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सिद्धार्थ वरदराजन

प्रज्ञा सिंह ठाकुर. (फोटो: पीटीआई)

भाजपा का असली अपराध प्रज्ञा ठाकुर को सांसद बनाना था

भाजपा के लोग चाहे जो दिखावा करें, लेकिन प्रज्ञा ठाकुर भारत के लिए शर्मिंदगी का सबब हैं. वे संसद और इसकी सलाहकार समिति के लिए शर्मिंदगी की वजह हैं. और निश्चित तौर पर वे अपने राजनीतिक आकाओं के लिए भी शर्मिंदगी का कारण हैं. लेकिन शायद उन्हें इस शब्द का मतलब नहीं पता.

फाइल फोटो: संदीप शंकर

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के भारत के भविष्य के लिए क्या मायने हैं?

शनिवार को शीर्ष अदालत ने उन लोगों के पक्ष में फ़ैसला दिया, जो सीधे तौर पर बाबरी मस्जिद गिराने के मुख्य आरोपियों से जुड़े हुए हैं. और यह देश के लिए ठीक नहीं है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi in a group photograph with the Members of European Parliament, at 7, Lok Kalyan Marg, New Delhi on October 28, 2019.

यूरोपीय सांसद कश्मीर में, विपक्षी सांसद बाहर, लोकतंत्र नदारद

केवल एक तानाशाह सरकार विपक्षी नेताओं के किसी राज्य में जाने पर रोक लगाकर विदेशी सांसदों को वहां ले जाती है.

New Delhi: Home Minister Amit Shah looks on during the 'Hindi Divas Samaroh' in New Delhi, Saturday, Sept. 14, 2019. Hindi Divas is observed to mark the decision of the Constituent Assembly to extend official language status to Hindi on this day in 1949. Hindi Divas was first observed in 1953. (PTI Photo/Vijay Verma)(PTI9_14_2019_000073B)

अमित शाह की एनआरसी योजना का मक़सद सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना है

भाजपा मतदाताओं का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने के लिए बेताब है. ऐसे में एनआरसी का इस्तेमाल भारत का ध्रुवीकरण करने के लिए इस तरह से किया जा सकता है, जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं.

New Delhi: Union Home Minister Amit Shah speaks during the resolution on Kashmir in the Lok Sabha, in New Delhi, Tuesday, Aug 6, 2019. (LSTV/PTI Photo) (PTI8_6_2019_000028B)

सरकार को बिना मुकदमे के किसी को आतंकवादी घोषित करने का अधिकार देना ख़तरनाक है

नया यूएपीए क़ानून सरकार को अभूतपूर्व शक्तियां देने वाला है, जो उसकी ताक़त के साथ ही उसकी जवाबदेही भी बढ़ाता है.

Srinagar Public The Wire

‘कश्मीर पर संसद में बिल पास करना भाजपा की गुंडागर्दी है’

वीडियो: जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के केंद्र सरकार के फैसले पर श्रीनगर के लोगों से बातचीत.

Pellet Victims Mother SMHSH The Wire Photo

जम्मू कश्मीर: सरकार का ‘शांति’ का दावा, पर अस्पताल में पैलेट से घायलों की बढ़ती संख्या

वीडियो: अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सरकार द्वारा घाटी में ‘शांति’ के दावे के बीच बीते कुछ दिनों में श्रीनगर के श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल में पैलेट गन से घायल हुए करीब दो दर्जन मरीज भर्ती हुए हैं

Mohan Bhagwat-Amit Shah PTI

अनुच्छेद 370: संघ के सपने को पूरा करने के लिए संविधान को तार-तार कर दिया गया

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने न सिर्फ अनुच्छेद 370 की आत्मा को ख़त्म किया, बल्कि एक कदम आगे बढ़ते हुए पूरे राज्य के अस्तित्व को समाप्त करते हुए इसे दो हिस्सों में बांट दिया, जहां कानून-व्यवस्था और ज़मीन जैसे अहम मसलों पर फैसला नई दिल्ली में बैठे नौकरशाहों द्वारा लिया जाएगा.

Pellet Injured Kashmir Photo SV

कश्मीर में शांति के दावों के बीच पैलेट से घायल होने वालों की बढ़ती संख्या

ग्राउंड रिपोर्ट: अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सरकार द्वारा घाटी में ‘शांति’ के दावे के बीच बीते कुछ दिनों में श्रीनगर के श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल में पैलेट गन से घायल हुए करीब दो दर्जन मरीज भर्ती हुए हैं.

A view of the full bench of the International Court of Justice as the verdict is delivered in the Kulbhushan Jadhav case at The Hague on Wednesday, July 17. Photo: ICJ

कुलभूषण जाधव पर आईसीजे के फ़ैसले के मायने

आईसीजे और अंतरराष्ट्रीय क़ानून से फिलहाल बस थोड़ा-सा समय मिला है, जिसका उपयोग भारत और पाकिस्तान दोनों के ही राजनीतिक नेतृत्व को उस संकट से बाहर निकलने में करना चाहिए, जहां एक इंसान की ज़िंदगी पर तलवार न लटक रही हो.

