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विशाल जायसवाल

Migrants wait to board a bus to their native villages, during a nationwide lockdown imposed in the wake of coronavirus pandemic, at Kaushambi in Ghaziabad, Saturday, March 28, 2020.
(Photo: PTI)

पलायन कर रहे मज़दूरों ने कहा, बीमारी से भी मरना है और भूख से भी

वीडियो: कोरोना वायरस के कारण हुए देशव्यापी लॉकडाउन के बाद दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले दिहाड़ी मज़दूर अपने-अपने घर जाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गईं बसों में जगह पाने के लिए देर रात भटकते रहे. गाजियाबाद के कौशाम्बी बस अड्डे पर मज़दूरों से विशाल जायसवाल की बातचीत.

Dainik Bhaskar Sana Marine Interview

फिनलैंड की पीएम का फ़र्ज़ी इंटरव्यू छापने पर दैनिक भास्कर को प्रेस काउंसिल ने भेजा नोटिस

द वायर से बातचीत में दैनिक भास्कर की ओर से कहा गया, ‘हम अपने फ्रीलांस पत्रकार सिद्धार्थ राजहंस के धोख़े का शिकार हुए हैं. उन्होंने हमसे जालसाज़ी की है. हम उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी क़दम उठा रहे हैं. साथ ही फिनलैंड के प्रधानमंत्री कार्यालय और दूतावास को माफ़ीनामा भी भेज रहे हैं.

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‘सरकार में बैठे लोगों ने सांप्रदायिक माहौल बनाकर कराए दंगे’

साक्षात्कार: बीते रविवार से दिल्ली में शुरू हुए दंगे की आग में अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं. इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय से लेकर दिल्ली पुलिस तक पूरा प्रशासनिक महकमा मूकदर्शक बना रहा. दंगा रोकने में नाकाम रही दिल्ली पुलिस पिछले कुछ समय से अपनी कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवालों के घेरे में है. सांप्रदायिकता, दंगा और पुलिस की भूमिका पर पूर्व आईपीएस अधिकारी और ‘शहर में कर्फ्यू’ के लेखक विभूति नारायण राय से विशाल जायसवाल की बातचीत.

Delhi Violence

दिल्ली दंगों के दौरान पुलिस को देखकर लगा मानो उसे लकवा मार गया हो: पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह

साक्षात्कार: बीते रविवार से दिल्ली में शुरू हुए दंगे की आग में अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से अधिक लोग घायल हैं. इस दौरान दिल्ली पुलिस की भूमिका पर लगातार उठ रहे सवालों पर पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह से विशाल जायसवाल की बातचीत.

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‘राजनीतिक दबाव के चलते दंगा रोकने में नाकाम हुई दिल्ली पुलिस’

वीडियो: बीते रविवार से दिल्ली में शुरू हुए दंगे की आग में अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं. इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय से लेकर दिल्ली पुलिस तक पूरा प्रशासनिक महकमा मूकदर्शक बना रहा. दंगा रोकने में नाकाम रही दिल्ली पुलिस पिछले कुछ समय से अपनी कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवालों के घेरे में है. सांप्रदायिकता, दंगा और पुलिस की भूमिका पर पूर्व आईपीएस अधिकारी और ‘शहर में कर्फ्यू’ के लेखक विभूति नारायण राय से विशाल जायसवाल की बातचीत.

स्थानीय लोगों से बात करते नागरिक सत्याग्रह के सदस्य. (फोटो: द वायर)

नागरिकता क़ानून: यूपी में नागरिक सत्याग्रह निकाल रहे छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता गिरफ़्तार

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी पर गाजीपुर स्थित सदर के एसडीएम प्रभास कुमार ने कहा कि इस समूह को किसी भी जुलूस की अनुमति नहीं थी और उनके पास से जो पर्चे मिले उसमें सीएए-एनआरसी के विरुद्ध भी कुछ बातें थीं. उनकी गिरफ़्तारी केवल अव्यवस्था फैलाने की आशंकाओं पर की गई है.

(फोटो: द वायर)

जेएनयू हिंसा: एक महीने बाद भी कार्रवाई न होने पर शिक्षकों का पुलिस हेडक्वार्टर पर प्रदर्शन

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को एक पत्र लिखकर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है. शिक्षक संघ के अध्यक्ष डीके लोबियाल ने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी और दोषी पकड़े नहीं जाएंगे तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.

