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रीतू तोमर

दिल्ली विश्वविद्यालय के अस्थायी शिक्षकों को सड़क पर क्यों उतरना पड़ा?

बीते एक सप्ताह से दिल्ली विश्वविद्यालय के एडहॉक शिक्षक दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के नेतृत्व में स्थायी नियुक्ति को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. नियुक्ति के अलावा इनकी कई और मांगें हैं, जिनमें वीसी का इस्तीफ़ा भी शामिल है.

देश में महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोलते एनसीआरबी के आंकड़े

वीडियोः देश में लगातार सामने आ रहे बलात्कार और यौन हिंसा के मामले महिला सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले दावों के उलट हैं. एनसीआरबी की हालिया रिपोर्ट बताती है कि बीते तीन सालों में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में कोई कमी नहीं आई है.बता रही हैं रीतू तोमर.

कमलेश तिवारी हत्याकांड: पत्नी और मां के बयानों में विरोधाभास क्यों?

वीडियो: बीते 18 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी. कमलेश की पत्नी और मां के अलग-अलग बयानों ने मामले को और उलझा दिया है.

समाज आपको कभी भूलने नहीं देता कि आप औरत हैं: शूटर दादी

साक्षात्कार: उत्तर प्रदेश के बागपत ज़िले के जोहरी गांव की दो महिलाएं- चंद्रो और प्रकाशी तोमर ‘शूटर दादी’ के नाम से मशहूर हैं. 60 की उम्र में स्थानीय राइफल क्लब में शूटिंग सीखकर कई कीर्तिमान बना चुकीं इन दोनों महिलाओं के जीवन पर बनी हिंदी फिल्म ‘सांड की आंख’ हाल ही में रिलीज़ हुई है. इन शूटर दादियों से रीतू तोमर की बातचीत.

डीयू: क्या दलित होने की वजह से एक प्रोफेसर को हिंदी का विभागाध्यक्ष नहीं बनाया जा रहा है?

विशेष रिपोर्ट: दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष पद के लिए दो प्रोफेसरों के बीच खींचतान चल रही है. इसकी वजह से विभाग के अध्यक्ष पद की नियुक्ति अब तक नहीं हो सकी है.

केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे सरोगेसी विधेयक का विरोध क्यों हो रहा है?

केंद्र की मोदी सरकार ने कॉमर्शियल सरोगेसी पर लगाम लगाने के लिए सरोगेसी विनियमन विधेयक, 2019 बीते अगस्त महीने में लोकसभा में पारित किया था, जिसके बाद से इसका विरोध शुरू हो गया है.

Policemen keep watch during a protest rally organised by various trade unions in Mumbai, February 28, 2012. REUTERS/Danish Siddiqui

किन परिस्थितियों में काम करती है देश की पुलिस?

वीडियो: बीते दिनों कॉमन कॉज़, लोकनीति और सीएसडीएस संगठनों ने देश के 12 हज़ार से अधिक पुलिसकर्मियों पर किए गए एक सर्वेक्षण की रिपोर्ट जारी की. इसमें बताया गया है कि देश में कानून और व्यवस्था की ज़िम्मेदारी संभालने वाले पुलिसकर्मी क्या सोचते हैं और किन परिस्थितियों में काम करते हैं. रिपोर्ट के बारे में विस्तार से बता रही हैं रीतू तोमर.

भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दर्द को बयां करतीं तस्वीरें

वीडियो: दिल्ली के मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर भारत-पाकिस्तान विभाजन पर आधारित एक फोटो प्रदर्शनी लगी है, जिसमें बंटवारे से प्रभावित लोगों की कहानियों को साझा किया गया है.

‘गांधी और जिन्ना ने एक दूसरे को समझा होता तो देश का इतिहास कुछ और होता’

वरिष्ठ पत्रकार और लेखिका शीला रेड्डी से उनकी किताब ‘मिस्टर एंड मिसेज़ जिन्नाः द मैरिज दैट शूक इंडिया’ को लेकर रीतू तोमर से बातचीत.

क्यों बंद हो गया दिल्ली की पहचान रहा संडे बुक मार्केट

नई दिल्ली स्थित दरियागंज के चर्चित संडे बुक मार्केट को ट्रैफिक पुलिस की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद बंद कर दिया गया है. इस फैसले के बाद यहां किताब की दुकान लगाने वाले व्यापारियों के सामने रोज़गार का संकट पैदा हो गया है.

क्यों बंद हो गया दिल्ली की पहचान रहा संडे बुक मार्केट

वीडियो: दरियागंज के चर्चित संडे बुक मार्केट को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद बंद कर दिया गया है. यहां के किताब विक्रेताओं का कहना है कि अतिक्रमण हटाने में प्रशासन की नाकामी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है.

‘मेरे पिता कहते थे कि जीवन में जितने बड़े विलेन आएंगे, तुम उतने ही बड़े हीरो बनोगे’

साक्षात्कार: आईआईटी प्रवेश की तैयारी के लिए चर्चित ‘सुपर 30’ कोचिंग के संस्थापक आनंद कुमार की ज़िंदगी पर आधारित फिल्म इस हफ्ते रिलीज़ हुई है. उनसे रीतू तोमर की बातचीत.

‘कुछ कोचिंग माफिया, नौकरशाह, नेता हैं, जो नहीं चाहते कि आनंद कुमार पर फिल्म आए’

वीडियो: आईआईटी प्रवेश की तैयारी के लिए बिहार स्थित चर्चित ‘सुपर-30’ के संस्थापक आनंद कुमार से रीतू तोमर की बातचीत.

‘अपनी रचनाओं में स्त्रियों के लिए जो टैगोर, शरतचंद ने किया, वो अब के लेखक नहीं कर पाए हैं’

साक्षात्कारः हिंदी की वरिष्ठ लेखिका और साहित्यकार ममता कालिया का कहना है कि स्त्री विमर्श के लिए हमें सिमोन द बोउआर तक पहुंचने से पहले महादेवी वर्मा को पढ़ना पड़ेगा, जिन्होंने 1934 में ही लिख दिया था कि हम स्त्री हैं. हमें न किसी पर जय चाहिए, न पराजय, हमें अपनी वह जगह चाहिए जो हमारे लिए निर्धारित है.