Home minister Amit Shah outside parliament. Image: PTI

समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले को लेकर किए अमित शाह के दावों में कितनी सच्चाई है?

गृहमंत्री अमित शाह का दावा है कि पिछली सरकार ने हिंदू धर्म को आतंकवाद से जोड़ने के लिए असली दोषियों को छोड़ दिया था, यदि ऐसा है तो एनआईए उन्हें पकड़ने की दिशा में कोई कदम क्यों नहीं उठा रही है?

The Prime Minister, Shri Narendra Modi and the President of United States of America (USA), Mr. Donald Trump at the Joint Press Statement, at White House, in Washington DC, USA on June 26, 2017.

ट्रम्प के कश्मीर पर मध्यस्थता के दावे से नरेंद्र मोदी की राजनीतिक समझ पर सवाल उठते हैं

जहां सारी दुनिया को इस बात का एहसास जल्द ही हो गया था कि डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में अमेरिका एक भरोसेमंद साथी नहीं है, नरेंद्र मोदी ने इसके बावजूद भारत के वॉशिंगटन से संबंध प्रगाढ़ किए. यह कहने की ज़रूरत नहीं है कि इसकी कीमत क्या होगी.

लोकसभा चुनाव रुझानों में भाजपा गठबंधन का बढ़त मिलने के बाद नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

क्या भाजपा की जीत को ‘भारत की जीत’ कहा जा सकता है?

नरेंद्र मोदी की जीत का भारत के लिए क्या अर्थ निकलता है? एक हद तक यह उन्हें और भाजपा को दावा करने का मौका देता है कि पिछले पांच सालों में उन्होंने जो कुछ भी किया है, उसके प्रति जनता ने अपना विश्वास जताया है. पर क्या यह सच है?

नमो टीवी पर नरेंद्र मोदी की चुनावी रैली का लाइव प्रसारण (फोटो: द वायर)

चुनाव आयोग का नमो टीवी को ‘राजनीतिक प्रचार’ बताना मोदी-शाह के ख़िलाफ़ कार्रवाई का रास्ता खोलना है

चुनाव आयोग नमो टीवी के कंटेंट के प्रमाणन की बात तो कर रहा है, लेकिन जनप्रतिनिधि क़ानून का उल्लंघन करने के लिए इसके मालिकों/लाभार्थियों के ख़िलाफ़ अब तक कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है.

हरेन पांड्या.

क्यों हरेन पांड्या हत्याकांड मामले के शुरुआती जांच अधिकारी इसकी दोबारा जांच चाहते हैं

मुख्यमंत्री के बतौर नरेंद्र मोदी के 13 साल के कार्यकाल के दौरान हुईं अनसुलझी हत्याओं और मुठभेड़ों में हरेन पांड्या की हत्या कई मायनों में सबसे बड़ी पहेली है. इस मामले की दोबारा जांच किए जाने में जितनी देरी की जाएगी, इसके सुरागों के पूरी तरह से नष्ट हो जाने की संभावना बढ़ती जाएगी.

Muslim Women Reuters

तीन तलाक़: मुस्लिम नहीं, पत्नियों को छोड़ देने वाले सभी पतियों को अपराध के दायरे में लाना चाहिए

पिछली जनगणना के अनुसार देश में 20 लाख से ज़्यादा महिलाएं अपने पति से अलग रहती हैं, जिन्हें छोड़ा गया है. ऐसा क़ानून आना चाहिए जिससे न केवल मुस्लिम बल्कि इस तरह पत्नियों को छोड़ देने वाले सभी पतियों को सज़ा मिल सके.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

1984 को लेकर राहुल गांधी को सच स्वीकार करने का साहस दिखाना चाहिए

‘अगर आप एक नेता हैं और आपकी नज़रों के सामने बड़ी संख्या में लोगों का क़त्ल किया जाता है, तब आप लोगों की ज़िंदगी बचा पाने में नाकाम रहने की जवाबदेही से मुकर नहीं सकते.’

(फोटो: रॉयटर्स)

हमें वाजपेयी के बिना ‘मुखौटे’ वाले असली चेहरे को नहीं भूलना चाहिए

1984 के राजीव गांधी और 1993 के नरसिम्हा राव की तरह वाजपेयी इतिहास में एक ऐसे प्रधानमंत्री के तौर पर भी याद किए जाएंगे, जिन्होंने पाठ तो सहिष्णुता का पढ़ाया, मगर बेगुनाह नागरिकों के क़त्लेआम की तरफ़ से आंखें मूंद लीं.

(फोटो: रॉयटर्स)

पत्रकारिता को स्टिंग ऑपरेशन से ज़्यादा ख़तरा ज़हर फैला रहे मीडिया से है

मीडिया मालिक अख़बारों और न्यूज़ चैनलों को सुधारने के लिए कुछ करें या न करें, लेकिन यह तो तय है कि जब तक हर रोज़, हर न्यूज़रूम में प्रतिरोध की आवाज़ें मौजूद रहेंगी, तब तक भारतीय पत्रकारिता बनी रहेगी.