शाहीन बाग. (फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को कितना प्रभावित करेगा शाहीन बाग़?

दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर हमला करने के लिए शाहीन बाग़ में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ क़रीब दो महीने से चल रहे प्रदर्शन का इस्तेमाल कर रही है. यह मुद्दा न सिर्फ भाजपा के स्थानीय नेता उठा रहे हैं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत हर भाजपा नेता शाहीन बाग़ के प्रदर्शन के नाम पर दिल्ली के मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश करते दिखे हैं.

गांधीनगर मार्केट. (फोटो: द वायर)

दिल्ली चुनाव: गांधीनगर सीट पर आप, कांग्रेस और भाजपा में किसका पलड़ा भारी?

एशिया के कपड़ों का सबसे बड़ा मार्केट कहा जाने वाला पूर्वी दिल्ली का गांधीनगर व्यापारियों का इलाका है. गांधीनगर सीट लंबे समय तक कांग्रेस का गढ़ रही है. साल 1993 में भाजपा ने यह सीट जीती थी जिसके बाद लगातार चार बार कांग्रेस नेता अरविंदर सिंह लवली ने यहां से जीत दर्ज की. हालांकि साल 2015 में आम आदमी पार्टी की लहर में कांग्रेस का यह किला भी ढह गया.

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दिल्ली विधानसभा चुनाव: क्या है गांधीनगर के मतदाताओं का मूड?

वीडियो: एशिया के कपड़ों के सबसे बड़े मार्केट में से एक दिल्ली के गांधीनगर में आम आदमी पार्टी ने नवीन चौधरी, भाजपा ने आप से आए अनिल वाजपेयी और कांग्रेस ने अरविंदर सिंह लवली को उम्मीदवार बनाया है. यहां के लोगों से जीएसटी, सीलिंग के साथ बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विशाल जायसवाल की बातचीत.

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‘यूपी पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में अधिकतर लोगों को कमर के ऊपर गोली मारी’

वीडियो: देश के करीब 30 विश्वविद्यालयों के छात्रों ने उत्तर प्रदेश के हिंसा प्रभावित 15 जिलों में जाकर एक फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट तैयार की है. ‘नागरिक सत्याग्रह’ नाम की मुहिम के तहत तैयार की गई इस रिपोर्ट से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता मनीष शर्मा से विशाल जायसवाल की बातचीत.

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नागरिकता क़ानून: ‘मोदी सरकार को जनता के सामने झुकना ही पड़ेगा’

वीडियो: बीते 19 दिसंबर को नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शन से पहले लखनऊ में हिरासत में लिए गए मानवाधिकार संगठन रिहाई मंच के अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील मोहम्मद शोएब एक महीने जेल में रहने के बाद हाल ही में ज़मानत पर रिहा हुए हैं. मोहम्मद शोएब से विशाल जायसवाल की बातचीत.

यूपी के गोरखपुर में 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते हुए. (फोटो: पीटीआई)

‘यूपी पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में अधिकतर लोगों को कमर के ऊपर गोली मारी’

उत्तर प्रदेश के हिंसा प्रभावित 15 ज़िलों में जाकर देश के क़रीब 30 विश्वविद्यालयों के छात्रों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और कहा गया है कि उसने प्रदर्शन को रोकने और लोगों को खदेड़ने के बजाय लोगों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं और युवाओं ख़ासकर नाबालिगों को निशाना बनाया गया.

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जेएनयू हिंसा: छात्रों का आरोप- जो एबीवीपी के नहीं थे, उन्हें निशाना बनाया गया

वीडियो: नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पांच जनवरी की रात हिंसा के शिकार छात्रों, प्रोफेसरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से विशाल जायसवाल की बातचीत.

New Delhi: Students outside the violence-affected Sabarmati Hostel of the Jawaharlal Nehru University (JNU), in New Delhi, Monday, Jan. 6, 2020. A group of masked men and women armed with sticks, rods and acid allegedly unleashed violence on the campus  of the University, Sunday evening. (PTI Photo/Atul Yadav)  (PTI1_6_2020_000070B)

जेएनयू पर हमले की कहानी, चश्मदीदों की ज़ुबानी

रविवार को देर शाम जेएनयू में बड़ी संख्या में बाहर से आए नकाबपोश लोगों ने छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया. इस दौरान जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष समेत कई छात्रों और शिक्षकों को गंभीर चोटें आईं.

नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती फिरोजाबाद के मोहम्मद शफीक. (फोटो: विशाल जायसवाल)

नागरिकता क़ानून: ‘पुलिस ने सीधे सिर में गोली मारी ताकि वे बच न सकें’

उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन के दौरान घायल मोहम्मद शफ़ीक़ नई दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं. परिजनों का आरोप है कि बीते 20 दिसंबर को काम से घर लौटने के दौरान पुलिस ने उनके सिर में गोली मार दी थी.

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झारखंड में भाजपा क्यों हारी?

वीडियो: झारखंड विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी भाजपा को करारी शिकस्त देते हुए झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन बड़ी जीत हासिल करने की ओर बढ़ रहा है. इस मुद्दे पर द वायर के डिप्टी एडिटर अजॉय आशीर्वाद से विशाल जायसवाल की बातचीत.

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नागरिकता क़ानून: पुलिस की गोली, ज़िंदगी और मौत के बीच झूलता मोहम्मद शफ़ीक़

वीडियो: उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन के दौरान घायल मोहम्मद शफ़ीक़ नई दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं. परिजनों का आरोप है कि बीते 20 दिसंबर को काम से घर लौटने के दौरान पुलिस ने उनके सिर में गोली मार दी थी. विशाल जायसवाल की परिजनों से बातचीत.

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‘बैंकों का विलय उन्हें बड़े उद्योगपतियों के हाथों में सौंपने की साजिश’

बैंकों के विलय और उनके निजीकरण के खिलाफ देशभर के बैंकों के संगठनों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों से विशाल जायसवाल की बातचीत.

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जंतर मंतर पर जलाई गईं नागरिकता संशोधन विधेयक की प्रतियां

लोकसभा में पास हुए नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन. प्रदर्शनकारियों से विशाल जायसवाल की बातचीत.

फोटो साभार: ट्विटर

‘जब 250 बच्चों के शिक्षा की व्यवस्था नहीं हो रही, तब करोड़ों बच्चों के भविष्य का क्या होगा?’

जेएनयू में फीस बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ चल रहे विरोध के बीच भारतीय जनसंचार संस्थान में भी फीस बढ़ाने को लेकर विरोध शुरू हो गया है. बीते 10 सालों में दोगुनी से अधिक बढ़ चुकी फीस को कम करने की मांग को लेकर संस्थान के छात्र पिछले तीन दिनों से धरने पर बैठे हैं.

साइकिल मार्च निकालकर दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास जाते प्रदर्शनकारी छात्र और शिक्षक.

‘छात्रों के लिए हॉस्टल बनवाने के बजाय विश्वविद्यालय की ज़मीन को बिल्डरों को सौंपना ग़लत है’

दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में रक्षा मंत्रालय के स्वामित्व की ज़मीन पर एक निजी बिल्डर द्वारा उनतालीस मंज़िला इमारत का निर्माण शुरू होने के ख़िलाफ़ विश्वविद्यालय के शिक्षक और छात्र हड़ताल पर हैं. उनकी मांग है कि इस ज़मीन पर विश्वविद्यालय का हक़ है और यहां विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल बनना चाहिए.

(फोटो: द वायर)

उत्तर प्रदेश: ललितपुर की ग्रेनाइट खनन कंपनी ने 70 से अधिक कर्मचारियों को निकाला

उत्तर प्रदेश के ललितपुर ज़िले का मामला. ज़िले के कालापहाड़ और मडवारी गांव में ग्रेनाइट खनन का काम करने वाली माउंट विक्टोरिया कंपनी से निकाले जाने के बाद कर्मचारी पिछले एक महीने से हड़ताल पर बैठे हैं.

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वकीलों ने कहा- पुलिस ने आख़िरी क़दम पहले और पहला क़दम आख़िर में उठाया

वीडियो: दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में वकीलों का विरोध प्रदर्शन. प्रदर्शनकारियों से विशाल जायसवाल की बातचीत.

