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सचिन कुमार जैन

Farmers Reuters

किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घाटे का सौदा है

वास्तव में किसानों से उपज खरीदने वालों से व्यापार में नैतिकता की अपेक्षा भर की जाती रही. सरकार ने यह कोशिश कभी नहीं की कि किसानों को उचित कीमतें मिलें.

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क्या खेती करने में बुद्धि का इस्तेमाल नहीं होता?

खेती से जुड़े किसी भी काम को अकुशल श्रम माना जाता है. क्या मिट्टी की पहचान के साथ फसल तय करने में बुद्धि का इस्तेमाल नहीं होता? बीज अंकुरित होगा या नहीं, यह जांचना गैर-तकनीकी काम है? कौन से उर्वरक-खाद डालना है, कब डालना है, क्या यह विशेषज्ञता का काम नहीं है?

Rewa (31)

विकास के लिए आदिवासियों और दलितों की ही बलि क्यों दी जाती है?

भारत के प्रधानमंत्री सबको घर उपलब्ध करवाने का वायदा करते हैं, वहीं मध्य प्रदेश सरकार आदिवासियों के बने बनाए घर तोड़ रही है.

Indian labourers are silhouetted against a sunset as they return home after day-long work at a construction site in the northern Indian city of Chandigarh, December 18, 2005. Acceleration in economic growth has made India amongst the 10 fastest growing developing countries. Yet, about 30 percent of India's more than one billion people live below the official poverty line of 2,100-2,400 calories a day. REUTERS/Ajay Verma

किसान से रिश्ता मत तोड़िये, समाज टूट जाएगा

किसान सरकारी कर्मचारियों की तरह काम बंद नहीं करता है. सूखे, बाढ़ समेत तमाम संकट से जूझ रहा है लेकिन अपना पुरुषार्थ नहीं छोड़ता. हमें सरकार के उस भुलावे से बाहर निकलना होगा कि बड़े उद्योगपति आयेंगे और देश में बहार आ जाएगी.