूरत सच्चाई यह है कि बेरोज़गार रोज़गार नहीं मांग रहा है. वो इतिहास का हिसाब कर रहा है. उसे नौकरी नहीं, झूठा इतिहास चाहिए!

twitter Sanatan sanstha

कौन बना रहा था महाराष्ट्र के पांच शहरों में धमाके की योजना

महाराष्ट्र के पांच शहरों मुंबई, पुणे, सोलापुर, सतारा और नालासोपारा में धमाके की योजना का पर्दाफाश हुआ है. इस मामले में सनातन संस्था, हिंदू जनजागृति समिति, हिंदू गोवंश रक्षा समिति, श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्तान जैसे संगठनों के नाम आए हैं.

newspaper media reuters

क्या भारत के बड़े अख़बार प्रेस की आज़ादी पर छोटे अख़बारों के हक़ में संपादकीय लिख सकते हैं?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार प्रेस पर हमला करते रहते हैं. अमेरिकी प्रेस ने इसके ख़िलाफ जम कर लोहा लिया है. अख़बार बोस्टन ग्लोब के नेतृत्व में 300 से अधिक अख़बारों ने एक ही दिन प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर संपादकीय छापे हैं.

FILE PHOTO: Untreated sewage flows from an open drain into the river Ganges in Kanpur, India, April 4, 2017. REUTERS/Danish Siddiqui/File Photo

गंगा तो साफ़ नहीं हुई लेकिन सरस्वती को खोज निकालने का दावा किया जा रहा है

हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार यमुनानगर में सरस्वती नदी को खोजने का दावा कर रही है. लोगों में यह विश्वास गढ़ा जा रहा है कि सरस्वती नदी मिल गई है. इधर, हुज़ूर अपना वक़्त नाले से निकलने वाली गैस से चाय बनाने की थ्योरी में टाइम बर्बाद कर रहे हैं.

New Delhi: Lawyer Prashant Bhushan with former union ministers Arun Shourie and Yashwant Sinha during a press conference, in New Delhi on Aug 8, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI8_8_2018_000184B)

राफेल विमान सौदा: ये है पूरी कहानी जिस पर मचा है घमासान

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा के साथ प्रशांत भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान खरीदने से जुड़े सौदे के संबंध में कई सवाल उठाए हैं.

फोटो साभार: ट्विटर

युवाओं को पता है कि रोज़गार को लेकर उनके प्रधानमंत्री का नज़रिया क्या है?

भारतीय युवा परमानेंट रोज़गार की तैयारी में जवानी के पांच-पांच साल हवन कर रहे हैं. उनसे यह बात क्यों नहीं कही जा रही है कि रोज़गार का चेहरा बदल गया है. अब अस्थायी काम ही रोज़गार का नया चेहरा होगा.

EDS PLS TAKE NOTE OF THIS PTI PICK OF THE DAY::::::::: Ghaziabad: Commuters hang on the gates and sit on the roof while traveling by a crowded train on World Population Day, at Noli Railway Station near Ghaziabad on Wednesday, July 11, 2018. The theme of World Population Day 2018 is ''Family planning is a human right'. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI7_11_2018_000053A)(PTI7_11_2018_000186B)

रेलवे में चोरी-डकैती डबल हुई है और मंत्रीजी तारीफ़ के रिट्वीट करते नहीं थक रहे

रेल मंत्री के ट्विटर हैंडल पर जाकर देखिए. वे उन्हीं ट्वीट को रिट्वीट करते हैं जिसमें यात्री तारीफ़ करते हैं. मगर सैकड़ों की संख्या में छात्र परीक्षा केंद्र को लेकर शिकायत कर रहे हैं, उन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं है.

नीतीश कुमार. (फोटो साभार: ट्विटर/@thevoiceofbihar)

एक कैंपस के भीतर 29 बच्चियों के साथ बलात्कार होता रहा और बिहार सोता रहा

बिहार की नीतीश कुमार सरकार इस मामले में चुप रही. वहीं बिहार का मीडिया और मुज़फ़्फ़रपुर का नागरिक समाज भी 29 बच्चियों के साथ हुए बलात्कार के इस मामले को लेकर चुप्पी साधे हुए है.

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लोकतंत्र में ऐसे लोगों की फौज घुस गई है जो जनता को ही बर्बाद कर रही है

जिस जनता के दम पर नेता जीत कर सरकार बना लेते हैं उस सरकार के सामने जनता लगातार हार रही है. उसका जनता बनना बाकी है. वह धार्मिक उन्माद, जातिवादी अहंकार के पीछे दौड़कर ख़ुद को जनता समझती रहे मगर जब भी वह आवाज़ उठाएगी, कुचल दी जाएगी.

(फोटो: रॉयटर्स)

फ्रांस से आगे निकला भारत लेकिन प्रति व्यक्ति जीडीपी फ्रांस से 20 गुना कम

भारत की आबादी एक अरब 37 करोड़ है और फ्रांस की साढ़े छह करोड़. फ्रांस की प्रति व्यक्ति जीडीपी भारत से 20 गुना ज़्यादा है. ये आपको अरुण जेटली नहीं बताएंगे क्योंकि इससे हेडलाइन की चमक फीकी हो जाती है.