New Delhi: Delhi Police personnel hold a candle light protest at Delhi Police Headquarters over alleged repeated incidents of violence against them by lawyers, in New Delhi, Tuesday, Nov. 5, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI11_5_2019_000230B)

दिल्ली पुलिस का सवाल- हमारे मानवाधिकारों का क्या?

वीडियो: नई दिल्ली के तीस हज़ारी कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प के बाद पुलिस हेडक्वार्टर पर दिल्ली पुलिस का प्रदर्शन. प्रदर्शनकारियों से विशाल जायसवाल की बातचीत.

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बिहार के अनुदान आधारित शिक्षकों की समस्या पर ध्यान क्यों नहीं दे रही सरकार?

बिहार के अनुदान आधारित विद्यालयों में नियुक्त शिक्षक लंबे समय से अनुदान के बदले सरकारी स्कूलों की तरह वेतनमान की मांग कर रहे हैं. इन शिक्षकों ने नई दिल्ली में धरना देकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से अपनी समस्याओं के समाधान की गुहार लगाई है.

(फोटो: द वायर)

पीएमसी बैंक: ‘मोदी जी के बाद अब आरबीआई ने दूसरी नोटबंदी कर दी है’

वीडियो: आरबीआई ने पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (पीएमसी) के ग्राहकों के लिए छह महीने में सिर्फ़ 1,000 रुपये निकालने की सीमा तय कर दी है. इस मुद्दे पर ​नई दिल्ली में बैंक उपभोक्ताओं से विशाल जायसवाल की बातचीत.

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‘सबका साथ-सबका विकास में समान वेतनमान क्यों शामिल नहीं’

अनुदान के बजाय वेतनमान और बकाया भुगतान की मांग को लेकर बीते पांच सितंबर से बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के शिक्षक दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठे हैं. शिक्षकों से विशाल जायसवाल की बातचीत.

पत्रकार पवन जायसवाल.

नमक-रोटी की ख़बर करने वाले पत्रकार की रोज़ी-रोटी की कहानी

साक्षात्कार: उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील के तहत बच्‍चों को नमक और रोटी दिए जाने की ख़बर करने के कारण पत्रकार पवन जायसवाल के ख़िलाफ़ ज़िला प्रशासन ने केस दर्ज करा दिया है. द वायर से विशेष बातचीत में पवन ने इस मामले और अपने पत्रकारीय जीवन से जुड़ी चुनौतियों को साझा किया.

New Delhi: In this file photo dated Aug 2, 2016, is seen former Haryana chief minister Bhupinder Singh Hooda, in New Delhi. Hooda and Congress leader Sonia Gandhi's son-in-law Robert Vadra were booked on Saturday by Haryana Police for alleged irregularities in land deals in Gurgaon. An FIR against Vadra, Hooda and two companies - DLF and Onkareshwar Properties - has been registered at Kherki Daula police station in Gurgaon, Manesar Deputy Commissioner of Police Rajesh Kumar told PTI. (PTI Photo/Kamal Kishore)

क्या भूपेंद्र सिंह हुड्डा का बगावती तेवर कांग्रेस नेतृत्व पर दबाव बनाने का पैंतरा है?

हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीते 18 अगस्त को कांग्रेस के दिग्गज नेता और प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक रैली में बागी तेवर दिखाते हुए खुद को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर दिया. इसके बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या चौधरी बीरेंद्र सिंह और राव इंद्रजीत सिंह की तरह प्रदेश कांग्रेस का एक और बड़ा नेता पार्टी छोड़कर जाने वाला है?

कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन. (फोटो: द लीफलेट)

‘जम्मू कश्मीर की मीडिया को खुद नहीं पता कि राज्य में क्या हो रहा है’

साक्षात्कार: जम्मू कश्मीर में मीडिया की स्वतंत्रता को बहाल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाली कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन से विशाल जायसवाल की बातचीत.

New Delhi: Congress Parliamentary Party (CPP) Chairperson Sonia Gandhi arrives to attend the Congress Working Committee (CWC) meeting, in New Delhi, Saturday, August 10, 2019. The Congress Working Committee late on Saturday named Congress Parliamentary Party chairperson Sonia Gandhi as party's interim President. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI8_11_2019_000105B)

क्या कांग्रेस ये मान चुकी है कि गांधी परिवार के बाहर उसका कोई भविष्य नहीं है?

