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सुकन्या शांता

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गढ़चिरौली: गांववालों का आरोप, लापता बच्चों को माओवादी बताने के लिए पुलिस करा रही जबरन दस्तख़त

ग्राउंड रिपोर्ट: गट्टेपल्ली के पास अप्रैल के आखिरी हफ्ते में हुए कथित नक्सल एनकाउंटर के बाद गांव के लापता बच्चों में से एक के पिता ने कहा, ‘पुलिस हमारे बच्चों की हत्याओं को जायज़ ठहराने के लिए हमारा ही इस्तेमाल कर रही है.’

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वो पांच लोग जिन पर भीमा कोरेगांव हिंसा और मोदी की हत्या की साज़िश रचने का आरोप लगा है

भीमा कोरेगांव हिंसा के पीछे बताए जा रहे कथित नक्सल कनेक्शन के चलते ग़ैर-क़ानूनी गतिविधि (रोकथाम) क़ानून के तहत गिरफ़्तार किए गए पांचों लोगों के प्रति पुलिस और प्रशासन का यह रवैया नया नहीं है.

भीमा कोरेगांव हिंसा के ख़िलाफ़ मुंबई में दलित समुदाय द्वारा विरोध प्रदर्शन (फोटो: पीटीआई)

भीमा कोरेगांव: दलितों के ख़िलाफ़ हिंसा के आरोप में दलित कार्यकर्ता गिरफ़्तार

पुणे पुलिस ने माओवादियों से जुड़ाव का आरोप लगाते हुए तीन अलग-अलग शहरों से पांच सामाजिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और दलितों के साथ हुई हिंसा का ज़िम्मेदार बताया.

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क्या गढ़चिरौली ‘एनकाउंटर’ में नक्सलियों के साथ आम लोग भी मारे गए हैं?

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) द्वारा कथित रूप से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि गढ़चिरौली की इंद्रावती नदी में ‘एनकाउंटर’ के बाद मिले 40 शवों में से केवल 22 शव इस समूह के लोगों के हैं.

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गढ़चिरौली से ग्राउंड रिपोर्ट: नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष में गांववाले पिस रहे हैं

गढ़चिरौली में बीते दिनों हुए ‘एनकाउंटर’ में कसनसुर गांव के लोग बच तो गए लेकिन उनके चेहरों पर चिंता साफ़ दिखती है. वे दशकों से जिस भंवरजाल में फंसे हैं, वहां हमेशा एक तरफ पुलिस का ख़तरा बना रहता है तो दूसरी ओर नक्सलियों का.

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40 कथित नक्सलियों का पुलिस ‘एनकाउंटर’ और गांव से ग़ायब बच्चे

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में सी-60 कमांडो और नक्सलियों के बीच कथित मुठभेड़ में 40 लोगों की मौत हो जाने के बाद, एक गांव अपने मृतकों की पहचान करने का इंतज़ार कर रहा है.

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महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में चल रहा है फ़र्ज़ी आत्मसमर्पण का खेल

2003 में महाराष्ट्र सरकार ने नक्सल-विरोधी अभियान के तहत गांवों को ‘नक्सल-मुक्त’ बनाने के लिए इनाम देना शुरू किया. इस प्रक्रिया में आम गांव वालों को नक्सली बताकर फ़र्ज़ी आत्मसमर्पण करवाया जा रहा है.