Akhilesh-Yadav-and-Dimple-Yadav The Wire

2019 में भाजपा को हराने के लिए हम मायावती जी के साथ मज़बूत गठबंधन करेंगे: अखिलेश यादव

साक्षात्कार: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन की ख़ास बातचीत.

A make shift Ram temple comes up in place of Babri Masjid which was demolished by the Kar Sewaks a day before, Paramilitary force personal at the Make shift temple on 7th Dec 1992.

बाबरी विध्वंस: आज़ाद भारत का ख़त्म न होने वाला शर्मनाक अध्याय

इस अपराध की साज़िश रचने वालों ने खूब तरक्की की है और आज वे सत्ता में हैं. एक हिंदू वोट बैंक की कल्पना को साकार करने का अभियान उतनी ही शिद्दत से जारी है.

Doval Collage

शौर्य डोभाल की सफाई जवाब से ज़्यादा सवाल खड़े करती है

द वायर की रिपोर्ट पर इंडिया फाउंडेशन की प्रतिक्रिया बेहद असंतोषजनक है. फाउंडेशन द्वारा न तो रिपोर्ट में उठाये गये और न ही निदेशकों को भेजे गए किसी सवाल का स्पष्ट जवाब दिया गया है.

Gujrat Riots Amit Shah Maya Kodnani

गुजरात दंगे में माया कोडनानी की भूमिका और अमित शाह की गवाही के मायने

विशेष साक्षात्कार: ‘फिक्शन आॅफ फैक्ट फाइंडिंग: मोदी एंड गोधरा’ किताब केे लेखक मनोज मिट्टा से चर्चा कर रहे हैं द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन.

sushma-deendayal-jaishankar

क्या विदेश मंत्रालय ने संघ और भाजपा के प्रचार का ज़िम्मा ले लिया है?

दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशताब्दी से कुछ दिन पहले विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड एक ई-बुक में भाजपा को देश का एकमात्र राजनीतिक विकल्प बताया गया है.

Chetan Bhagat Amatnath Terror Attack and Zunaid Lynching

अमरनाथ बनाम जुनैद: ‘थ्री मिस्टेक्स’ आॅफ चेतन भगत

किसी एक त्रासदी के पीड़ितों को दूसरी त्रासदी के पीड़ितों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल करना हद दर्जे का ओछापन है, जहां पीड़ितों को इंसाफ दिलाने की बजाय राजनीतिक रोटियां सेंकी जाने लगती हैं.

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कुलभूषण जाधव और फ़ारूक़ अहमद डार: एक देश, दो नागरिक, दो सुलूक

बीते दिनों सेना के हाथों दो भारतीय अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का शिकार हुए हैं, लेकिन भारत सरकार के अधिकारी और पूरा देश इनमें से सिर्फ एक के अधिकारों के लिए लड़ता दिख रहा है.

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अगर मोदी मुस्लिम महिलाओं को उनका हक़ दिलाना चाहते हैं तो बिलकिस को इंसाफ क्यों नहीं दिलाया?

बिलकिस बानो को इंसाफ मिल पाया क्योंकि शेष भारत और देश की अन्य संस्थाओं में अभी अराजकता की वह स्थिति नहीं है, जिसे नरेंद्र मोदी ने अपने गृह राज्य गुजरात में प्रश्रय दिया था. पर अब धीरे-धीरे यह अराजकता प्रादेशिक सीमाओं को तोड़कर राष्ट्रीय होती जा रही है.

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ये देखना होगा कि भाजपा यूपी में मिली बेलगाम ताकत का इस्तेमाल कैसे करती है?

सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करके राजनीतिक समर्थन हासिल करने में मिली भाजपा की कामयाबी को अगर शासन के आदर्श के तौर पर स्वीकार कर लिया जाता है, तो आनेवाला समय देश के लिए अंधकारमय हो सकता है.

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एक्सक्लूसिव: जागरण में भाजपा के पक्ष में छपे एग्ज़िट पोल के पीछे आरएसएस कार्यकर्ता का हाथ

यह तो साफ है कि दैनिक जागरण द्वारा उत्तर प्रदेश चुनाव के पहले चरण के ठीक बाद उस एग्ज़िट पोल का प्रकाशन भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए बनाई गयी एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था, पर इस ‘चुनावी पटकथा’ का लेखक कौन था, इस पर अब तक रहस्य बना हुआ है.

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भाजपा के पक्ष में छपे जागरण के एक्ज़िट पोल के पीछे कौन है?

दैनिक जागरण में प्रकाशित एग्जिट पोल के लिए संपादक को बलि का बकरा नहीं बनाया जाना चाहिए, जिसके पीछे शायद उससे कहीं ज़्यादा ताकतवर लोगों का हाथ रहा हो.