विशेष रिपोर्ट: दिसंबर 2017 में राहुल गांधी के लिए अध्यक्ष पद छोड़ने वाली सोनिया गांधी की मात्र 20 महीने बाद एक बार फिर से अध्यक्ष पद पर वापसी हुई है. बीते हफ्ते हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में उन्हें अंतरिम अध्यक्ष बनाने का फैसला लिया गया.

Indian security personnel stand guard along a deserted street during restrictions in Jammu, August 5, 2019. REUTERS/Mukesh Gupta

‘दुर्भाग्य से 370 के होने और जाने पर ठीक से चर्चा न तो संसद के अंदर हुई और न ही बाहर’

वीडियो: केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को ख़त्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के फैसले पर जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र के निदेशक आशुतोष भटनागर से विशाल जायसवाल की बातचीत.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: रॉयटर्स)

कश्मीर को लेकर मोदी सरकार के मन में क्या चल रहा है?

जम्मू कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और अमरनाथ यात्रा पर रोक और कई अन्य सरकारी आदेशों से राज्य में अफरातफरी और अनिश्चितता का माहौल है. प्रदेश में धारा 370 और अनुच्छेद 35 ए के भविष्य को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं.

Rahul Gandhi, President of India's main opposition Congress party, looks up before releasing his party's election manifesto for the April/May general election in New Delhi, India, April 2, 2019. REUTERS/Adnan Abidi/File Photo

क्या कांग्रेस के लिए वरदान साबित होगा राहुल गांधी का इस्तीफ़ा?

राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने के महीने भर बाद भी पार्टी में अध्यक्ष पद को लेकर किसी का चुनाव नहीं हो सका है. आने वाले महीनों में चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में अध्यक्ष चुनने में हो रही देरी पार्टी को भारी पड़ सकती है.

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‘हम चाहते हैं कि जब तक म्यांमार के हालात सुधर नहीं जाते, तब तक हमें यहां रहने दिया जाए’

अप्रैल 2018 में दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में बसे रोहिंग्या कैंप में आग लग गई थी, जिससे 25 परिवारों के करीब 250 रोहिंग्या शरणार्थी बेघर हो गए थे. इसके बाद उन्हें दूसरी जगह पर बसाया गया, लेकिन भारत में नागरिकता को लेकर चल रही बहस के बीच वे अमानवीय परिस्थितियों में चुपचाप ज़िंदगी गुज़ारने को मजबूर हैं.

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कैंप जलने के एक साल बाद दिल्ली में रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों का क्या है हाल?

वीडियो: दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में बसे रोहिंग्या मुसलमानों के कैंप में पिछले साल 15 अप्रैल को आग लग गई थी. इस घटना के एक साल बाद भी वे अमानवीय जीवन जीने के लिए मजबूर हैं. अभी भी सरकार की ओर से उनके लिए स्थायी तौर पर रहने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है.

अर्थला झील. (फोटो: विशाल जायसवाल)

‘जिन घरों को प्रशासन आज अवैध बताकर तोड़ रहा है, उनके बनने के दौरान वह कहां था?’

ग्राउंड रिपोर्ट: एनजीटी ने उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद की अर्थला झील के किनारे कथित तौर पर अवैध रूप से बसे क़रीब 500 घरों को तोड़ने का आदेश दिया है. यहां के रहवासियों का आरोप है कि जब भूमाफिया अवैध रूप से ज़मीन बेच रहे थे तब स्थानीय प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया और अब कार्रवाई के नाम पर उनके सिर से छत छीनी जा रही है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi gestures during the CSIR's Shanti Swarup Bhatnagar Prize for Science and Technology 2016-2018 ceremony in New Delhi, Thursday, Feb 28, 2019. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI2_28_2019_000105B)

मोदी के अपराध मुक्त राजनीति के वादे का क्या हुआ?

नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने से पहले बिना भेदभाव के एक साल के अंदर जिस संसद को अपराध मुक्त बनाने का वादा किया था वह पांच साल बाद भी पूरा नहीं हुआ. इस दौरान उनकी पार्टी के कई सांसदों और मंत्रियों पर कई गंभीर आरोप लगे मगर आपराधिक मुकदमा चलाने की बात तो दूर, उन्होंने सामान्य नैतिकता के आधार पर किसी का इस्तीफ़ा तक नहीं लिया.